Monday, 06 July 2026
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Neymar Retirement: ब्राजील की हार के साथ थमा नेमार का अंतरराष्ट्रीय सफर, एक सुनहरे अध्याय का अंत

Neymar ने विश्व कप 2026 से बाहर होने के बाद अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। पढ़िए उनके संघर्ष, रिकॉर्ड और सुनहरे करियर की कहानी।

न्यू जर्सी, संयुक्त राज्य अमेरिका: हर महान खिलाड़ी के करियर का एक ऐसा पल आता है, जब स्टेडियम की गूंज, करोड़ों प्रशंसकों की उम्मीदें और वर्षों की मेहनत एक भावनात्मक खामोशी में बदल जाती है।

6 जुलाई 2026 को ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब पांच बार की विश्व चैंपियन ब्राजील फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 16 में नॉर्वे से 2-1 से हारकर बाहर हो गई। अंतिम सीटी बजते ही ब्राजील के महान फुटबॉलर नेमार जूनियर (Neymar Jr.) मैदान पर ही बैठ गए, उनकी आंखों से आंसू बह रहे थे और कुछ ही देर बाद उन्होंने वह घोषणा कर दी, जिसकी किसी ब्राजीली प्रशंसक ने शायद कल्पना भी नहीं की थी।

34 वर्षीय नेमार ने कहा, “मैंने पूरी कोशिश की… लेकिन अब सब खत्म हो गया।” इसी के साथ उन्होंने ब्राजील की राष्ट्रीय टीम से अपने संन्यास का ऐलान कर दिया। लगभग 16 वर्षों तक पीली जर्सी पहनकर दुनिया भर में जादू बिखेरने वाले नेमार ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत उसी MetLife Stadium (न्यू जर्सी) में किया, जहां उन्होंने वर्ष 2010 में ब्राजील के लिए अपना पहला मैच खेला था।

साधारण परिवार से असाधारण फुटबॉलर तक

Neymar da Silva Santos Júnior का जन्म 5 फरवरी 1992 को ब्राजील के Mogi das Cruzes, साओ पाउलो राज्य में हुआ था। उनके पिता Neymar Santos Sr. स्वयं भी फुटबॉलर रहे थे, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण बड़ा करियर नहीं बना सके। मां नादिन सैंटोस (Nadine Santos) ने परिवार को संभालते हुए बेटे के सपनों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई।

बचपन में परिवार आर्थिक रूप से बेहद मजबूत नहीं था। कई बार सीमित संसाधनों के बीच नेमार ने फुटबॉल खेलना जारी रखा। शुरुआत उन्होंने सड़क और इनडोर फुटबॉल (Futsal) से की। कम उम्र में ही उनकी ड्रिब्लिंग, गति और गेंद पर नियंत्रण ने स्थानीय कोचों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

महज 11 वर्ष की उम्र में वे Santos FC की युवा अकादमी से जुड़ गए। यहीं से उनके पेशेवर करियर की मजबूत नींव पड़ी। किशोरावस्था में ही उन्हें ब्राजील का अगला बड़ा सितारा कहा जाने लगा।

Santos FC से यूरोप तक का सफर

2009 में नेमार ने Santos FC की सीनियर टीम से पदार्पण किया। अगले कुछ वर्षों में उन्होंने क्लब को कई महत्वपूर्ण सफलताएं दिलाईं। वर्ष 2011 में Santos ने Copa Libertadores का खिताब जीता, जो क्लब के लिए लगभग पांच दशक बाद सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी। इसी दौरान नेमार को दक्षिण अमेरिका का सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी माना जाने लगा।

उनके शानदार प्रदर्शन ने यूरोप के बड़े क्लबों का ध्यान आकर्षित किया और 2013 में वे FC Barcelona से जुड़ गए। यहां उन्होंने Lionel Messi और Luis Suárez के साथ फुटबॉल इतिहास की सबसे खतरनाक आक्रमण तिकड़ियों में से एक बनाई।

2014-15 सीजन में बार्सिलोना ने UEFA Champions League, La Liga और Copa del Rey जीतकर ऐतिहासिक ट्रेबल अपने नाम किया। उस सीजन में नेमार ने चैंपियंस लीग में 10 गोल किए और फाइनल में भी गोल दागा।

दुनिया का सबसे महंगा ट्रांसफर

2017 में फुटबॉल इतिहास का सबसे बड़ा ट्रांसफर हुआ। फ्रांस के Paris Saint-Germain (PSG) ने नेमार को लगभग 222 मिलियन यूरो (करीब 24 अरब रुपये) की रिकॉर्ड फीस देकर अपने साथ जोड़ा। इस रिकॉर्ड को आज भी विश्व फुटबॉल के सबसे चर्चित और महंगे ट्रांसफरों में गिना जाता है।

PSG में उन्होंने कई Ligue 1 खिताब जीते और क्लब को पहली बार UEFA Champions League 2020 के फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि बार-बार लगी चोटों ने उनके करियर की रफ्तार को कई बार प्रभावित किया।

इसके बाद उन्होंने सऊदी अरब के Al-Hilal क्लब का रुख किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण वहां लगातार खेल नहीं सके। बाद में वे अपने बचपन के क्लब Santos FC लौट आए, जहां से उन्होंने अपने करियर को फिर से संवारने की कोशिश की।

ब्राजील के लिए सुनहरा सफर

Neymar ने अगस्त 2010 में अमेरिका के खिलाफ फ्रेंडली मुकाबले में ब्राजील के लिए पदार्पण किया और पहले ही मैच में गोल कर दिया। अगले डेढ़ दशक में वे ब्राजील की पहचान बन गए।

उन्होंने 130 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 80 गोल किए और ब्राजील के इतिहास के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। केवल Cafu (142 मैच) ने उनसे अधिक बार ब्राजील की जर्सी पहनी। Neymar ने विश्व कप 2014, 2018, 2022 और 2026 चार अलग-अलग विश्व कप में गोल करने वाले ब्राजील के केवल दूसरे खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी बनाया।

2026 विश्व कप में कैसा रहा नेमार का प्रदर्शन?

ब्राजील ने ग्रुप चरण में अच्छा प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट में जगह बनाई। हालांकि टूर्नामेंट के दौरान नेमार पूरी तरह फिट नहीं थे। हैमस्ट्रिंग की समस्या के कारण वे एक मुकाबले से बाहर भी रहे, लेकिन वापसी के बाद उन्होंने टीम के लिए निर्णायक योगदान दिया।

राउंड ऑफ 16 में East Rutherford (New Jersey) के MetLife Stadium में ब्राजील का सामना नॉर्वे से हुआ। मैच में नॉर्वे के स्टार स्ट्राइकर Erling Haaland ने दो शानदार गोल कर अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी। अतिरिक्त समय में नेमार ने पेनल्टी को गोल में बदलकर ब्राजील की उम्मीदें जगाईं, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। ब्राजील 2-1 से हार गया और विश्व कप से बाहर हो गया।

यह 1990 के बाद ब्राजील का सबसे खराब विश्व कप प्रदर्शन माना गया। लगातार छठी बार ब्राजील विश्व कप जीतने में नाकाम रहा और 2002 के बाद से उसका खिताब का इंतजार जारी है।

मैंने पूरी कोशिश की… लेकिन अब सब खत्म हो गया

अंतिम सीटी बजते ही Neymar मैदान पर बैठ गए। उनकी आंखों में आंसू थे। साथी खिलाड़ी उन्हें सांत्वना देते रहे, लेकिन वे अपने जज़्बात छिपा नहीं सके।

मैच के बाद उन्होंने भावुक होकर कहा—

“मैंने कोशिश की… मैंने पूरी कोशिश की। अब सब खत्म हो गया। मैंने यहीं से शुरुआत की थी और यहीं इसे खत्म कर रहा हूं।”

नेमार का यह बयान इसलिए भी खास था क्योंकि उन्होंने 2010 में अमेरिका के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू भी इसी स्टेडियम में किया था। लगभग 16 साल बाद उसी मैदान पर उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय सफर का अंत कर दिया।

Neymar के करियर के पांच यादगार पल

1. ब्राजील को पहला ओलंपिक फुटबॉल गोल्ड दिलाना (2016)

2016 रियो ओलंपिक नेमार के करियर का सबसे भावुक और ऐतिहासिक पल साबित हुआ। ब्राजील फुटबॉल की सबसे सफल टीम होने के बावजूद कभी भी ओलंपिक में स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी थी।

घरेलू मैदान माराकाना स्टेडियम में खेले गए फाइनल में जर्मनी के खिलाफ नेमार ने शानदार फ्री-किक से गोल किया। मैच 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ और फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ।

नेमार ने निर्णायक पेनल्टी को गोल में बदलकर ब्राजील को इतिहास का पहला ओलंपिक फुटबॉल स्वर्ण पदक दिलाया। यह जीत 2014 विश्व कप की निराशा के बाद पूरे देश के लिए गर्व का क्षण बन गई।

2. ‘La Remontada’  बार्सिलोना की ऐतिहासिक वापसी (2017)

UEFA Champions League 2016-17 के प्री-क्वार्टर फाइनल में बार्सिलोना को पहले चरण में पेरिस सेंट-जर्मेन (PSG) से 4-0 की करारी हार मिली थी। वापसी लगभग असंभव मानी जा रही थी, लेकिन कैंप नोउ में खेले गए दूसरे चरण में नेमार ने इतिहास रच दिया।

उन्होंने एक शानदार फ्री-किक गोल किया, पेनल्टी पर गोल दागा और अंतिम क्षणों में सर्जी रोबर्टो के निर्णायक गोल के लिए असिस्ट दिया। बार्सिलोना ने मुकाबला 6-1 से जीतकर कुल 6-5 के अंतर से क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

इस ऐतिहासिक वापसी को फुटबॉल इतिहास में ‘La Remontada’ के नाम से याद किया जाता है।

3. 2011 का फीफा पुस्कास अवॉर्ड जीतने वाला गोल

यूरोप पहुंचने से पहले ही नेमार अपनी असाधारण प्रतिभा से दुनिया का ध्यान आकर्षित कर चुके थे। 2011 में ब्राजीलियन क्लब सैंटोस की ओर से फ्लेमेंगो के खिलाफ खेले गए मुकाबले में उन्होंने ऐसा शानदार सोलो गोल किया जिसने फुटबॉल जगत को हैरान कर दिया। नेमार ने कई डिफेंडरों को ड्रिब्लिंग से छकाया और फिर गोलकीपर को चकमा देते हुए शानदार फिनिश किया।

इस गोल के लिए उन्हें 2011 का प्रतिष्ठित FIFA Puskás Award मिला, जो वर्ष के सर्वश्रेष्ठ गोल के लिए दिया जाता है। इस उपलब्धि ने उन्हें विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े उभरते सितारों में शामिल कर दिया।

4. पेले का रिकॉर्ड तोड़ा (2023)

सितंबर 2023 में फीफा विश्व कप क्वालिफायर के दौरान बोलीविया के खिलाफ नेमार ने दो गोल दागकर ब्राजील के महान खिलाड़ी पेले का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इन गोलों के साथ उनके अंतरराष्ट्रीय गोलों की संख्या 79 पहुंच गई और वे ब्राजील के इतिहास में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए।

पेले ने राष्ट्रीय टीम के लिए 77 गोल किए थे और दशकों तक यह रिकॉर्ड कायम रहा। Neymar की इस उपलब्धि को ब्राजील फुटबॉल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण व्यक्तिगत रिकॉर्डों में गिना जाता है। इस उपलब्धि ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर को और भी ऐतिहासिक बना दिया।

5. बार्सिलोना के साथ ऐतिहासिक ट्रेबल जीतना (2015)

2014-15 का सीजन नेमार के क्लब करियर का सबसे सफल दौर माना जाता है। बार्सिलोना में उन्होंने लियोनेल मेसी और लुइस सुआरेज़ के साथ मिलकर प्रसिद्ध ‘MSN’ आक्रमण तिकड़ी बनाई, जिसे फुटबॉल इतिहास की सबसे खतरनाक फॉरवर्ड लाइन में गिना जाता है।

इस सीजन में बार्सिलोना ने La Liga, Copa del Rey और UEFA Champions League जीतकर ऐतिहासिक ट्रेबल पूरा किया।

चैंपियंस लीग फाइनल में युवेंटस के खिलाफ नेमार ने अंतिम गोल कर टीम की 3-1 की जीत पर मुहर लगाई। पूरे सीजन में उनके शानदार प्रदर्शन ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों की श्रेणी में स्थापित कर दिया।

चोटें बनीं सबसे बड़ी दुश्मन

Neymar के करियर की सबसे बड़ी चुनौती उनकी प्रतिभा नहीं, बल्कि लगातार लगने वाली चोटें रहीं।

2014 विश्व कप में कोलंबिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में लगी गंभीर पीठ की चोट के कारण वे सेमीफाइनल नहीं खेल सके। इसके बाद टखने, घुटने और हैमस्ट्रिंग की कई चोटों ने उनके करियर को प्रभावित किया। कई बार वे बड़े टूर्नामेंटों से ठीक पहले फिटनेस हासिल करने के लिए संघर्ष करते रहे।

इसके बावजूद हर बार उन्होंने वापसी की और यह साबित किया कि वे दुनिया के सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में क्यों गिने जाते हैं।

एक अधूरे सपने के पीछे एक अमर विरासत

Neymar भले ही विश्व कप ट्रॉफी जीतने का सपना पूरा कर सके हों, लेकिन इससे उनके योगदान का महत्व कम नहीं होता। उन्होंने उस दौर में ब्राजील की जिम्मेदारी संभाली, जब देश नए सुपरस्टार की तलाश में था। कई वर्षों तक वे अकेले अपने कंधों पर पूरी टीम की उम्मीदों का बोझ उठाते रहे।

ब्राजील के नए मुख्य कोच Carlo Ancelotti ने भी नॉर्वे से हार के बाद कहा कि अब टीम एक “नए दौर” की शुरुआत करेगी, लेकिन नेमार का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।

नेमार का करियर इस बात का प्रमाण है कि महानता केवल ट्रॉफियों से नहीं मापी जाती। कभी साओ पाउलो की गलियों में फुटबॉल खेलने वाला एक लड़का दुनिया के सबसे बड़े मंच पर ब्राजील का चेहरा बन गया। शायद यही उनकी सबसे बड़ी जीत है।

विश्व कप 2026 में मिली हार ने उनके अंतरराष्ट्रीय सफर का अंत जरूर कर दिया, लेकिन फुटबॉल इतिहास में Neymar Junior का नाम हमेशा उन खिलाड़ियों में लिया जाएगा जिन्होंने अपने खेल, जुनून और जादुई कौशल से करोड़ों लोगों को फुटबॉल से प्यार करना सिखाया।

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MD Faijan

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लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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