वैभव सूर्यवंशी का टैलेंट जबरदस्त है, लेकिन फिर भी वो टीम इंडिया से बाहर क्यों हैं? जानिए ICC का वो नियम जिसने लगा रखी है उनके खेलने में रोक।
नई दिल्ली: वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने सिर्फ 14 साल की उम्र में बैट से तहलका मचा दिया था, आज भारतीय क्रिकेट का सबसे बड़ा नाम बन चुके हैं। रणजी डेब्यू से लेकर आईपीएल में सबसे तेज़ शतक और U-19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक 175 रन की पारी तक—वैभव ने हर जगह अपनी प्रतिभा का सबूत दिया है।
इसके बावजूद, क्रिकेट प्रेमियों के मन में सिर्फ एक ही सवाल है: इतनी उपलब्धियाँ हासिल करने के बाद भी उन्हें सीनियर राष्ट्रीय टीम में क्यों नहीं देखा जा रहा है? क्या यह चयनकर्ताओं की चूक है या कोई कानूनी बाधा? असल में, यह कोई खिलाड़ी नहीं, बल्कि आईसीसी का बहुत कड़ा ‘आयु नियम’ है जो वैभव के रास्ते में खड़ा है। आइए, करीब से देखें कि 27 मार्च, 2026 से पहले उनके लिए टीम इंडिया में शामिल होना क्यों असंभव है।
‘उम्र’ है असली बाधा
वैभव सूर्यवंशी के पास वो सब कुछ है जो एक इंटरनेशनल प्लेयर के पास होना चाहिए, लेकिन ICC की ‘न्यूनतम आयु नीति’ (Minimum Age Policy) उनके और टीम इंडिया के बीच दीवार बनी हुई है।
1. क्या है ICC का 15 साल वाला नियम?
नवंबर 2020 में, ICC ने एक सख्त निर्णय लिया। नियम के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी (महिला या पुरुष) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तब तक नहीं खेल सकता जब तक कि वह 15 वर्ष का न हो जाए।
- वैभव का जन्म 27 मार्च 2011 को हुआ था।
- फरवरी 2026 में वर्ल्ड कप जीतने के समय, उसकी उम्र केवल 14 साल थी।
- नियम के अनुसार, जब तक वह 27 मार्च 2026 को 15 साल का नहीं हो जाता, तब तक वह भारत के लिए कोई भी टेस्ट, ODI, या T20I मैच नहीं खेल सकता।
2. क्या BCCI कोई जुगाड़ लगा सकता है?
ICC के नियम में एक ‘छूट’ का विकल्प है, जहाँ बोर्ड खिलाड़ी की मानसिक और शारीरिक फिटनेस का हवाला देकर अनुमति मांग सकता है। लेकिन हकीकत यह है कि ICC इस मामले में बहुत सख्त है। BCCI ने भी अब तक वैभव के लिए ऐसी कोई विशेष मांग नहीं की है, क्योंकि वे चाहते हैं कि वैभव घरेलू क्रिकेट और IPL में थोड़ा और अनुभव हासिल कर लें।
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विश्व कप का सफर खत्म, पर IPL का रास्ता खुला
हैरानी की बात यह है कि वैभव, जिन्होंने भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप में जीत दिलाई थी, वहाँ फिर कभी नहीं खेल पाएंगे।
एक खिलाड़ी, एक वर्ल्ड कप: बीसीसीआई के नियमों के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी अपने जीवन में सिर्फ एक बार ही अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेल सकता है।
इसका मतलब है कि भले ही वैभव 2028 या 2030 में योग्य हों, वह टीम का हिस्सा नहीं होंगे।
अभी वैभव कहाँ खेलेंगे?
जब तक वह 15 साल के नहीं हो जाते, वे राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL 2026 खेल सकते हैं। IPL एक घरेलू टी20 लीग है, अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट नहीं। इसके अलावा वे बिहार के लिए रणजी ट्रॉफी में खेलेंगे। साथ ही, इंडिया-A के मैचों में भी अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 27 मार्च 2026 उनके करियर की अहम तारीख होगी। इसी दिन वह 15 साल के हो जाएंगे। इसके बाद भारतीय टीम के दरवाजे उनके लिए खुल सकते हैं। तब तक उनके पास खुद को और निखारने का समय है।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और बड़ी पारियां खेलने की क्षमता उन्हें खास बनाती है। कम उम्र में उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित करता है। यही गुण उन्हें भविष्य का संभावित सुपरस्टार बनाते हैं।
संभव है कि 2027 के वनडे विश्व कप में वह टीम का हिस्सा हों। शायद ओपनिंग में नई जिम्मेदारी निभाते दिखें। फिलहाल, फैंस को सिर्फ एक महीने का इंतजार है। इसके बाद भारतीय क्रिकेट का यह ‘सूरज’ अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक सकता है।
