मेसी, एम्बाप्पे, हालैंड और महरेज़ जैसे दिग्गज सोमवार (22 जून) को FIFA World Cup 2026 के अहम मुकाबले के लिए मैदान पर उतरेंगे। आज के सभी चार मुकाबलों के नतीजे ग्रुप चरण की तस्वीर बदल सकते हैं।
FIFA World Cup 2026 अपने ग्रुप चरण के निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है और सोमवार (22 जून) का दिन टूर्नामेंट के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज चार मुकाबले खेले जाने हैं जिनमें मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना, 2022 की उपविजेता फ्रांस, यूरोप की उभरती ताकत नॉर्वे और अफ्रीका की मजबूत टीम अल्जीरिया मैदान पर उतरेंगी।
इन मैचों के नतीजे न केवल अंक तालिका को प्रभावित करेंगे बल्कि कई टीमों के नॉकआउट चरण में पहुंचने की संभावनाओं को भी तय कर सकते हैं।
आज खेले जाने वाले मुकाबले हैं:
- अर्जेंटीना बनाम ऑस्ट्रिया
- फ्रांस बनाम इराक
- नॉर्वे बनाम सेनेगल
- जॉर्डन बनाम अल्जीरिया
इन चार मुकाबलों में दुनिया के कुछ सबसे बड़े फुटबॉल सितारे मैदान पर दिखाई देंगे। लियोनेल मेसी, किलियन एम्बाप्पे, एरलिंग हालैंड, लौतारो मार्टिनेज, मार्टिन ओडेगार्ड और रियाद महरेज़ जैसे खिलाड़ी अपने-अपने देशों का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे।
अर्जेंटीना बनाम ऑस्ट्रिया
विश्व चैंपियन अर्जेंटीना इस मुकाबले में स्पष्ट रूप से मजबूत टीम मानी जा रही है। लियोनेल स्कालोनी की टीम पिछले चार वर्षों से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे निरंतर प्रदर्शन करने वाली टीमों में शामिल रही है।
मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना ने अपने FIFA World Cup 2026 के अपने पहले मैच में अल्जीरिया को 3-0 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। कप्तान लियोनेल मेसी ने हैट्रिक लगाकर साबित कर दिया कि 39 वर्ष की उम्र में भी वह टीम के सबसे बड़े हथियार हैं।
अर्जेंटीना ने पूरे मैच में गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और अल्जीरिया को ज्यादा मौके नहीं दिए। इस जीत के बाद टीम ग्रुप में शीर्ष स्थान पर पहुंच गई और अब ऑस्ट्रिया के खिलाफ जीत उसे नॉकआउट के और करीब पहुंचा सकती है।
ऑस्ट्रिया ने अपने पहले विश्व कप मैच में जॉर्डन को 3-1 से हराकर तीन महत्वपूर्ण अंक हासिल किए थे। रोमानो श्मिड और मार्को अर्नाउटोविच ने टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया।
हालांकि अर्जेंटीना के खिलाफ चुनौती कहीं अधिक कठिन होगी। टीम को उम्मीद होगी कि मार्सेल साबित्जर और कॉनराड लाइमर जैसे खिलाड़ी मिडफील्ड में दबदबा बनाकर उलटफेर कर सकें।
अर्जेंटीना की रणनीति
स्कालोनी की कोचिंग में टीम आमतौर पर गेंद पर नियंत्रण रखने वाली फुटबॉल खेलती है। मिडफील्ड में एंजो फर्नांडिज, एलेक्सिस मैक एलिस्टेर और रोड्रिगो डी पॉल जैसे खिलाड़ी खेल की गति नियंत्रित करते हैं।
अर्जेंटीना की रणनीति के मुख्य बिंदुओं में शुरुआती मिनटों में गेंद पर कब्जा बनाए रखना और मेसी को फ्री रोल देना शामिल है। इसके साथ ही टीम विंग्स से लगातार आक्रमण करती है और मैदान पर लौतारो और अल्वारेज की मूवमेंट का पूरा फायदा उठाती है।

ऑस्ट्रिया की रणनीति
ऑस्ट्रिया जानती है कि यदि वह खुलकर खेलेगी तो अर्जेंटीना उसे भारी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए टीम रक्षात्मक दृष्टिकोण अपना सकती है।
इस मुकाबले में ऑस्ट्रिया की मुख्य रणनीति लो ब्लॉक डिफेंस बनाए रखना और काउंटर अटैक पर ध्यान केंद्रित करना है। इसके साथ ही टीम गोल करने के लिए सेट पीस पर निर्भर रहेगी और विरोधी कप्तान मेसी पर विशेष निगरानी रखेगी।

संभावित प्लेइंग इलेवन
अर्जेंटीना: एमिलियानो मार्टिनेज, मोलिना, रोमेरो, लिसांद्रो मार्टिनेज, टैग्लियाफिको, डी पॉल, एंजो फर्नांदेज, मैक एलिस्टर, मेसी, लौतारो मार्टिनेज, जूलियन अल्वारेज
ऑस्ट्रिया: पेंट्ज़, पोश, डांसो, लिनहार्ट, प्रास, सीवाल्ड, लाइमर, साबित्जर, श्मिड, ग्रेगोरित्श, आर्नाउटोविच
फ्रांस बनाम इराक
2022 विश्व कप विजेता फ्रांस आज इराक के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। फ्रांस इस समय विश्व फुटबॉल की सबसे प्रतिभाशाली टीमों में से एक मानी जाती है। किलियन एम्बाप्पे और माइकल ओलिस जैसे खिलाड़ी टीम को बेहद खतरनाक बनाते हैं।
फ्रांस ने अपने पहले मुकाबले में सेनेगल को 3-1 से हराकर विश्व कप अभियान की दमदार शुरुआत की। किलियन एम्बाप्पे ने एक बार फिर अपनी रफ्तार और फिनिशिंग से विरोधी रक्षा को परेशान किया।
फ्रांस ने मैच के अधिकांश समय गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और कई गोल मौके बनाए। कोच डिडिएर डेशॉम्प्स की टीम फिलहाल टूर्नामेंट की सबसे संतुलित टीमों में गिनी जा रही है। इराक के खिलाफ भी फ्रांस जीत की प्रबल दावेदार मानी जा रही है।
वहीं इराक को अपने पहले मुकाबले में नॉर्वे के खिलाफ 1-4 की करारी हार का सामना करना पड़ा था। टीम ने शुरुआती दौर में संघर्ष जरूर किया लेकिन एरलिंग हालैंड की अगुआई वाली नॉर्वे की आक्रामक फुटबॉल के सामने टिक नहीं सकी।
इराक की रक्षा पंक्ति कई मौकों पर कमजोर दिखाई दी। हालांकि टीम के लिए सकारात्मक बात यह रही कि उसने विश्व कप में अपना पहला गोल दर्ज किया। अब फ्रांस के खिलाफ इराक की कोशिश सम्मानजनक प्रदर्शन करने की होगी।
फ्रांस की रणनीति
डिडिएर डेशॉम्प्स के मार्गदर्शन में फ्रांस की फुटबॉल टीम अपनी तेज और बेहद आक्रामक शैली के लिए जानी जाती है। उनकी मुख्य रणनीति मैदान पर विरोधी टीम पर लगातार हाई प्रेसिंग यानी भारी दबाव बनाए रखने की होती है।
वे मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाकर शुरुआती गोल दागने की पूरी कोशिश करते हैं। इस रणनीति में स्टार फॉरवर्ड किलियन एम्बाप्पे की असाधारण गति (स्पीड) का भरपूर उपयोग किया जाता है, जिससे विपक्षी डिफेंस को संभलने का मौका न मिले।
लगातार हमले करना और विरोधी को बैकफुट पर रखना ही फ्रांसीसी टीम की असली ताकत है।

इराक की रणनीति
इराक को इस मैच में बने रहने के लिए बेहद अनुशासित डिफेंस का प्रदर्शन करना होगा। उनकी मुख्य रणनीति अपनी रक्षात्मक संरचना को पूरी तरह मजबूत रखने पर टिकी है।
वे विरोधी टीम के हमलों को रोककर मुख्य रूप से काउंटर अटैक पर निर्भर रहेंगे। इसके अलावा, फ्रांस के खतरनाक खिलाड़ी एम्बाप्पे को मैदान पर बिल्कुल भी स्पेस न देना उनकी योजना का अहम हिस्सा है।

संभावित प्लेइंग इलेवन
फ्रांस: मेन्यान, कुंडे, उपामेकानो, सलिबा, हर्नांडेज, टचौमेनी, कामाविंगा, ग्रिज़मैन, डेम्बेले, एम्बाप्पे, थुराम
इराक: हसन, अली, अदनान, साद, यासीन, अमर, इब्राहिम, मोहानद, अयमन, अली जसीम, हुसैन
नॉर्वे बनाम सेनेगल
यदि आज के चार मैचों में सबसे संतुलित मुकाबला चुनना हो तो वह नॉर्वे और सेनेगल के बीच होगा।
नॉर्वे के पास एरलिंग हालैंड और मार्टिन ओडेगार्ड जैसे सुपरस्टार हैं। नॉर्वे ने अपने विश्व कप अभियान की शुरुआत इराक पर 4-1 की शानदार जीत के साथ की। स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालैंड ने गोल कर अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी, जबकि कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड ने मिडफील्ड में मैच को नियंत्रित किया।
टीम का आक्रमण बेहद खतरनाक दिखाई दिया और टीम ने कई गोल के अवसर बनाए। सेनेगल के खिलाफ मुकाबला अधिक कठिन होगा, लेकिन पहले मैच के प्रदर्शन ने नॉर्वे का आत्मविश्वास काफी बढ़ा दिया है।
वहीं बात करें अफ्रीकी दिग्गज सेनेगल की तो टीम को पहले मैच में फ्रांस के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि स्कोरलाइन एकतरफा दिखती है, लेकिन सेनेगल ने कई मौकों पर फ्रांस को चुनौती दी थी।
इस्माइला सार और इलिमान एनडियाये ने आक्रमण में कुछ अच्छे मौके बनाए। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसका शारीरिक खेल और अनुशासित रक्षा है। नॉर्वे के खिलाफ मुकाबले में सेनेगल को अपनी कमजोरियों को सुधारना होगा।
यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि हार नॉकआउट की राह मुश्किल बना सकती है।
नॉर्वे की रणनीति
नॉर्वे की पूरी खेल शैली मुख्य रूप से उनके स्टार स्ट्राइकर एर्लिंग हालैंड के इर्द-गिर्द घूमती है। उनकी रणनीति विंग्स का इस्तेमाल करके लगातार क्रॉस डालने और पेनल्टी बॉक्स के भीतर हालैंड तक गेंद पहुंचाने की होगी।
इसके अलावा, मिडफील्डर मार्टिन ओडेगार्ड के जरिए गोल करने के बेहतरीन मौके बनाना और डिफेंस से अटैक में तेजी से ट्रांजिशन करना उनकी मुख्य ताकत है।

सेनेगल की रणनीति
सेनेगल की टीम का मुख्य फोकस मैदान के बीचों-बीच यानी मिडफील्ड पर अपना कड़ा नियंत्रण बनाए रखने पर रहेगा। उनकी सबसे बड़ी रक्षात्मक योजना खतरनाक स्ट्राइकर हालैंड को पूरी तरह अलग-थलग करने की है ताकि उन्हें गेंद न मिले।
इसके साथ ही वे मजबूत शारीरिक खेल का प्रदर्शन करते हुए तेजी से काउंटर अटैक के जरिए गोल करने की रणनीति अपनाएंगे।

संभावित प्लेइंग इलेवन
नॉर्वे: नाइलैंड, रायर्सन, ओस्टिगार्ड, आयर, मेलिंग, बर्ग, ओडेगार्ड, थोर्स्टवेड्ट, बोब, हालैंड, सॉर्लोथ
सेनेगल: मेंडी, साबाली, कुलिबाली, नियाकाते, जैकब्स, गुएये, कमारा, सर, दियात्ता, एनडियाये, डियालो
जॉर्डन बनाम अल्जीरिया
FIFA World Cup में आज के दिन के चौथे मुकाबले में जॉर्डन और अल्जीरिया आमने-सामने होंगे। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम है क्योंकि जीत उन्हें अगले दौर के करीब पहुंचा सकती है।
विश्व कप में पहली बार हिस्सा ले रही जॉर्डन की टीम को अपने पहले मुकाबले में ऑस्ट्रिया से 1-3 से हार मिली थी।
हालांकि टीम ने हार के बावजूद इतिहास रच दिया क्योंकि अली ओलवान ने जॉर्डन के लिए विश्व कप इतिहास का पहला गोल किया। जॉर्डन ने कई मौकों पर साहसी फुटबॉल खेली और अनुभव की कमी के बावजूद संघर्ष दिखाया।
वहीं अल्जीरिया को अपने शुरुआती मुकाबले में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना के खिलाफ 0-3 की हार झेलनी पड़ी थी। लियोनेल मेसी की हैट्रिक ने अल्जीरियाई रक्षा को पूरी तरह परेशान किया था।
हालांकि मैच के कुछ हिस्सों में अल्जीरिया ने गेंद पर अच्छा नियंत्रण दिखाया और कई आक्रामक योजनाएं भी बनाए। अब जॉर्डन के खिलाफ मुकाबला टीम के लिए बेहद अहम है क्योंकि हार उसकी नॉकआउट संभावनाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
जॉर्डन की रणनीति
मैच में मजबूत पकड़ बनाने के लिए जॉर्डन की टीम मुख्य रूप से रक्षात्मक अनुशासन बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करेगी।
उनकी रणनीति विरोधी टीम के हमलों को मजबूती से रोककर तेजी से काउंटर अटैक करने की होगी। इसके अलावा, वे सेट पीस (जैसे कॉर्नर और फ्री किक) के मौकों का भरपूर फायदा उठाकर गोल करने की पूरी कोशिश करेंगे।

अल्जीरिया की रणनीति
अल्जीरिया की रणनीति मुख्य रूप से गेंद पर नियंत्रण और तेज आक्रमण पर होगी। कोच व्लादिमीर पेटकोविच अपनी टीम को 4-2-3-1 फॉर्मेशन में उतार सकते हैं, जिसमें रियाद महरेज़ और मोहम्मद अमौरा जैसे खिलाड़ी विंग्स से मौके बनाएंगे।
मिडफील्ड में इस्माइल बेन्नासेर खेल की गति नियंत्रित करेंगे, जबकि टीम शुरुआती बढ़त लेकर जॉर्डन पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश करेगी।

संभावित प्लेइंग इलेवन
जॉर्डन:
अबू लैला, नसीब, अल अरब, अल अजालिन, अल मार्दी, अल रशदान, अल तामारी, अल नाइमात, सैफ, अबू हाशीश, यज़ान
अल्जीरिया:
मंद्रिया, अताल, मांडी, बेनसेबैनी, ऐत नूरी, बेन्नासेर, जेरोकी, महरेज़, अमौरा, बौनजाह, चाइबी
अंक तालिका पर कितना असर?
आज के मुकाबलों के बाद कई समूहों की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है। यदि अर्जेंटीना और फ्रांस जीतते हैं तो दोनों टीमें लगभग नॉकआउट में जगह सुनिश्चित कर लेंगी।
नॉर्वे-सेनेगल मुकाबले का विजेता अगले दौर की दौड़ में बड़ी बढ़त हासिल कर सकता है। अल्जीरिया की जीत उसे अपने समूह में शीर्ष स्थान की ओर ले जा सकती है।
भारत में कितने बजे शुरू होंगे मुकाबले?
अर्जेंटीना बनाम ऑस्ट्रिया – रात 10:30 बजे
फ्रांस बनाम इराक – सुबह 2:30 बजे (23 जून)
नॉर्वे बनाम सेनेगल – सुबह 5:30 बजे (23 जून)
जॉर्डन बनाम अल्जीरिया – सुबह 8:30 बजे (23 जून)
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