15 साल की उम्र में टीम इंडिया में शामिल होने वाले वैभव सूर्यवंशी की प्रेरणादायक कहानी, जिसने तोड़ा सचिन और शेफाली का रिकॉर्ड।
भारतीय क्रिकेट को समय-समय पर ऐसे खिलाड़ी मिलते रहे हैं जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा से दुनिया को चौंका दिया। कभी क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने किशोर अवस्था में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था, और अब वही चर्चा बिहार के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी है।
महज 15 साल के वैभव ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। जून-जुलाई के महीने में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले टी20 सीरीज के लिए बीसीसीआई ने उन्हें भारत की टी20 टीम में शामिल किया। इसके अलावा सितंबर महीने में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी वैभव का चयन हुआ है।
तोड़ा सचिन और शेफाली का रिकॉर्ड
आपको जानकर हैरानी होगी कि इस चयन के बाद वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट टीम में चुने जाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। 15 साल और 71 दिन के वैभव ने इस मामले में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी शेफाली वर्मा का रिकॉर्ड तोड़ा है। जब शेफाली का चयन भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए हुआ था, तब उनकी उम्र 15 साल और 220 दिन थी। इस लिहाज से वैभव ने शेफाली का रिकॉर्ड 149 दिनों के अंतर से तोड़ दिया है।
वहीं बात करें पुरुष क्रिकेटर की तो इससे पहले यह रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के नाम था। सचिन के टीम में चयन के वक्त उनकी उम्र 16 साल और 194 दिन थी। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञ लगातार यह भी कह रहे हैं कि वैभव की तुलना किसी महान खिलाड़ी से करने के बजाय उन्हें अपनी अलग पहचान बनाने का समय दिया जाना चाहिए।

बिहार के छोटे शहर से शुरू हुआ सफर
वैभव सूर्यवंशी का जन्म 27 मार्च 2011 को बिहार के समस्तीपुर जिले के ताजपुर में हुआ। क्रिकेट के प्रति उनका लगाव बचपन से ही दिखाई देने लगा था। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी खुद क्रिकेट के शौकीन थे और उन्होंने अपने बेटे की प्रतिभा को जल्दी पहचान लिया। परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद उनके प्रशिक्षण में कोई कमी नहीं छोड़ी।
बताया जाता है कि वैभव ने चार साल की उम्र से बल्ला पकड़ना शुरू कर दिया था। बाद में उन्हें पटना की क्रिकेट अकादमी में प्रशिक्षण दिलाया गया। उनके पिता अक्सर उन्हें समस्तीपुर से पटना तक लंबी दूरी तय कर अभ्यास के लिए ले जाते थे। यही मेहनत आगे चलकर उनके करियर की मजबूत नींव बनी।
12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी
वैभव की प्रतिभा इतनी असाधारण थी कि उन्होंने जनवरी 2024 में मात्र 12 वर्ष की उम्र में बिहार के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में पदार्पण कर लिया। वह आधुनिक दौर में भारत के सबसे कम उम्र के प्रथम श्रेणी क्रिकेटरों में शामिल हो गए। इस उपलब्धि ने पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर उनका नाम सुर्खियों में पहुंचाया। इतनी कम उम्र में रणजी ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खेलना इस बात का संकेत था कि क्रिकेट विशेषज्ञ उनके भीतर कुछ खास देख रहे थे।

अंडर-19 क्रिकेट में मचाया धमाल
वैभव ने भारतीय अंडर-19 टीम के लिए खेलते हुए अपनी पहचान और मजबूत की। 2024 में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 टीम के खिलाफ अपने युवा टेस्ट पदार्पण में उन्होंने केवल 58 गेंदों में शतक जड़ दिया। यह किसी भारतीय बल्लेबाज द्वारा अंडर-19 टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेज शतकों में से एक था।
इसके बाद एशिया कप और अन्य युवा प्रतियोगिताओं में भी उन्होंने लगातार रन बनाए। उनकी बल्लेबाजी की सबसे बड़ी विशेषता निडरता और आक्रामकता रही। कम उम्र के बावजूद वे बड़े गेंदबाजों के खिलाफ भी आत्मविश्वास के साथ शॉट खेलते दिखाई दिए।

अंडर-19 विश्व कप का सुपरस्टार
साल 2026 का अंडर-19 विश्व कप वैभव के करियर का बड़ा मोड़ साबित हुआ। भारत ने टूर्नामेंट जीतकर रिकॉर्ड छठा खिताब अपने नाम किया और इस सफलता में वैभव की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। यह अंडर-19 विश्व कप इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।
पूरे टूर्नामेंट में उनके बल्ले से लगातार रन निकले और उन्हें टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल किया गया। आईसीसी की “टीम ऑफ द टूर्नामेंट” में भी उन्हें जगह मिली।

आईपीएल ने बदल दी पहचान
वैभव सूर्यवंशी की लोकप्रियता को सबसे बड़ा मंच इंडियन प्रीमियर लीग ने दिया। कम उम्र में आईपीएल से जुड़ने वाले खिलाड़ियों में उनका नाम शामिल हुआ और उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से सभी का ध्यान आकर्षित किया।
आईपीएल 2026 में उनका प्रदर्शन असाधारण रहा। उन्होंने पूरे सीजन में 776 रन बनाए, सबसे ज्यादा छक्के लगाए और ऑरेंज कैप के साथ-साथ मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर (MVP) तथा बेस्ट इमर्जिंग प्लेयर जैसे सम्मान भी हासिल किए। यही प्रदर्शन उनकी राष्ट्रीय टीम में एंट्री की सबसे बड़ी वजह बना।

चयनकर्ताओं को करना पड़ा चयन
भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने वैभव के चयन पर कहा कि उनके प्रदर्शन को नजरअंदाज करना संभव नहीं था। चयन समिति का मानना था कि युवा बल्लेबाज ने अपने खेल से खुद को टीम इंडिया के लिए मजबूर कर दिया है।
यह बयान बताता है कि चयन केवल संभावनाओं के आधार पर नहीं बल्कि मैदान पर दिखाए गए प्रदर्शन के आधार पर हुआ।
क्रिकेट जगत से मिली तारीफ
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने भी वैभव को जल्द अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका देने की वकालत की थी। उनका मानना था कि टी20 प्रारूप युवा खिलाड़ियों को निखारने का सबसे अच्छा मंच है और वैभव इसके लिए पूरी तरह तैयार दिखाई देते हैं।
वहीं पूर्व क्रिकेटर अजय जडेजा और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भी सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन में बयान दिए।
भारतीय टी20 टीम बनाम आयरलैंड:
श्रेयस अय्यर (कप्तान), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, तिलक वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, वाशिंगटन सुंदर, रवि बिश्नोई, मोहम्मद सिराज, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी।
भारतीय टी-20 टीम बनाम इंग्लैंड:
श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, मोहम्मद सिराज, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, ईशान किशन, हर्षित राणा, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती, प्रिंस यादव और वैभव सूर्यवंशी।
एशियन गेम्स के लिए भारतीय टीम: श्रेयस अय्यर (कप्तान), तिलक वर्मा (उपकप्तान), रवि बिश्नोई, अभिषेक शर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, अक्षर पटेल, हर्षित राणा, ईशान किशन, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, शिवम दुबे, वरुण चक्रवर्ती और वैभव सूर्यवंशी।
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