Ajinkya Rahane Birthday : टीम इंडिया का एक ऐसा ‘योद्धा’, जिसने शांत रहते हुए लिखी सफलता की कहानी

Ajinkya Rahane Birthday

कराटे ब्लैक बेल्ट से लेकर ऑस्ट्रेलिया में ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीत तक, जानिए क्यों अजिंक्य रहाणे को भारतीय क्रिकेट का ‘साइलेंट वॉरियर’ कहा जाता है।

भारतीय क्रिकेट में जब भी शांत स्वभाव, अनुशासन और जिम्मेदारी की बात होती है, तो सबसे पहले जिन खिलाड़ियों का नाम लिया जाता है, उनमें अजिंक्य रहाणे प्रमुख हैं। अपनी तकनीक, संयमित बल्लेबाजी और नेतृत्व क्षमता के दम पर रहाणे ने भारतीय क्रिकेट में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज उनके जन्मदिन के अवसर पर क्रिकेट जगत उनके योगदान को याद कर रहा है।

अक्सर सुर्खियों से दूर रहने वाले अजिंक्य रहाणे ने कई बार अपनी बल्लेबाजी और कप्तानी से टीम को मुश्किल परिस्थितियों से निकाला है। यही वजह है कि उन्हें भारतीय क्रिकेट का “साइलेंट वॉरियर” भी कहा जाता है।

मुंबई की गलियों से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक

अजिंक्य रहाणे का जन्म 6 जून 1988 को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में हुआ था। बाद में उनका परिवार मुंबई आ गया, जहां से उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई। उनके परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद भी उनके सपनों को पूरा करने में कोई कमी नहीं छोड़ी।

बचपन में रहाणे को क्रिकेट कोचिंग के अभ्यास के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। कम उम्र से ही उनका ध्यान तकनीक और धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी पर रहा, जिसने आगे चलकर उन्हें घरेलू क्रिकेट में अलग पहचान दिलाई।

कराटे में ब्लैक बेल्ट हैं रहाणे

बहुत कम लोग जानते हैं कि क्रिकेट के अलावा अजिंक्य रहाणे को मार्शल आर्ट्स में भी रुचि है। उन्होंने कराटे में ब्लैक बेल्ट हासिल किया है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि कराटे से मिली मानसिक मजबूती और अनुशासन ने उनके क्रिकेट करियर में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यही कारण है कि मैदान पर दबाव भरी परिस्थितियों में भी रहाणे अक्सर शांत नजर आते हैं।

घरेलू क्रिकेट में चमके, फिर मिली टीम इंडिया में जगह

रहाणे ने मुंबई के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। रणजी ट्रॉफी में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी। उनकी तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी ने उन्हें जल्द ही भारत की सीमित ओवर और टेस्ट टीम के लिए दावेदार बना दिया।

31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ रहाणे ने अपना पहला ट्वेंटी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेला। इसके बाद 3 सितंबर 2011 को उसी सीरीज के दौरान रहाणे ने एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय (ODI) पदार्पण भी कर लिया। इसके साथ ही उन्होंने यह साबित किया कि वे लंबे समय तक भारतीय टीम का हिस्सा बनने की क्षमता रखते हैं।

हालांकि अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट मुकाबला खेलने के लिए उन्हें एक लंबा इंतजार करना पड़ा। अपना पहला टेस्ट मैच उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 मार्च 2013 को खेला था।

विदेशी धरती पर बने भारत के भरोसेमंद बल्लेबाज

अजिंक्य रहाणे की सबसे बड़ी ताकत विदेशी परिस्थितियों में बल्लेबाजी रही है। जब कई भारतीय बल्लेबाज उछाल और स्विंग वाली पिचों पर संघर्ष करते दिखाई देते थे, तब रहाणे ने इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड जैसी कठिन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।

  • लॉर्ड्स का ऐतिहासिक शतक

साल 2014 में इंग्लैंड दौरे में लंदन के ऐतिहासिक Lord’s Cricket Ground मैदान पर रहाणे द्वारा खेली गई 103 रनों की शतकीय पारी को आज भी भारतीय क्रिकेट के यादगार पलों में गिना जाता है। यह पारी रहाणे के लिए एक करियर निर्धारित पारी साबित हुई। भारत उस मैच में 145/7 पर संघर्ष कर रहा था, और इस बीच रहाणे की कमाल की पारी ने भारत को वह मैच रनों से जिता दिया।

  • मेलबर्न की कप्तानी जिसने इतिहास रच दिया

यदि अजिंक्य रहाणे के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि चुनी जाए, तो अधिकांश क्रिकेट प्रेमी 2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे का नाम लेंगे। एडिलेड टेस्ट में भारत की शर्मनाक हार (जिसमें 36 ऑल आउट भी शामिल है) और नियमित कप्तान विराट केहली के स्वदेश लौटने के बाद टीम मुश्किल स्थिति में थी। ऐसे समय में रहाणे ने कप्तानी संभाली।

मेलबर्न टेस्ट में उन्होंने शानदार शतक (112 रन) लगाया और भारत को जीत दिलाई। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत ने सीरीज 2-1 से जीतकर इतिहास रच दिया। विशेषज्ञों के अनुसार यह भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे महान टेस्ट सीरीज जीतों में से एक मानी जाती है।

रहाणे का अंतर्राष्ट्रीय करियर

आंकड़ों की बात करें तो अजिंक्य रहाणे का सबसे पसंदीदा प्रारूप टेस्ट क्रिकेट को माना जाता है। उन्होंने अपने करियर में कुल 85 टेस्ट मैच खेले, जिसमें उन्होंने 38.46 की औसत से 5077 रन बनाए। इसमें उनके नाम 12 शतक और 25 अर्धशतक शामिल है।

बात करें एक दिवसीय मुकाबलों (ODI) की तो यहां रहाणे ने कपल 90 मैच खेलकर 35.26 की औसत के साथ 2962 रन बनाए। इसमें उनके नाम 3 शतक और 24 अर्धशतक शामिल है।

इसके अलावा टी20 अंतर्राष्ट्रीय में खेले गए 20 मुकाबलों में उन्होंने 375 रन बनाए।

IPL में भी छोड़ी छाप

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अलावा रहाणे ने IPL में भी अपना एक सफल करियर बनाया। उन्होंने कई फ्रेंचाइजी टीमों का प्रतिनिधित्व किया और अपनी बल्लेबाजी से महत्वपूर्ण योगदान दिया। रहाणे अब तक IPL में कुल 6 टीमों (मुंबई इंडियंस – MI, राजस्थान रॉयल्स – RR, राइजिंग पुणे सुपरजायंट – RPS, दिल्ली कैपिटल्स – DC, कोलकाता नाइट राइडर्स – KKR और चेन्नई सुपर किंग्स – CSK)  के लिए खेल चुके हैं।

टी20 क्रिकेट में जहां अधिकांश बल्लेबाज केवल बड़े शॉट्स पर निर्भर रहते हैं, वहीं रहाणे ने टाइमिंग और क्लासिकल शॉट्स के दम पर अपनी पहचान बनाई।

हाल के वर्षों में उन्होंने आक्रामक बल्लेबाजी शैली अपनाकर यह भी साबित किया कि वे आधुनिक क्रिकेट की मांगों के अनुसार खुद को बदल सकते हैं।

उन्होंने IPL में खेले गए अपने 212 पारियों में 30.15 की औसत और 125.60 की स्ट्राइक रेट के साथ कुल 5637 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 35 अर्धशतक भी शामिल हैं।

अपने बचपन की दोस्त से किया विवाह

अजिंक्य रहाणे का विवाह 26 सितंबर, 2014 को उनकी बचपन की दोस्त राधिका धोपावकर से हुआ है। अजिंक्या और राधिका के दो बच्चे हैं। एक का नाम आर्या और दूसरे का नाम राघव है।

शांत कप्तान के बड़े फैसले

रहाणे की कप्तानी शैली काफी अलग रही। वे मैदान पर ज्यादा आक्रामक प्रतिक्रिया देने के बजाय रणनीति और धैर्य पर भरोसा करते हैं।

ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान युवा खिलाड़ियों को अवसर देना, गेंदबाजों का सही उपयोग करना और दबाव में संतुलन बनाए रखना उनकी नेतृत्व क्षमता की बड़ी विशेषताएं रहीं। इसी वजह से कई पूर्व क्रिकेटरों ने उनकी कप्तानी की खुलकर प्रशंसा भी की है।

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