Saturday, 25 July 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान ने दिया शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा, CJP के NEET विवाद पर आंदोलन के बीच बड़ा राजनीतिक फैसला Flipkart की Food Delivery में एंट्री! Swiggy-Zomato के सामने खड़ी हुई नई चुनौती, समझे पूरा खेल CJP Founder अभिजीत दीपके को टाइफाइड, बीमारी के बीच क्या जारी रह सकेगा आंदोनल? दिल्ली स्टूडेंट पार्लियामेंट में संसदीय बहसों के जरिए युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों को दी नई मजबूती हिमाचल के लाहौल-स्पीति में दर्दनाक हादसा, चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौत जब 71 सांसदों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जानिए क्या है संसद में भूचाल लाने वाले ‘बोफोर्स घोटाले’ की कहानी भारत में Formula 1 की वापसी की उम्मीदों को मिली नई रफ्तार, मोटरस्पोर्ट को मिला National Sports Federation का दर्जा परिवार को 1.16 करोड़ रुपये की सब्सिडी दिलाने वाले, नरेश पाल गंगवार बने नए उच्च शिक्षा सचिव Dharmendra Pradhan Resigns: धर्मेंद्र प्रधान ने दिया शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा, CJP के NEET विवाद पर आंदोलन के बीच बड़ा राजनीतिक फैसला Flipkart की Food Delivery में एंट्री! Swiggy-Zomato के सामने खड़ी हुई नई चुनौती, समझे पूरा खेल CJP Founder अभिजीत दीपके को टाइफाइड, बीमारी के बीच क्या जारी रह सकेगा आंदोनल? दिल्ली स्टूडेंट पार्लियामेंट में संसदीय बहसों के जरिए युवाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों को दी नई मजबूती हिमाचल के लाहौल-स्पीति में दर्दनाक हादसा, चट्टान गिरने से 13 लोगों की मौत जब 71 सांसदों ने एक साथ दिया इस्तीफा, जानिए क्या है संसद में भूचाल लाने वाले ‘बोफोर्स घोटाले’ की कहानी भारत में Formula 1 की वापसी की उम्मीदों को मिली नई रफ्तार, मोटरस्पोर्ट को मिला National Sports Federation का दर्जा परिवार को 1.16 करोड़ रुपये की सब्सिडी दिलाने वाले, नरेश पाल गंगवार बने नए उच्च शिक्षा सचिव

Flipkart की Food Delivery में एंट्री! Swiggy-Zomato के सामने खड़ी हुई नई चुनौती, समझे पूरा खेल

भारत के फूड डिलीवरी बाजार में Flipkart की एंट्री से Zomato और Swiggy के बीच मुकाबला और तेज हो सकता है। जानिए कंपनी कब सेवा शुरू कर सकती है और ग्राहकों के लिए क्या बदल सकता है।

बेंगलुरु/ नई दिल्ली: भारत में ऑनलाइन शॉपिंग की दुनिया को बदलने वाली कंपनी Flipkart अब लोगों के घर तक सिर्फ मोबाइल, कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक्स पहुंचाने तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी जल्द ही खाने की डिलीवरी के कारोबार में भी कदम रखने की तैयारी में है।

अगर यह योजना तय समय के मुताबिक आगे बढ़ती है, तो भारत के ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में एक नया मुकाबला शुरू हो सकता है, जहां अभी Zomato और Swiggy का दबदबा है और Rapido का Ownly तथा Toing जैसे नए प्लेटफॉर्म भी कम कीमत और अलग बिजनेस मॉडल के जरिए जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

Flipkart की फूड डिलीवरी सेवा अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो सकती है। रिपोर्ट में Flipkart Group के CEO Kalyan Krishnamurthy के हवाले से बताया गया है कि कंपनी करीब 2-3 सप्ताह के भीतर सेवा शुरू करने की तैयारी में है।

इससे यह संकेत मिलता है कि जुलाई 2026 के अंत या अगस्त 2026 की शुरुआत में इसकी लॉन्चिंग हो सकती है। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी ऐसी कोई निश्चित सार्वजनिक तारीख सामने नहीं आई है, इसलिए इसे फिलहाल संभावित लॉन्च टाइमलाइन के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

Flipkart के इस कदम की खास बात यह है कि कंपनी ऐसे समय में फूड डिलीवरी बाजार में प्रवेश कर रही है, जब यह सेक्टर अब शुरुआती प्रयोगों से आगे बढ़कर एक अधिक परिपक्व और प्रतिस्पर्धी उद्योग बन चुका है।

Flipkart के फूड डिलीवरी बाजार में उतरने की वजह

कंपनी का मूल कारोबार ई-कॉमर्स है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपने कारोबार को केवल ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित रखने के बजाय एक बड़े डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम की दिशा में बढ़ाया है। फूड डिलीवरी में प्रवेश भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

भारत में डिजिटल उपभोक्ता अब एक ही ऐप या डिजिटल इकोसिस्टम के जरिए अलग-अलग जरूरतें पूरी करने का आदी हो रहा है। एक ग्राहक सुबह किराना मंगवा सकता है, दोपहर में खाना ऑर्डर कर सकता है और शाम को कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीद सकता है। ऐसे में कंपनियां अपने मौजूदा ग्राहक आधार का इस्तेमाल नए कारोबार में करने की कोशिश कर रही हैं।

Flipkart के पास पहले से ही देशभर में एक बड़ा डिजिटल ग्राहक आधार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और भुगतान व्यवस्था है। हालांकि फूड डिलीवरी का मॉडल ई-कॉमर्स से अलग है, क्योंकि इसमें मिनटों और घंटों में डिलीवरी, रेस्तरां नेटवर्क, डिलीवरी पार्टनर्स और स्थानीय स्तर पर मजबूत ऑपरेशनल नेटवर्क की जरूरत होती है।

यही कारण है कि Flipkart के लिए सबसे बड़ी चुनौती तकनीक नहीं, बल्कि हाइपरलोकल डिलीवरी नेटवर्क (Hyperlocal Delivery Network) और रेस्तरां पार्टनरशिप तैयार करना होगी।

शुरुआत कहां से हो सकती है?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार Flipkart की फूड डिलीवरी सेवा की शुरुआती गतिविधियां बेंगलुरु से जुड़ी हो सकती हैं। बेंगलुरु भारत के टेक और स्टार्टअप इकोसिस्टम का बड़ा केंद्र है और यहां ऑनलाइन फूड डिलीवरी का इस्तेमाल भी काफी व्यापक है।

अगर कंपनी बेंगलुरु से शुरुआत करती है, तो यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण कदम होगा। किसी नई फूड डिलीवरी सेवा के लिए पूरे देश में एक साथ उतरने के बजाय एक बड़े और डिजिटल रूप से सक्रिय शहर में मॉडल का परीक्षण करना ज्यादा व्यावहारिक होता है। इससे कंपनी डिलीवरी टाइम, रेस्तरां पार्टनरशिप, ग्राहक व्यवहार और कीमतों को समझ सकती है।

फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टिंग के अनुसार लॉन्च अगले कुछ सप्ताह में होने की उम्मीद है, लेकिन Flipkart ने सार्वजनिक रूप से कोई अंतिम लॉन्च डेट घोषित नहीं की है।

Zomato और Swiggy के सामने कितनी बड़ी चुनौती?

भारत का फूड डिलीवरी बाजार लंबे समय से मुख्य रूप से Zomato और Swiggy के बीच बंटा हुआ है। दोनों कंपनियों ने वर्षों में रेस्तरां नेटवर्क, डिलीवरी पार्टनर्स और ग्राहक डेटा का विशाल इकोसिस्टम बनाया है।

Swiggy के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में उसके फूड डिलीवरी कारोबार का Gross Order Value (GOV) सालाना आधार पर 22.6 प्रतिशत बढ़कर ₹9,005 करोड़ हो गया। इसी अवधि में उसके फूड डिलीवरी Monthly Transacting Users (MTUs) की संख्या 18.3 मिलियन रही। कंपनी ने यह भी बताया कि वह 720 से ज्यादा शहरों में 2.7 लाख से अधिक रेस्तरां के साथ काम कर रही थी।

इससे समझा जा सकता है कि Flipkart जिस बाजार में प्रवेश करने जा रही है, वहां पहले से स्थापित कंपनियों की पकड़ काफी मजबूत है।

हालांकि, Flipkart का प्रवेश तुरंत Zomato और Swiggy के बाजार हिस्से को बड़े पैमाने पर बदल देगा, ऐसा कहना अभी जल्दबाजी होगी। नए प्लेटफॉर्म को पहले रेस्तरां जोड़ने, डिलीवरी नेटवर्क बनाने और ग्राहकों को नियमित ऑर्डर करने के लिए प्रेरित करने में समय लगेगा।

लेकिन प्रतिस्पर्धा का दबाव जरूर बढ़ सकता है। खासकर अगर Flipkart कीमतों, लॉयल्टी प्रोग्राम और अपने मौजूदा ग्राहक नेटवर्क का इस्तेमाल प्रभावी ढंग से करता है।

क्या Flipkart देगा सस्ता खाना?

भारत में फूड डिलीवरी का अगला बड़ा युद्ध केवल ज्यादा रेस्तरां जोड़ने को लेकर नहीं है। अब कंपनियां लगभग ₹200 के आसपास के रोजमर्रा के भोजन को ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं। इसका उद्देश्य है कि लोग सिर्फ कभी-कभार नहीं, बल्कि ऑफिस लंच या रोजमर्रा के भोजन के लिए भी ऑनलाइन ऑर्डर करें।

यही वह क्षेत्र है जहां Flipkart को बड़ा अवसर मिल सकता है। यदि कंपनी कम डिलीवरी फीस, कम प्लेटफॉर्म शुल्क, सस्ते मील कॉम्बो या लॉयल्टी बेनिफिट्स देती है, तो वह मूल्य-संवेदनशील ग्राहकों को आकर्षित कर सकती है। लेकिन यहां एक समस्या भी है। लगातार कम कीमतें रखना तभी संभव है, जब बिजनेस मॉडल लंबे समय तक आर्थिक रूप से टिकाऊ हो।

Rapido ने भी Ownly के जरिए इसी चुनौती का एक अलग समाधान पेश करने की कोशिश की है। Ownly ने बेंगलुरु में जीरो-कमीशन मॉडल के साथ शुरुआत की, जिसमें रेस्तरां से कमीशन न लेने और ग्राहकों के लिए अलग तरह की कीमत संरचना पर जोर दिया गया। इससे पता चलता है कि नए खिलाड़ी मौजूदा मॉडल को चुनौती देने के लिए कीमत और कमीशन को सबसे बड़ा हथियार मान रहे हैं।

क्या अलग कर सकता है Flipkart?

Flipkart की सबसे बड़ी ताकत उसका मौजूदा ई-कॉमर्स इकोसिस्टम हो सकता है। कंपनी अगर अपने मौजूदा ग्राहकों को फूड डिलीवरी के साथ जोड़ती है, तो उसे नए ग्राहक हासिल करने में उतना खर्च नहीं करना पड़ेगा जितना किसी बिल्कुल नई कंपनी को करना पड़ता है।

Flipkart Plus या किसी भविष्य के लॉयल्टी प्रोग्राम के जरिए ग्राहकों को फूड ऑर्डर पर विशेष लाभ दिए जा सकते हैं। इसी तरह ई-कॉमर्स, किराना और फूड डिलीवरी को एक ही डिजिटल इकोसिस्टम में जोड़ना भी कंपनी की रणनीति हो सकती है।

एक और संभावित फायदा डेटा का हो सकता है। ई-कॉमर्स पर ग्राहकों के खरीदारी व्यवहार को समझने के बाद कंपनी अपने प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग सेवाओं को जोड़ सकती है। लेकिन फूड डिलीवरी में ग्राहक की जरूरतें अलग होती हैं। यहां पसंद, दूरी, समय, कीमत और डिलीवरी स्पीड बहुत महत्वपूर्ण हैं।

Zomato और Swiggy की सबसे बड़ी कमजोरी क्या है?

देखा जाए तो, दोनों कंपनियों ने इस बाजार को बड़े पैमाने पर विकसित किया है और अब उनका कारोबार पहले की तुलना में ज्यादा परिपक्व दिखाई देता है।

Swiggy ने वित्त वर्ष 2025-26 में फूड डिलीवरी कारोबार में ₹1,000 करोड़ से अधिक का सालाना Adjusted EBITDA दर्ज किया और बताया कि फूड डिलीवरी GOV में 22.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह संकेत देता है कि बाजार में केवल वृद्धि ही नहीं, बल्कि लाभप्रदता पर भी ध्यान बढ़ रहा है।

फिर भी, ग्राहकों और रेस्तरां की कुछ पुरानी शिकायतें बनी हुई हैं। इनमें डिलीवरी फीस, प्लेटफॉर्म फीस, रेस्तरां कमीशन, ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों का अंतर तथा छोटे ऑर्डर की कुल लागत जैसे मुद्दे शामिल हैं।

यही वह जगह है जहां नए खिलाड़ी खुद को अलग दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।

लेकिन केवल सस्ता होना पर्याप्त नहीं होगा। यदि कम कीमत के कारण डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई प्रभावित होती है या रेस्तरां को कम मार्जिन मिलता है, तो मॉडल लंबे समय तक टिकाऊ नहीं रह सकता।

Zomato के संस्थापक Deepinder Goyal ने हाल में नए कम कीमत वाले प्लेटफॉर्मों को लेकर तर्क दिया कि शुरुआती आकर्षण का बड़ा हिस्सा डिस्काउंट और सब्सिडी से आता है, न कि किसी बिल्कुल नए उपभोक्ता अनुभव से। यह टिप्पणी दिखाती है कि मौजूदा खिलाड़ी भी नए प्रतिस्पर्धियों के सामने कीमतों की लड़ाई को लेकर सतर्क हैं।

भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार कितना बड़ा है?

भारत में फूड डिलीवरी के लिए अभी भी काफी बड़ा संभावित बाजार मौजूद है।

Swiggy और Bain की 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल Food Services Market 2030 तक ₹9 लाख करोड़ से ₹10 लाख करोड़ के बीच पहुंच सकता है

रिपोर्ट में ऑनलाइन फूड डिलीवरी के लगभग 18 प्रतिशत CAGR से बढ़ने और 2030 तक कुल Food Services Market में इसकी हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत होने का अनुमान लगाया गया था।

2026 में सामने आए एक अन्य बाजार अनुमान के अनुसार, भारत का ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार 2030 तक करीब $27 billion तक पहुंच सकता है। इसके पीछे दो बड़े कारण ऑर्डर की आवृत्ति बढ़ना और Tier-2 तथा उससे छोटे शहरों में ऑनलाइन डिलीवरी का विस्तार है।

इसका मतलब साफ है कि बाजार अभी पूरी तरह अपने Saturation Point तक नहीं पहुंचा है। बड़े शहरों में Zomato और Swiggy की मजबूत पकड़ के बावजूद छोटे शहरों और नए उपभोक्ता वर्गों में विकास की गुंजाइश बनी हुई है। यही अवसर Flipkart जैसे बड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म को आकर्षित कर सकता है।

ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?

Flipkart की एंट्री का सबसे सीधा फायदा ग्राहकों को मिल सकता है। ज्यादा प्रतिस्पर्धा का अर्थ है कि कंपनियों को बेहतर कीमत, तेज डिलीवरी और बेहतर ऑफर देने की जरूरत पड़ेगी।

अगर Flipkart आक्रामक कीमत रणनीति अपनाता है, तो Zomato और Swiggy को भी अपने शुल्क और ऑफर की समीक्षा करनी पड़ सकती है। इसका असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर हो सकता है जो छोटे बजट में खाना ऑर्डर करते हैं।

लेकिन दूसरी तरफ, बहुत ज्यादा डिस्काउंट आधारित प्रतिस्पर्धा लंबे समय में टिकाऊ नहीं होती। इसलिए असली मुकाबला सिर्फ यह नहीं होगा कि कौन सबसे सस्ता खाना देता है, बल्कि यह होगा कि कौन कम कीमत के साथ बेहतर डिलीवरी, ज्यादा विकल्प और टिकाऊ बिजनेस मॉडल बना पाता है।

ये भी पढ़ें :- EPFO 3.0 से बदल सकता है पेंशन का पूरा सिस्टम! प्राइवेट नौकरी और गिग वर्कर्स को मिल सकती है नई सौगात

Home » Flipkart की Food Delivery में एंट्री! Swiggy-Zomato के सामने खड़ी हुई नई चुनौती, समझे पूरा खेल
शेयर करें: Facebook X WhatsApp
MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।