नई दिल्ली।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप Zoom ने अपनी पॉलिसी में बदलाव किया है। नई पॉलिसी के मुताबिक Zoom भी अब अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को ट्रेंड करने के लिए यूजर्स के डाटा का इस्तेमाल करेगा यानी Zoom अब यूजर्स के डाटा को बहुत ही कायदे से इस्तेमाल करेगा। Zoom ने कहा है कि इसके लिए यूजर्स से इजाजत ली जाएगी।

वैसे Zoom ने राहत देते हुए कहा है कि अपने एआई मॉडल को ट्रेंड करने के लिए वह यूजर्स के वीडियो, ऑडियो और चैट का इस्तेमाल नहीं करेगा। कंपनी की पॉलिसी के सेक्शन 10.2 के मुताबिक यूजर्स जूम को मशीन लर्निंग और एआई प्रैक्टिस के लिए डाटा इस्तेमाल की सहमति देंगे।

जूम की इस पॉलिसी को लेकर जूम यूजर्स कम्यूनिटी में हंगामा भी हुआ है। कई लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसी बीच जूम की मुख्य उत्पाद अधिकारी स्मिता हाशिम ने एक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से एक स्पष्टीकरण जारी किया जिसमें कहा गया कि जूम उपयोगकर्ताओं को एआई प्रशिक्षण के लिए अपना डाटा साझा करने से पहले अपनी सहमति प्रदान करनी होगी।

बता दें कि कुछ महीने पहले ही Zoom को भारतीय बाजार के लिए टेलीकॉम सर्विस का लाइसेंस मिला है। अब Zoom पूरे देश में टेलीकॉम सर्विस दे सकती है। जूम वीडियो कम्युनिकेशन (ZVC) ने लाइसेंस हासिल करने की पुष्टि भी की है। Zoom अपने ऐप और वेबसाइट के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा देती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *