नई दिल्ली, 03 अप्रैल 2026
मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट में “उभरती प्रौद्योगिकियों के अंतःविषय दृष्टिकोण” विषय पर आयोजित तृतीय छात्र सम्मेलन ज्ञान, शोध और नवाचार का प्रभावी मंच बनकर सामने आया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में करीब 120 छात्रों ने भाग लेते हुए अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ, जहां उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल ने छात्रों को नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, वहीं प्रो. तपश डे ने अनुशासन और नैतिक मूल्यों के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य वक्ता विश्व स्वास्थ्य संगठन के सिस्टम विश्लेषक रोहित रंजन ने अपने संबोधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और जैव प्रौद्योगिकी के बीच बढ़ते तालमेल को रेखांकित करते हुए कहा कि इन सभी क्षेत्रों का भविष्य डेटा विज्ञान पर आधारित है। आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की प्रोफेसर नेहा ने छात्रों को अनुशासन और समर्पण के साथ निरंतर सीखते रहने की सलाह दी।
सम्मेलन में डेटा दृश्यांकन, क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल विपणन और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें छात्रों की विश्लेषणात्मक क्षमता और रचनात्मक सोच स्पष्ट रूप से दिखाई दी। अंत में दिव्यांशी जुनेजा, नारायण सिंह, उज्जल, श्रुति बत्रा और ऋद्धि रासवंत को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन छात्रों में शोध और नवाचार के प्रति नई ऊर्जा और दृष्टिकोण विकसित करने में सफल रहा।
