Monday, 03 August 2026
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दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला के नेटवर्क पर ED का बड़ा एक्शन, ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 20 ठिकानों पर छापेमारी

ED ने दाऊद इब्राहिम के करीबी सलीम डोला पर बड़ा एक्शन लिया। महाराष्ट्र-गुजरात में 20 ठिकानों पर ड्रग्स व मनी लॉन्ड्रिंग केस में छापेमारी।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा एक्शन लेते हुए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर सलीम इस्माइल डोला के ठिकानों पर कार्रवाई की है। एजेंसी ने महाराष्ट्र और गुजरात के कई शहरों में मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग तस्करी से जुड़े मामलों में एक साथ छापेमारी की है। कार्रवाई के तहत मुंबई, सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट सहित कुल 20 स्थानों पर तलाशी भी ली गई है।

ED की यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की जा रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह मामला एक संगठित अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है, जिसके जरिए बड़ी संख्या में अवैध धन अर्जित किया गया है।

20 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

सूत्रों के अनुसार ED की टीम ने कई राज्यों में एक साथ कार्रवाई की है। महाराष्ट्र में मुंबई और आसपास के इलाकों में, जबकि गुजरात में सूरत, अंकलेश्वर और राजकोट जैसे शहरों में तलाशी अभियान चलाया गया। इस तलाशी के दौरान एजेंसी को कई दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े सबूत मिले हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन होने की भी संभावनाएं आई हैं। शुरुआती जांच में हवाला लेन-देन और बेनामी संपत्तियों के जरिए धन शोधन (Money Laundering) के संकेत मिले हैं।

कौन है सलीम डोला?

रिपोर्ट्स के मुताबिक सलीम इस्माइल डोला, दाऊद इब्राहिम के गिरोह से जुड़ा एक अहम नाम है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट चला रहा था, जिसका नेटवर्क कई देशों तक फैला हुआ है।

हाल ही में उसे भारत लाया गया था, जिसके बाद उसके खिलाफ कई मामलों में जांच तेज कर दी गई है। पुलिस के अनुसार सलीम डोला के सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई और उससे जुड़ी फंडिंग में शामिल होने का आरोप है।

ड्रग नेटवर्क और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

ED की जांच मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित है कि ड्रग नेटवर्क से कमाए गए पैसों को आखिर कैसे घुमाया गया और इसका निवेश कहां किया गया। शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि इन पैसों को हवाला नेटवर्क के जरिए अलग-अलग जगहों पर भेजा गया ताकि उसकी असली पहचान छिपाई जा सके। इसके अलावा एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि क्या इस पैसे का इस्तेमाल बेनामी संपत्तियां खरीदने या अन्य अवैध गतिविधियों में किया गया। जांच का दायरा अब वित्तीय सलाहकारों, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और हवाला ऑपरेटरों तक भी पहुंच चुका है।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सलीम डोला के नेटवर्क पर जांच एजेंसियों ने अपना शिकंजा कसा है। इससे पहले भी ED और अन्य जांच एजेंसियों ने सलीम के कथित ड्रग सिंडिकेट से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी और कई संपत्तियां भी जब्त की थीं। उस समय भी जांच में बड़े पैमाने पर हवाला लेन-देन और लग्जरी संपत्तियों के जरिए पैसे के लेन-देन का खुलासा हुआ था।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का शक

जांच एजेंसियों के अनुसार यह सिंडिकेट सिर्फ भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें मध्य पूर्व, अफ्रीका और यूरोप तक फैले होने की आशंका है। माना जा रहा है कि यह नेटवर्क कई वर्षों से सक्रिय था और संगठित तरीके से ड्रग्स की सप्लाई और वितरण करता था। इस नेटवर्क के जरिए कथित तौर पर भारी मात्रा में अवैध कमाई की गई, जिसे अलग-अलग देशों में ट्रांसफर किया गया।

ED अब छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं और कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और किन-किन लोगों के शामिल होने की संभावना है।

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MD Faijan

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लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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