मेम्फिस के 79 जेफरसन एवेन्यू से शुरू हुई ‘पिगली विगली’ की कहानी ने दुनिया की खरीदारी बदल दी। आज जानिए खुले शेल्फ, टोकरी और सेल्फ-सर्विस मॉडल ने कैसे रिटेल में नई क्रांति लाई।
मेम्फिस, टेनेसी: आज सुपरमार्केट में प्रवेश करते ही शेल्फ से अपनी पसंद का सामान उठाना, उसे ट्रॉली या टोकरी में रखना और फिर काउंटर पर भुगतान करना दुनिया भर में खरीदारी का सामान्य तरीका है। लेकिन एक समय ऐसा भी था, जब ग्राहक खुद दुकान की अलमारियों तक जाकर सामान नहीं चुनते थे। उन्हें अपनी जरूरतों की सूची दुकानदार या क्लर्क को देनी पड़ती थी और कर्मचारी ही सामान निकालकर देते थे।
इसी व्यवस्था को बदलने का विचार आज से करीब 110 साल पहले अमेरिका के टेनेसी राज्य के मेम्फिस शहर में सामने आया। 6 सितंबर 1916 को क्लेरेंस सॉन्डर्स (Clarence Saunders) ने Piggly Wiggly की शुरुआत की, जिसे अमेरिका के पहले व्यापक और संगठित सेल्फ-सर्विस ग्रॉसरी मॉडल के रूप में जाना जाता है।
आज जब Piggly Wiggly की शुरुआत के 110 साल पूरे हो रहे हैं, इसकी कहानी केवल एक किराना स्टोर की नहीं है। यह उस विचार की कहानी है जिसने ग्राहकों को पहली बार खरीदारी की प्रक्रिया में अधिक स्वतंत्रता दी और आधुनिक सुपरमार्केट संस्कृति की दिशा बदल दी।
जब ग्राहक खुद सामान नहीं चुन सकते थे
20वीं सदी की शुरुआत में अमेरिका में किराने की खरीदारी आज जैसी आसान नहीं थी। अधिकांश दुकानों में सामान ग्राहकों की पहुंच से दूर रखा जाता था। ग्राहक दुकान पर पहुंचकर अपनी जरूरत की चीजों के बारे में बताते या सूची देते थे। इसके बाद क्लर्क दुकान की अलमारियों और स्टॉक से सामान निकालता था।
इस प्रक्रिया में समय भी लगता था और बड़ी संख्या में कर्मचारियों की जरूरत पड़ती थी। ग्राहक यह भी नहीं देख पाते थे कि दुकान में उपलब्ध दूसरे उत्पाद कौन-कौन से हैं।
क्लेरेंस सॉन्डर्स ने इसी व्यवस्था में एक बड़ी समस्या देखी। उनका विचार था कि अगर ग्राहकों को सीधे सामान तक पहुंचने दिया जाए तो खरीदारी अधिक तेज, व्यवस्थित और सुविधाजनक हो सकती है।
यहीं से शुरू हुआ वह प्रयोग जिसने आगे चलकर आधुनिक रिटेल उद्योग की दिशा बदल दी।
कौन थे क्लेरेंस सॉन्डर्स?
पिगली विगली (Piggly Wiggly) के पीछे जिस व्यक्ति का दिमाग था, उनका नाम क्लेरेंस सॉन्डर्स था। वह केवल एक दुकानदार नहीं थे, बल्कि ऐसे उद्यमी थे जो रिटेल कारोबार में नए प्रयोग करने के लिए जाने जाते थे।
सॉन्डर्स ने किराना कारोबार के कामकाज को करीब से देखा था। उन्होंने महसूस किया कि पारंपरिक व्यवस्था में कर्मचारी ग्राहकों के लिए लगातार सामान खोजने और निकालने में समय खर्च करते हैं।
उन्होंने एक बिल्कुल अलग मॉडल तैयार किया। इस नए मॉडल में ग्राहक दुकान में प्रवेश करेगा, अपनी जरूरत का सामान खुद चुनेगा और अंत में भुगतान करेगा।
आज यह विचार बेहद सामान्य लगता है, लेकिन 1916 में यह खरीदारी की दुनिया के लिए एक असाधारण बदलाव था।
79 जेफरसन एवेन्यू से शुरू हुई नई क्रांति
पिगली विगली (Piggly Wiggly) का पहला स्टोर अमेरिका के मेम्फिस, टेनेसी में स्थापित किया गया था। ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार इसका पता 79 जेफरसन एवेन्यू था।
दुकान का डिजाइन भी पारंपरिक किराना दुकानों से अलग था। ग्राहक प्रवेश करने के बाद एक निर्धारित रास्ते से आगे बढ़ते थे। उनके सामने अलग-अलग उत्पाद रखे होते थे और वे अपनी पसंद की वस्तुएं खुद चुन सकते थे।
स्टोर में प्रवेश और बाहर निकलने की व्यवस्था के लिए टर्नस्टाइल जैसी प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। ग्राहक खरीदारी के दौरान अलग-अलग उत्पादों के पास से गुजरते हुए आगे बढ़ते और अंत में भुगतान काउंटर तक पहुंचते थे। यही मॉडल बाद में दुनिया भर के सुपरमार्केटों की मूल अवधारणाओं में शामिल हो गया।
ग्राहक के हाथ में आई खरीदारी की आजादी
पिगली विगली की सबसे बड़ी क्रांति यह थी कि उसने ग्राहक को खुद खरीदारी करने की स्वतंत्रता दी।
अब ग्राहक केवल दुकानदार द्वारा दिया गया सामान लेने तक सीमित नहीं था। वह अलग-अलग वस्तुओं को देख सकता था, उनकी कीमतों को समझ सकता था और अपनी पसंद से सामान चुन सकता था।
इस बदलाव का असर केवल सुविधा तक सीमित नहीं रहा। जब ग्राहक खुद दुकान की अलमारियों के बीच घूमने लगे, तो वे उन उत्पादों को भी देखने लगे जिन्हें खरीदने के लिए वे शुरुआत में दुकान पर नहीं आए थे। इससे उत्पादों की प्रस्तुति और पैकेजिंग का महत्व बढ़ा।
कंपनियों को समझ आने लगा कि यदि उनका उत्पाद आकर्षक दिखाई देगा तो ग्राहक का ध्यान उसकी ओर जा सकता है।
इस तरह पिगली विगली ने आधुनिक ब्रांडिंग, पैकेजिंग और इन-स्टोर मार्केटिंग के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
टोकरी, खुले शेल्फ और चेकआउट सिस्टम
आज सुपरमार्केट में इस्तेमाल होने वाली कई सामान्य चीजें उस दौर में नई थीं।
पिगली विगली के मॉडल में ग्राहक सामान रखने के लिए टोकरी का इस्तेमाल करते थे। दुकान की अलमारियां ग्राहकों के सामने खुली रहती थीं और उत्पादों को व्यवस्थित तरीके से रखा जाता था।
ग्राहक अपना सामान चुनने के बाद एक निर्धारित चेकआउट पॉइंट पर पहुंचते थे।
इस व्यवस्था ने खरीदारी को अधिक संगठित बनाया।
कम कर्मचारियों के साथ अधिक ग्राहकों को सेवा देना संभव हुआ। इससे कारोबार की लागत कम करने की संभावना बनी और बड़े पैमाने पर रिटेल कारोबार का एक नया मॉडल विकसित हुआ।
Piggly Wiggly ने यह साबित किया कि किराने की दुकान केवल सामान देने की जगह नहीं, बल्कि ग्राहकों के लिए एक संगठित खरीदारी अनुभव भी हो सकती है।
कैसे Piggly Wiggly ने बदली रिटेल इंडस्ट्री?
पिगली विगली का सबसे बड़ा प्रभाव शायद किसी एक कंपनी की सफलता नहीं, बल्कि उसके विचार का व्यापक प्रसार था। उसने साबित किया कि ग्राहक खुद सामान चुन सकते हैं।
इसके बाद सेल्फ-सर्विस मॉडल तेजी से लोकप्रिय होने लगा। अन्य किराना कारोबारों ने भी इस प्रणाली के फायदे समझे।
इससे प्रेरणा लेकर धीरे-धीरे बड़े सुपरमार्केट अस्तित्व में आए। एक ही जगह पर बड़ी संख्या में उत्पाद उपलब्ध कराने का विचार मजबूत हुआ। ग्राहक अपनी जरूरत की कई चीजें एक ही दुकान से खरीदने लगे।
बाद के दशकों में रेफ्रिजरेशन, बड़े पैमाने पर खाद्य उत्पादन, परिवहन और ऑटोमोबाइल संस्कृति के विस्तार ने सुपरमार्केट मॉडल को और मजबूत किया।
आज दुनिया के अधिकांश हिस्सों में जिस तरह हम किराने की खरीदारी करते हैं, उसकी बुनियादी सोच में पिगली विगली जैसे शुरुआती सेल्फ-सर्विस प्रयोगों का महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।
तेजी से बढ़ा पिगली विगली का नेटवर्क
पिगली विगली का मॉडल लोगों को पसंद आया और कंपनी तेजी से आगे बढ़ी।
कंपनी ने अपने स्टोर मॉडल को लाइसेंस और फ्रेंचाइज़ व्यवस्था के माध्यम से फैलाया। इससे अलग-अलग क्षेत्रों के व्यापारी पिगली विगली नाम और उसके मॉडल के तहत दुकानें संचालित कर सके।
1920 के दशक तक अमेरिका में पिगली विगली स्टोरों की संख्या तेजी से बढ़ी। यह देश के सबसे चर्चित और प्रभावशाली ग्रॉसरी ब्रांडों में शामिल हो गया।
इसकी सफलता ने साबित कर दिया कि सेल्फ-सर्विस केवल एक प्रयोग नहीं था, बल्कि रिटेल कारोबार का भविष्य बन सकता था।
सफलता के बाद संस्थापक के सामने आई मुश्किलें
पिगली विगली की कहानी केवल सफलता की कहानी नहीं है। क्लेरेंस सॉन्डर्स ने जिस कंपनी को खड़ा किया था, उसके साथ बाद के वर्षों में उनका संबंध जटिल होता गया। शेयर बाजार और कंपनी नियंत्रण से जुड़े घटनाक्रमों के बाद सॉन्डर्स ने आखिरकार कंपनी पर अपना नियंत्रण खो दिया।
यह एक विडंबना थी कि जिस व्यक्ति ने आधुनिक रिटेल इतिहास के सबसे प्रभावशाली विचारों में से एक को लोकप्रिय बनाया, वह आगे चलकर उसी कंपनी से अलग हो गया।
लेकिन सॉन्डर्स के कंपनी से अलग होने के बावजूद पिगली विगली का नाम और उसका मॉडल जीवित रहा। यह उस विचार की ताकत थी जो अपने निर्माता से भी आगे निकल चुका था।
सिर्फ दुकान नहीं, एक सांस्कृतिक पहचान भी
अमेरिका के दक्षिणी राज्यों में पिगली विगली केवल एक ग्रॉसरी स्टोर नहीं रहा। कई समुदायों में यह स्थानीय पहचान का हिस्सा बन गया।
इसके कई स्टोर स्वतंत्र मालिकों द्वारा संचालित किए जाते हैं। इसलिए अलग-अलग क्षेत्रों के Piggly Wiggly स्टोरों में स्थानीय उत्पादों और स्थानीय समुदाय की पसंद का प्रभाव भी दिखाई देता है।
यही कारण है कि बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रिटेल ब्रांडों के बीच भी पिगली विगली ने अपनी अलग पहचान बनाए रखी।
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी के नाम से अमेरिका के कई राज्यों में 500 से अधिक स्टोर संचालित हो रहे हैं, हालांकि अलग-अलग स्रोतों और समय के अनुसार संख्या में बदलाव दिखाई देता है।
बड़े सुपरमार्केटों के दौर में भी क्यों बचा रहा यह अनोखा मॉडल?
रिटेल की दुनिया में पिछले 110 वर्षों में भारी बदलाव आया है। छोटी दुकानों से लेकर विशाल सुपरमार्केट, फिर हाइपरमार्केट और अब ऑनलाइन ग्रॉसरी डिलीवरी तक खरीदारी का तरीका लगातार बदलता रहा है। इसके बावजूद पिगली विगली पूरी तरह इतिहास का हिस्सा नहीं बना।
इसका एक बड़ा कारण इसकी स्थानीय पहचान है। कई स्थानों पर Piggly Wiggly स्टोर स्थानीय ग्राहकों की जरूरतों और स्वाद के अनुसार उत्पाद उपलब्ध कराते हैं। हालिया रिपोर्टों में भी इसके समुदाय-केंद्रित और स्थानीय उत्पादों पर ध्यान देने वाले मॉडल का उल्लेख किया गया है।
इस तरह एक सदी पुराना ब्रांड आधुनिक प्रतिस्पर्धा के बीच भी अपनी पहचान बनाए रखने की कोशिश करता रहा है।
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