Thursday, 22 October 2026
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स्कॉटलैंड में हिंदुओं का ऐतिहासिक महाकुंभ: पेस्ले में Banyan Tree Network का यूके लॉन्च, संस्था निर्माण और लीडरशिप के लिए तैयार हुआ ‘मास्टरप्लान’

स्कॉटिश हिंदुओं का पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, राजीव मल्होत्रा बोले— वैश्विक स्तर पर हिंदू जन-वकालत का नया ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’ करेंगे स्थापित

न्यूज ऑफ द डे, ग्लासगो/पेस्ले।

यूके (स्कॉटलैंड) में रहने वाले हिंदू समुदाय के नागरिक अधिकारों, जन-वकालत (Advocacy) और भावी नेतृत्व को नई दिशा देने के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ सामने आया है। ग्लासगो के ऐतिहासिक पेस्ले टाउन हॉल (Paisley Town Hall) में ‘Banyan Tree Network’ और ‘Scottish Hindu Foundation’ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया।

29 और 30 अगस्त को आयोजित इस सम्मेलन को स्कॉटलैंड में रहने वाले हिंदू समुदाय का अब तक का पहला अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन बताया जा रहा है। इसमें ब्रिटेन और स्कॉटलैंड के दिग्गज राजनेताओं, वैश्विक हिंदू विचारकों, युवा उद्यमियों और सामुदायिक नेताओं ने हिस्सा लिया।

केवल ‘प्रतिक्रिया’ नहीं, अब ‘संस्थान निर्माण’ पर जोर

दो दिनों तक चले इस सम्मेलन में इस बात पर गहरा मंथन हुआ कि हिंदू समाज किस तरह सिर्फ किसी घटना पर प्रतिक्रिया देने (Reactive Engagement) के बजाय आगे बढ़कर सार्वजनिक जीवन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराए। कार्यक्रम में नीति-निर्माण, तकनीक, मीडिया, मंदिर प्रबंधन, यूथ लीडरशिप और हिंदू पहचान के भविष्य पर गहन चर्चा हुई।

बनयान ट्री नेटवर्क एक ऐसे वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) के रूप में उभरा है, जहां अलग-अलग संस्थाएं अपनी स्वतंत्रता बनाए रखते हुए ज्ञान, संसाधनों और विशेषज्ञता को एक-दूसरे के साथ साझा कर सकें।

2000 साल पुराना संबंध: पेस्ले पैटर्न का भारत के ‘मंडला’ से कनेक्शन

सम्मेलन के दौरान पेस्ले टाउन हॉल में एक विशेष ऐतिहासिक प्रस्तुति दी गई, जिसने सभी को चौंका दिया। प्रस्तुति में मशहूर ‘पेस्ले पैटर्न’ (Paisley Pattern) के उद्भव का संबंध भारत के 2,000 वर्ष से भी अधिक पुराने पौराणिक ‘मंडला’ प्रतीकवाद (Mandala Symbolism) से स्थापित किया गया। इस मौके पर मौजूद रेनफ्रेवशर (Renfrewshire) की प्रोवोस्ट, लोरेन कैमरून (Lorraine Cameron) ने कहा कि पेस्ले शहर के इतिहास और भारत के इस सांस्कृतिक जुड़ाव को कभी अनदेखा नहीं किया जा सकता। वहीं, वेस्ट स्कॉटलैंड के MSP नील बिब्बी (Neil Bibby) ने अपने मुख्य भाषण में स्कॉटिश समाज में हिंदुओं के योगदान की जमकर सराहना की और आयोजन को पेस्ले में लाने के लिए फाउंडेशन का आभार जताया।

ग्लोबल थिंक-टैंक्स और दिग्गजों का जमावड़ा

सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय थिंक-टैंक और संस्थापकों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिला। बनयान ट्री नेटवर्क के संस्थापक राजीव मल्होत्रा ने कहा कि उनका लक्ष्य दुनिया भर में हिंदू जन-वकालत (Hindu Advocacy) के लिए एक स्वर्ण मानक (Gold Standard) स्थापित करना है, ताकि योग्यता और काम के आधार पर क्षमतावान लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिले। स्कॉटिश हिंदू फाउंडेशन की डॉ. रिचा सिन्हा ने हरि किरण वडलामणि से अध्यक्ष पद की कमान संभाली। यह नेटवर्क के डायनामिक और रोटेशनल लीडरशिप मॉडल का हिस्सा है, जो हर देश के हिसाब से बदलता रहेगा।

ब्रिटिश राजनीति के बड़े चेहरे रहे मौजूद

इस दो दिवसीय सम्मेलन में ब्रिटिश संसद की APPG (ऑल-पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप ऑफ ब्रिटिश हिंदूज) की सदस्य सुसान मरे (MP), पूर्व सदस्य एलिसन थेवलिस (MSP), काउंसलर जेम्स एडम्स, काउंसलर पॉल एडलिन और इंटरफेथ स्कॉटलैंड की सुसान सीगल सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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