अमेरिका की आजादी के 250 साल पूरे होने पर डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीर वाला खास 1 डॉलर का सिक्का जारी हुआ है। जानिए सिक्के पर क्या बना है, इसकी कीमत कितनी है और इसे लेकर विवाद क्यों है।
वाशिंगटन, डीसी: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चेहरा अब एक डॉलर के नए सिक्के पर दिखाई देगा। अमेरिकी मिंट ने 2 सितंबर 2026 से 2026 Semiquincentennial President Donald J. Trump $1 Coin की बिक्री शुरू कर दी है। यह सिक्का अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ यानी Semiquincentennial के मौके पर जारी किया गया है। सिक्के की खास बात यह है कि इसके एक तरफ मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चित्र है। दूसरी तरफ अमेरिका का प्रेसिडेंशियल सील यानी राष्ट्रपति की आधिकारिक मुहर दिखाई गई है।
हालांकि, ट्रंप की तस्वीर वाले इस सिक्के ने लॉन्च होते ही कानूनी और राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है। अमेरिकी कानून में सामान्य तौर पर जीवित व्यक्ति की तस्वीर को अमेरिकी मुद्रा और सिक्योरिटीज पर लगाने की अनुमति नहीं है। लेकिन ट्रंप प्रशासन का कहना है कि 2020 में बनाए गए एक विशेष कानून के तहत 2026 में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए नए सिक्के जारी करने का अधिकार दिया गया था। इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर ट्रंप की तस्वीर वाले इस डॉलर को जारी किया गया है।
अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ से जुड़ा है सिक्का
नया डॉलर सिक्का किसी सामान्य मुद्रा डिजाइन में बदलाव का हिस्सा नहीं है। इसे अमेरिका की स्वतंत्रता की घोषणा के 250 वर्ष पूरे होने के मौके पर चलाए जा रहे सेमीक्विनसेंटेनियल कार्यक्रम के तहत जारी किया गया है।
अमेरिका ने 1776 में स्वतंत्रता की घोषणा की थी और 2026 में इसकी 250वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इसी अवसर पर अमेरिकी मिंट ने कई सिक्कों के डिजाइन में बदलाव किए हैं। इनमें एक डॉलर का यह विशेष सिक्का भी शामिल है।
अमेरिकी मिंट के मुताबिक, इस कार्यक्रम के तहत 2026 में जारी होने वाले सिक्के अमेरिका के इतिहास और उसकी राष्ट्रीय पहचान को दर्शाने के लिए डिजाइन किए गए हैं। ट्रंप वाले एक डॉलर के सिक्के को भी इसी व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा बताया गया है। इसे जारी करने का कानूनी आधार Circulating Collectible Coin Redesign Act of 2020 और 31 U.S.C. §5112(y)(1)(C) में दिया गया है।
सिक्के पर क्या-क्या बना है?
नए एक डॉलर के सिक्के के सामने वाले हिस्से यानी obverse पर डोनाल्ड ट्रंप का चित्र है। इसके ऊपर “LIBERTY” लिखा है, जबकि नीचे “1776 ~ 2026” दर्ज है। सिक्के पर “IN GOD WE TRUST” भी लिखा गया है।
ट्रंप का चित्र अमेरिकी मिंट के चीफ एंग्रेवर जोसेफ मेन्ना ने डिजाइन किया है। इसके लिए व्हाइट हाउस के फोटोग्राफर डैनियल टोरोक द्वारा ली गई आधिकारिक तस्वीर को आधार बनाया गया।

सिक्के के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति की मुहर दिखाई देती है। इसमें एक ईगल अपने पंजों में जैतून की शाखा और तीर पकड़े हुए है। उसके सीने पर ढाल है और चोंच में “E PLURIBUS UNUM” लिखा बैनर है। ढाल में “250” लिखा गया है, जो अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ को दर्शाता है। इसके अलावा पीछे “UNITED STATES OF AMERICA” और “ONE DOLLAR” भी अंकित है।
सोने का नहीं है ‘गोल्डन डॉलर’
सिक्के का रंग सुनहरा है, लेकिन इसमें असली सोना नहीं है। यह बिंदु खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कई रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में इसे “gold coin” या “golden dollar” कहा जा रहा है।
सिक्के की संरचना में 88.5 प्रतिशत तांबा, 6 प्रतिशत जिंक, 3.5 प्रतिशत मैंगनीज और 2 प्रतिशत निकेल है। इसका वजन 8.1 ग्राम और व्यास 26.49 मिलीमीटर है। यानी इसका सुनहरा रंग इसकी धातु संरचना में सोने की मौजूदगी का संकेत नहीं है।
1 डॉलर का सिक्का, 1 डॉलर से महंगा
सिक्के की वास्तविक मुद्रा कीमत 1 डॉलर है, लेकिन अमेरिकी मिंट इसे कलेक्टर पैकेज में फेस वैल्यू से अधिक कीमत पर बेच रहा है।
25 सिक्कों का एक रोल 61 डॉलर में उपलब्ध कराया गया है। यानी प्रति सिक्का कीमत करीब 2.44 डॉलर पड़ती है। वहीं 100 सिक्कों का बैग 154.50 डॉलर का है, यानी प्रति सिक्का करीब 1.55 डॉलर।
अमेरिकी मिंट ने शुरुआती बिक्री में प्रत्येक उत्पाद के लिए प्रति परिवार दो ऑर्डर की सीमा रखी थी। मिंट के मुताबिक यह सीमा व्यापक संख्या में खरीदारों को मौका देने के लिए लगाई गई थी।
हालांकि, सिक्के की कीमत 1 डॉलर ही है। यानी अगर कोई व्यक्ति इसे कानूनी मुद्रा के रूप में इस्तेमाल करता है तो इसकी आधिकारिक कीमत एक डॉलर ही रहेगी। अमेरिकी मिंट इसे कानूनी रूप से वैध मुद्रा के तौर पर मानता है।
2.5 लाख सिक्कों में होगी खास पहचान
इस रिलीज में कलेक्टरों के लिए एक और दिलचस्प पहलू रखा गया है। अमेरिकी मिंट ने 250,000 सिक्के 4 जुलाई 2026 को Philadelphia Mint में स्ट्राइक किए, जिन पर विशेष “July 4th” प्राईवी मार्क है।
इन विशेष सिक्कों को अलग से खरीदने के बजाय अमेरिकी मिंट ने इन्हें रोल और बैग में रैंडम तरीके से शामिल किया है। इसलिए खरीदार को पहले से यह पता नहीं होगा कि उसके पैकेज में ऐसा विशेष सिक्का मौजूद है या नहीं।
क्या खुद के चेहरा के सिक्के निकालने वाले पहले राष्ट्रपति हैं ट्रंप?
यहीं इस पूरी कहानी का ऐतिहासिक पहलू सामने आता है। ट्रंप का चेहरा अमेरिकी सर्कुलेटिंग डॉलर कॉइन पर आने वाला पहला मौजूदा राष्ट्रपति बताया जा रहा है। लेकिन यह कहना कि उनसे पहले किसी जीवित अमेरिकी राष्ट्रपति की तस्वीर कभी किसी सिक्के पर नहीं आई, पूरी तरह सही नहीं होगा।
1926 में अमेरिका की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर तत्कालीन राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज (Calvin Coolidge) का चित्र एक विशेष स्मारक सिक्के पर दिखाई दिया था। वह सिक्का सामान्य चलन के लिए जारी किए गए मौजूदा डॉलर जैसा नहीं था, बल्कि स्मारक सिक्का था।
संयुक्त राज्य अमेरिका ललित कला आयोग के रिकॉर्ड में भी 2026 के एक डॉलर के सिक्के के लिए ट्रंप की तस्वीर वाले डिजाइन की समीक्षा दर्ज है। जनवरी 2026 में आयोग ने ट्रंप के साइड-प्रोफाइल और ग्रेट सील वाले डिजाइन को मंजूरी के लिए अनुशंसित किया था।
फिर कानून को लेकर विवाद क्यों?
अमेरिका में इस सिक्के को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जीवित राष्ट्रपति की तस्वीर मुद्रा पर लगाई जा सकती है?
अमेरिकी कानून के 31 U.S.C. §5114(b) में कहा गया है कि अमेरिकी मुद्रा और सिक्योरिटीज पर केवल किसी मृत व्यक्ति का चित्र हो सकता है। यह प्रावधान अमेरिकी मुद्रा पर जीवित लोगों की तस्वीर लगाने की पुरानी परंपरा के खिलाफ सुरक्षा के तौर पर देखा जाता है।
यही वजह है कि ट्रंप की तस्वीर वाले डॉलर को लेकर आलोचकों ने सवाल उठाए। उनका तर्क है कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद को व्यक्ति-केंद्रित प्रतीक बनाने से बचने की एक ऐतिहासिक परंपरा रही है।
लेकिन दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन और अमेरिकी मिंट 2020 के विशेष कानून को इसका कानूनी आधार मान रहे हैं। इस कानून ने 2026 में अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के लिए नए एक डॉलर के सिक्के जारी करने की अनुमति दी थी। कानून में इस कार्यक्रम के तहत ऐसे सिक्कों के डिजाइन को बदलने की विशेष अनुमति दी गई थी।
राजनीतिक विरोध भी केंद्र में
सिक्के को लेकर विरोध सिर्फ कानूनी सवालों तक सीमित नहीं रहा। कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप की तस्वीर को अमेरिकी मुद्रा पर इस्तेमाल करने की योजना का विरोध किया।
सीनेटर कैथरीन कोर्टेज़ मास्टो (Catherine Cortez Masto) और जेफ मर्कले (Jeff Merkley) ने इससे पहले ऐसी तस्वीर को रोकने के लिए कानून लाने की कोशिश की थी। उनका तर्क था कि मौजूदा राष्ट्रपति को अमेरिकी मुद्रा पर दिखाना देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। लेकिन प्रस्ताव कानून नहीं बन सका।

आलोचकों ने यह भी सवाल उठाया कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ का सिक्का पूरे देश के इतिहास और संस्थाओं का प्रतिनिधित्व करने के बजाय एक मौजूदा राष्ट्रपति की व्यक्तिगत छवि को प्रमुखता क्यों दे रहा है।
असाधारण अध्याय के रूप में दर्ज सिक्का
फिलहाल ट्रंप की तस्वीर वाला एक डॉलर का सिक्का अमेरिकी मिंट की बिक्री में आ चुका है और इसे कानूनी टेंडर का दर्जा प्राप्त है। लेकिन इसकी बिक्री और डिजाइन को लेकर कानूनी बहस खत्म नहीं हुई है।
एक तरफ सरकार 2020 के अर्धचतुर्शताब्दी कानून को आधार बनाकर सिक्के को वैध बता रही है। दूसरी तरफ 31 U.S.C. §5114(b) में जीवित व्यक्ति के चित्र पर मौजूद प्रतिबंध को लेकर आलोचक सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरे विवाद का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के मौके पर जारी यह सिक्का एक साथ इतिहास, कानून, राजनीति और संग्रहणीय मुद्रा चारों मुद्दों को जोड़ रहा है।
ट्रंप के समर्थकों के लिए यह अमेरिका के 250 साल पूरे होने का प्रतीक है, जबकि आलोचकों के लिए यह राष्ट्रपति की व्यक्तिगत छवि को राष्ट्रीय मुद्रा पर प्रमुखता देने की मिसाल है। फिलहाल इतना तय है कि 2026 का यह एक डॉलर का सिक्का अमेरिकी मुद्रा इतिहास में एक असाधारण अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है।
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