Thursday, 09 July 2026
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San Fermín Festival 2026: स्पेन के पैम्प्लोना में फिर गूंजी उत्सव की धुन, आखिर क्यों हजारों लोग मौत का जोखिम उठाकर सांडों के साथ दौड़ते हैं?

स्पेन के Pamplona में शुरू हुआ San Fermín Festival 2026। जानिए Running of the Bulls की कहानी, इसकी शुरुआत, नियम, खतरे और सांस्कृतिक महत्व।

पैम्प्लोना, स्पेन:  हर साल जुलाई का पहला सप्ताह आते ही स्पेन का छोटा-सा शहर Pamplona दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लेता है। सफेद कपड़े और लाल स्कार्फ पहने हजारों लोग सड़कों पर उमड़ पड़ते हैं, आसमान में आतिशबाजी होती है और फिर शुरू होती है दुनिया की सबसे चर्चित और खतरनाक परंपराओं में से एक, Running of the Bulls (Encierro).

6 जुलाई को इसी परंपरा के साथ San Fermín Festival 2026 का आधिकारिक आगाज हुआ। दोपहर ठीक 12 बजे Pamplona के City Hall (Ayuntamiento) की बालकनी से पारंपरिक Chupinazo (रॉकेट लॉन्च) किया गया।

इसके साथ ही हजारों लोगों ने लाल रूमाल लहराकर “Viva San Fermín” और “Gora San Fermín” के नारे लगाए और नौ दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक उत्सव की शुरुआत हुई।

इस वर्ष भी दुनिया भर से हजारों पर्यटक और स्थानीय लोग Pamplona पहुंचे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं, क्योंकि अगले कई दिनों तक हर सुबह सैकड़ों लोग छह लड़ाकू सांडों (Fighting Bulls) के साथ लगभग 875 मीटर लंबी संकरी गलियों में दौड़ लगाएंगे। यह परंपरा जितनी रोमांचक है, उतनी ही जोखिमभरी भी मानी जाती है।

लेकिन आखिर यह उत्सव शुरू कैसे हुआ? क्या इसका उद्देश्य केवल सांडों के साथ दौड़ना था? और क्यों आज भी लाखों लोग जान का खतरा उठाकर इसमें हिस्सा लेते हैं?

San Fermín Festival क्या है?

San Fermín स्पेन के Navarre (Navarra) क्षेत्र की राजधानी पैम्प्लोना (Pamplona) का सबसे प्रसिद्ध धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव है। यह हर वर्ष 6 जुलाई से 14 जुलाई तक आयोजित किया जाता है।

यह उत्सव Saint Fermín (San Fermín) की स्मृति में मनाया जाता है, जिन्हें नवार्रे (Navarre) का संरक्षक संत (Patron Saint) माना जाता है।

हालांकि आज यह उत्सव पूरी दुनिया में “Running of the Bulls” के कारण प्रसिद्ध है, लेकिन वास्तव में इसमें केवल सांडों की दौड़ ही नहीं होती।

पूरे नौ दिनों के दौरान धार्मिक शोभायात्राएँ, पारंपरिक संगीत, लोकनृत्य, आतिशबाजी, विशाल कठपुतली जुलूस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, बुलफाइट जैसे अनेक आयोजन भी होते हैं।

कौन थे Saint Fermín?

San Fermín उत्सव की जड़ें ईसाई धर्म के शुरुआती इतिहास से जुड़ी हुई हैं।

ऐतिहासिक और धार्मिक परंपराओं के अनुसार संत फर्मिनका जन्म तीसरी शताब्दी के आसपास पैम्प्लोना में हुआ था। उनके पिता स्थानीय रोमन अधिकारी थे।

कहा जाता है कि बाद में संत सैटर्निनस (San Saturnino) ने उन्हें ईसाई धर्म में दीक्षित किया। युवावस्था में फर्मिनफ्रांस के Amiens पहुंचे, जहां उन्होंने ईसाई धर्म का प्रचार किया।

परंपरा के अनुसार लगभग 303 ईस्वी में रोमन शासन के दौरान उन्हें शहीद कर दिया गया। बाद में उन्हें संत घोषित किया गया और नवार्रे क्षेत्र का संरक्षक संत माना जाने लगा। इसी कारण हर वर्ष जुलाई में उनके सम्मान में धार्मिक उत्सव आयोजित किया जाता है।

San Fermín Festival की शुरुआत कैसे हुई?

इतिहासकारों के अनुसार आज का San Fermín Festival वास्तव में तीन अलग-अलग परंपराओं के मिलन से विकसित हुआ।

1. धार्मिक उत्सव – Saint Fermín की स्मृति में मध्यकाल से धार्मिक जुलूस निकाले जाते थे।

2. पशु व्यापार मेले – पैम्प्लोना लंबे समय से पशु व्यापार का महत्वपूर्ण केंद्र रहा।हर वर्ष गर्मियों में यहां बड़े पशु मेले लगते थे।

3. Bullfightingइन मेलों में लड़ाकू सांड भी लाए जाते थे।उन्हें शहर के बाहर बने बाड़ों से बुलफाइटिंग एरीना तक ले जाया जाता था।

धीरे-धीरे स्थानीय युवाओं ने इन सांडों के आगे दौड़ना शुरू कर दिया। यही परंपरा आगे चलकर Running of the Bulls बन गई। 16वीं-17वीं शताब्दी तक यह उत्सव वर्तमान स्वरूप लेने लगा।

कैसे होती है Running of the Bulls?

San Fermín Festival का सबसे चर्चित आयोजन Running of the Bulls (Encierro) हर सुबह ठीक 8 बजे शुरू होता है। इसमें छह लड़ाकू सांड (Bulls) और कई प्रशिक्षित बैल (Steers) को Pamplona के पुराने शहर की गलियों से लगभग 875 मीटर दूर स्थित Plaza de Toros (बुलरिंग) तक ले जाया जाता है।

यह पूरी दौड़ सामान्यतः 2 से 4 मिनट में पूरी हो जाती है, लेकिन इस दौरान सांड संकरी और घुमावदार गलियों में 24 किलोमीटर प्रति घंटे या उससे अधिक की रफ्तार से दौड़ सकते हैं।

दौड़ शुरू होने से पहले प्रतिभागी Saint Fermín की प्रतिमा के सामने प्रार्थना करते हैं और पारंपरिक गीत गाते हैं। इसके बाद एक रॉकेट छोड़ा जाता है, जो सांडों को छोड़े जाने का संकेत होता है। हजारों प्रतिभागी सांडों के आगे दौड़ते हैं, जबकि पूरे मार्ग पर चिकित्सा दल, पुलिस और सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

सफेद कपड़े और लाल स्कार्फ के पीछे का कारण

San Fermín Festival की सबसे बड़ी पहचान है—

  • सफेद शर्ट
  • सफेद पैंट
  • लाल कमरबंद
  • लाल स्कार्फ (Red Neckerchief)

सफेद रंग उत्सव और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।

जबकि लाल स्कार्फ Saint Fermín की शहादत और उनके बलिदान का प्रतीक माना जाता है।

Chupinazo शुरू होने तक अधिकांश लोग स्कार्फ नहीं पहनते। रॉकेट लॉन्च होते ही सभी एक साथ लाल स्कार्फ गले में बांधते हैं।

पैम्प्लोना के केंद्र बनने का कारण

Pamplona सदियों से Navarre क्षेत्र की राजधानी रहा है। यह मध्यकाल में व्यापार, सेना और धार्मिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र था।

यहीं पशु बाजार लगते थे और यहीं Saint Fermín से जुड़ी धार्मिक परंपराएँ विकसित हुईं। धीरे-धीरे पूरा शहर ही इस उत्सव की पहचान बन गया।

आज भी San Fermín मुख्य रूप से Pamplona में ही आयोजित होता है, हालांकि स्पेन के कुछ अन्य क्षेत्रों में भी सांडों से जुड़े स्थानीय उत्सव होते हैं।

दुनिया भर में कैसे मशहूर हुआ यह उत्सव?

20वीं शताब्दी की शुरुआत तक San Fermín मुख्य रूप से स्पेन का स्थानीय उत्सव था। लेकिन इसकी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाने में अमेरिकी लेखक अर्नेस्ट हेमिंग्वे (Ernest Hemingway) की बड़ी भूमिका रही।

1926 में प्रकाशित उनके प्रसिद्ध उपन्यास The Sun Also Rises में Pamplona और San Fermín Festival का विस्तृत वर्णन किया गया।

इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के हजारों पर्यटक हर साल इस उत्सव में आने लगे। धीरे-धीरे यह दुनिया के सबसे प्रसिद्ध सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल हो गया।

आज भी क्यों आकर्षित करता है San Fermin Festival?

हर वर्ष लाखों लोग San Fermín देखने आते हैं, लेकिन उनमें से केवल कुछ सौ लोग ही वास्तव में सांडों के साथ दौड़ते हैं।

इसके पीछे अलग-अलग कारण बताए जाते हैं—

  • रोमांच का अनुभव
  • सदियों पुरानी परंपरा का हिस्सा बनना
  • व्यक्तिगत साहस की परीक्षा
  • सांस्कृतिक विरासत से जुड़ाव
  • एडवेंचर पर्यटन

हालांकि प्रशासन बार-बार चेतावनी देता है कि यह आयोजन बेहद जोखिमभरा है और केवल अनुभवी प्रतिभागियों को ही इसमें भाग लेना चाहिए।

वर्षों में हुईं कई बड़ी दुर्घटनाएं

San Fermín Festival जितना प्रसिद्ध है, उतना ही विवादों और दुर्घटनाओं के कारण भी चर्चा में रहा है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार 1910 से अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत Running of the Bulls के दौरान हो चुकी है। इनमें अधिकांश मौतें सांड के सींग लगने या भगदड़ के कारण हुईं।

सबसे चर्चित घटनाओं में 1924 की दुर्घटना शामिल है, जब एक ही दिन कई लोगों की जान चली गई थी। हाल के वर्षों में मौतों की संख्या कम हुई है, लेकिन हर साल दर्जनों लोग घायल होते हैं। चोटों के प्रमुख कारणों में सांड के सींग से लगने वाली गंभीर चोटें, गिरना, फिसलना और भीड़ के दबाव में कुचल जाना शामिल है।

Running of the Bulls के दौरान अब तक की सबसे हालिया मौत 10 जुलाई 2009 को हुई थी, जब स्पेन के 27 वर्षीय डेनियल जिमेनो रोमेरो (Daniel Jimeno Romero) की गर्दन में सांड का सींग लगने से उनकी मृत्यु हो गई।

इसी वजह से पैम्प्लोना प्रशासन हर वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करता है। पूरे मार्ग पर मजबूत लकड़ी की बैरिकेडिंग लगाई जाती है, चिकित्सा दल और एम्बुलेंस पहले से तैनात रहते हैं तथा पुलिस लगातार निगरानी करती है। शराब के नशे में दौड़ने, रास्ता रोकने, सांडों को छूने या जानबूझकर उन्हें उकसाने पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाता है।

परंपरा, पर्यटन और पशु अधिकारों पर बहस

San Fermín Festival स्पेन की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, लेकिन इसे लेकर लंबे समय से बहस भी जारी है। पशु अधिकार संगठनों का कहना है कि सांडों को इस तरह दौड़ाना और बाद में बुलफाइट में इस्तेमाल करना पशुओं के साथ क्रूरता है। कई अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्षों से इस परंपरा को समाप्त करने या इसमें बदलाव की मांग करते रहे हैं।

दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन, व्यापारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों का तर्क है कि यह सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत है, जिससे पैम्प्लोना की अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बड़ा लाभ मिलता है।

हर वर्ष लाखों पर्यटक होटल, रेस्तरां, स्थानीय दुकानों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर करोड़ों यूरो खर्च करते हैं। यही कारण है कि परंपरा और पशु कल्याण के बीच संतुलन को लेकर बहस लगातार जारी है।

रोमांच, इतिहास और आस्था का उत्सव

San Fermín Festival को केवल सांडों की दौड़ तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। यह धार्मिक आस्था, स्थानीय संस्कृति, लोक परंपराओं, संगीत, नृत्य और सामुदायिक उत्सव का भी प्रतीक है।

हर वर्ष लाखों लोग सफेद कपड़े और लाल स्कार्फ पहनकर Pamplona की सड़कों पर उतरते हैं और कई दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में शामिल होते हैं।

हालांकि इसके सबसे चर्चित आयोजन Running of the Bulls को लेकर विवाद और खतरे हमेशा चर्चा में रहते हैं, फिर भी इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई है। 2026 में एक बार फिर San Fermín की शुरुआत के साथ दुनिया की नजरें Pamplona पर टिक गई हैं।

यह उत्सव एक ओर सदियों पुरानी परंपरा को जीवित रखता है, तो दूसरी ओर आधुनिक समय में सुरक्षा, पशु अधिकार और सांस्कृतिक विरासत जैसे सवाल भी खड़े करता है। शायद यही विरोधाभास San Fermín Festival को दुनिया के सबसे अनोखे और चर्चित उत्सवों में शामिल करता है।

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MD Faijan

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लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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