Saturday, 27 June 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
“हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं”: देशभर के आदिवासी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष अलग धर्म कोड सहित 21 मांगों पर कार्रवाई की अपील की 25 जून 1947: जब एक किशोरी की डायरी ने दुनिया को युद्ध का सबसे मानवीय चेहरा दिखाया, जानिए Anne Frank की कहानी WWE आज भी Chris Benoit का नाम क्यों नहीं लेती? 19 साल पुरानी वह त्रासदी जिसके ज़िक्र से आज भी घबराती है कंपनी NCERT की किताब में पहली बार जुड़ा ‘Emergency’ का अध्याय, जानिए आखिर क्यों इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादित दौर माना जाता है? NKP Salve Story: 1983 विश्व कप फाइनल में नहीं मिली टिकट, तो 1987 में भारत ले आए पूरा विश्व कप, एक ऐसी कहानी जिसने बदल दी भारतीय क्रिकेट का पहचान ग्रीन मैराथन ऑन व्हील्स: नशामुक्त, स्वस्थ और हरित भारत का संदेश लेकर दिल्ली से अयोध्या के लिए रवाना हुई जागरूकता यात्रा MSME Pride Walkathon 2026 ने उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए एक मंच पर लाया 1983 Tihar Jail Escape: जब JNU के 250 छात्र पड़े तिहाड़ पर भारी, जानिए तिहाड़ जेल के सबसे चर्चित ‘जेल ब्रेक’ की कहानी “हम आदिवासी हैं, वनवासी नहीं”: देशभर के आदिवासी प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष अलग धर्म कोड सहित 21 मांगों पर कार्रवाई की अपील की 25 जून 1947: जब एक किशोरी की डायरी ने दुनिया को युद्ध का सबसे मानवीय चेहरा दिखाया, जानिए Anne Frank की कहानी WWE आज भी Chris Benoit का नाम क्यों नहीं लेती? 19 साल पुरानी वह त्रासदी जिसके ज़िक्र से आज भी घबराती है कंपनी NCERT की किताब में पहली बार जुड़ा ‘Emergency’ का अध्याय, जानिए आखिर क्यों इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादित दौर माना जाता है? NKP Salve Story: 1983 विश्व कप फाइनल में नहीं मिली टिकट, तो 1987 में भारत ले आए पूरा विश्व कप, एक ऐसी कहानी जिसने बदल दी भारतीय क्रिकेट का पहचान ग्रीन मैराथन ऑन व्हील्स: नशामुक्त, स्वस्थ और हरित भारत का संदेश लेकर दिल्ली से अयोध्या के लिए रवाना हुई जागरूकता यात्रा MSME Pride Walkathon 2026 ने उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए एक मंच पर लाया 1983 Tihar Jail Escape: जब JNU के 250 छात्र पड़े तिहाड़ पर भारी, जानिए तिहाड़ जेल के सबसे चर्चित ‘जेल ब्रेक’ की कहानी

‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ पर रोक की सिफारिश: केंद्र के आग्रह के बाद हाईकोर्ट में टली सुनवाई

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित वेब सीरीज ‘लॉरेंस ऑफ पंजाब’ को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 ने बताया कि केंद्र सरकार ने फिलहाल इस सीरीज की रिलीज टालने का अनुरोध किया है। यह सीरीज 27 अप्रैल को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसके भविष्य पर संशय बन गया है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने नए घटनाक्रम को देखते हुए सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

कोर्ट में जी5 के वकील ने बताया कि Ministry of Information and Broadcasting ने परामर्श जारी कर फिलहाल सीरीज को प्रसारित न करने के लिए कहा है। इसके बाद प्लेटफॉर्म ने अदालत को स्थिति से अवगत कराया। दरअसल, इस सीरीज के खिलाफ खुद लॉरेंस बिश्नोई की ओर से याचिका दायर की गई है, जिसमें रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है। बिश्नोई इस समय गुजरात की एक जेल में बंद है और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में भी मुख्य आरोपियों में शामिल है।

इससे पहले पंजाब पुलिस भी इस सीरीज को लेकर आपत्ति जता चुकी है। पुलिस ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि ऐसी सामग्री से कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। साथ ही यह भी आशंका जताई गई थी कि इस तरह की सीरीज युवाओं को गलत दिशा में प्रेरित कर सकती है और गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा मिल सकता है। पंजाब पुलिस की साइबर शाखा ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को भेजे पत्र में स्पष्ट किया था कि अपराध से जुड़े व्यक्तियों का महिमामंडन समाज के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।