Wednesday, 05 August 2026
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South Korea Heatwave: दक्षिण कोरिया में जानलेवा हीटवेव बनी राष्ट्रीय आपदा, अब तक 19 लोगों की मौत

लगातार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और उमस ने दक्षिण कोरिया में हालात गंभीर कर दिए हैं। सरकार ने हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया है। अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है।

सियोल: दक्षिण कोरिया इस समय कई वर्षों की सबसे भीषण गर्मी का सामना कर रहा है। लगातार बढ़ते तापमान, उमस और रात में भी राहत न मिलने वाली गर्मी ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि देश की सरकार ने हीटवेव को ‘राष्ट्रीय आपदा (National Disaster)’ घोषित कर दिया है।

सरकारी एजेंसियों के अनुसार, इस गर्मी के मौसम में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग हीट-संबंधी बीमारियों के कारण अस्पतालों में भर्ती हुए हैं।

स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोरियन बेसबॉल ऑर्गेनाइजेशन (KBO) को भी खिलाड़ियों और दर्शकों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ मुकाबले रद्द करने पड़े। राजधानी सियोल सहित देश के कई हिस्सों में लगातार हीटवेव चेतावनी जारी है और नागरिकों से दिन के समय घरों से बाहर न निकलने की अपील की जा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, समुद्री तापमान में वृद्धि और लंबे समय तक बने रहने वाले उच्च वायुदाब (High Pressure System) ने इस संकट को और गंभीर बना दिया है। सरकार राहत उपायों के साथ-साथ भविष्य में ऐसी चरम मौसमी घटनाओं से निपटने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

राष्ट्रीय आपदा घोषित

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्योंग (Lee Jae-myung) ने बढ़ती मौतों और लगातार बिगड़ती परिस्थितियों के बीच हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को निर्देश दिया कि लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

सरकार का कहना है कि मौजूदा हीटवेव केवल मौसम संबंधी सामान्य घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि, ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर व्यापक असर डाल रही है। यही वजह है कि इसे प्राकृतिक आपदा के समान गंभीरता से लिया जा रहा है।

राष्ट्रपति ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, निर्माण श्रमिकों, किसानों और खुले में काम करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन से कहा गया है कि कूलिंग सेंटरों की संख्या बढ़ाई जाए और जरूरतमंद लोगों तक राहत जल्द पहुंचाई जाए।

अब तक 19 की मौत

कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी (KDCA) और अन्य सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष गर्मी के मौसम में कम से कम 19 लोगों की मौत हीट-संबंधी कारणों से हुई है।

इसके अलावा हजारों नागरिकों को हीट स्ट्रोक, हीट एग्जॉशन, डिहाइड्रेशन और अन्य गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण अस्पतालों में इलाज कराना पड़ा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे अधिक भी हो सकती है क्योंकि कई मामलों में हीटवेव अप्रत्यक्ष रूप से पहले से मौजूद बीमारियों को गंभीर बना देती है।

सियोल समेत कई शहरों में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

राजधानी सियोल, डेगू, डेयजॉन, ग्वांगजू और देश के कई अन्य हिस्सों में लगातार कई दिनों से तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार कई स्थानों पर दिन का तापमान 35 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया, जबकि रात में भी तापमान पर्याप्त रूप से नीचे नहीं गिर रहा। ऐसी स्थिति को ‘ट्रॉपिकल नाइट्स’ कहा जाता है, जिसमें न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहता है।

रात में भी गर्मी बने रहने के कारण लोगों के शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे हीट स्ट्रेस और स्वास्थ्य जोखिम कई गुना बढ़ जाते हैं।

रद्द करने पड़े खेल मुकाबले

भीषण गर्मी का असर कोरिया के खेल जगत पर भी साफ दिखाई दिया। कोरियन बेसबॉल ऑर्गेनाइजेशन (KBO) ने खिलाड़ियों, अधिकारियों और दर्शकों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ निर्धारित मुकाबलों को स्थगित या रद्द करने का फैसला लिया।

दक्षिण कोरिया में बेसबॉल सबसे लोकप्रिय खेलों में शामिल है और गर्मियों के दौरान बड़ी संख्या में दर्शक स्टेडियम पहुंचते हैं। लेकिन अत्यधिक तापमान में लंबे समय तक खुले मैदान में रहना खतरनाक माना गया।

विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि इतनी गर्मी में खिलाड़ियों में हीट स्ट्रोक, मांसपेशियों में ऐंठन और डिहाइड्रेशन का खतरा काफी बढ़ जाता है।

कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित

सरकारी एजेंसियों के अनुसार भीषण हीटवेव का सबसे ज्यादा खतरा समाज के कमजोर और संवेदनशील वर्गों पर पड़ रहा है। इनमें बुजुर्ग, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं सबसे अधिक जोखिम में हैं, क्योंकि उनके शरीर की गर्मी सहने की क्षमता अपेक्षाकृत कम होती है।

इसके अलावा खेतों में काम करने वाले किसान, निर्माण श्रमिक, डिलीवरी कर्मचारी और अन्य खुले स्थानों पर लंबे समय तक काम करने वाले मजदूर भी अत्यधिक तापमान के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर सकते हैं।

पहले से हृदय, श्वसन या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों के लिए भी हीटवेव जानलेवा साबित हो सकती है। इसी खतरे को देखते हुए दक्षिण कोरियाई सरकार ने विभिन्न उद्योगों और संस्थानों से दोपहर के सबसे गर्म समय में बाहरी काम सीमित करने तथा कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।

हीटवेव की वजह क्या है?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बार की गर्मी कई कारणों के संयुक्त प्रभाव का परिणाम है।

1. शक्तिशाली हाई प्रेशर सिस्टम

पूर्वी एशिया के ऊपर लंबे समय तक बना उच्च वायुदाब बादलों के बनने में बाधा डाल रहा है। इससे सूर्य की गर्मी लगातार धरती तक पहुंच रही है।

2. जलवायु परिवर्तन

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण चरम मौसम की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हीटवेव अब पहले की तुलना में अधिक लंबी, अधिक तीव्र और अधिक बार देखने को मिल रही हैं।

3. समुद्री सतह का बढ़ता तापमान

कोरियाई प्रायद्वीप के आसपास समुद्र का तापमान भी सामान्य से अधिक है, जिससे वातावरण में अतिरिक्त गर्मी और नमी बनी हुई है।

4. शहरी हीट आइलैंड प्रभाव

सियोल जैसे बड़े शहरों में कंक्रीट, डामर और ऊंची इमारतें दिनभर गर्मी को अवशोषित करती हैं और रात में धीरे-धीरे छोड़ती हैं। इससे शहरों का तापमान आसपास के ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक रहता है।

सरकार क्या कदम उठा रही है?

राष्ट्रीय आपदा घोषित होने के बाद सरकार ने कई आपात कदम उठाए हैं।

  • देशभर में अतिरिक्त कूलिंग सेंटर खोले जा रहे हैं।
  • बुजुर्गों की नियमित स्वास्थ्य निगरानी की जा रही है।
  • निर्माण स्थलों पर कार्य समय में बदलाव किया जा रहा है।
  • आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया है।
  • स्थानीय प्रशासन को पेयजल वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
  • हीट अलर्ट संदेश मोबाइल फोन के जरिए नागरिकों तक भेजे जा रहे हैं।
  • स्कूलों और सार्वजनिक संस्थानों को आवश्यकतानुसार समय में बदलाव की अनुमति दी गई है।

कृषि पर भी बड़ा खतरा

भीषण गर्मी का असर केवल लोगों के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा प्रभाव कृषि और पशुपालन पर भी पड़ रहा है। अत्यधिक तापमान के कारण धान सहित कई प्रमुख फसलों की पैदावार प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

गर्मी और पानी की कमी से सिंचाई की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे ग्रामीण इलाकों में जल संकट गहरा सकता है। वहीं, पशुओं में हीट स्ट्रेस बढ़ने से उनकी मृत्यु का खतरा भी बढ़ रहा है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए दक्षिण कोरिया के कृषि मंत्रालय ने किसानों को फसलों की अतिरिक्त सिंचाई करने और पशुओं को ठंडा वातावरण उपलब्ध कराने जैसे आवश्यक उपाय अपनाने की सलाह दी है।

बिजली व्यवस्था पर बढ़ा दबाव

भीषण हीटवेव का असर दक्षिण कोरिया की बिजली व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य शीतलन उपकरणों के इस्तेमाल से देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।

बढ़ती खपत को देखते हुए ऊर्जा मंत्रालय अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का उपयोग कर बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, ताकि बड़े पैमाने पर बिजली कटौती की नौबत न आए।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अत्यधिक गर्मी का यह दौर लंबे समय तक जारी रहा, तो ऊर्जा क्षेत्र पर दबाव और बढ़ सकता है। ऐसे में सरकार बिजली उत्पादन, आपूर्ति प्रबंधन और ऊर्जा बचत उपायों पर समानांतर रूप से काम कर रही है, ताकि संकट की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

क्या भविष्य में ऐसी घटनाएं बढ़ेंगी?

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र की जलवायु रिपोर्टें लगातार चेतावनी देती रही हैं कि यदि वैश्विक तापमान बढ़ता रहा तो एशिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में हीटवेव अधिक सामान्य हो जाएगी।

वैज्ञानिकों के अनुसा इससे –

  • अत्यधिक गर्म दिनों की संख्या बढ़ेगी।
  • रात का तापमान भी अधिक रहेगा।
  • हीटवेव का समय और अवधि दोनों बढ़ सकते हैं।
  • सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसका असर और गंभीर होगा।

संकट से निपटने के उपाय

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल आपातकालीन राहत पर्याप्त नहीं होगी। दीर्घकालिक रणनीति भी जरूरी है।

मुख्य सुझावों में –

  • शहरों में अधिक हरित क्षेत्र विकसित करना।
  • गर्मी कम करने वाली शहरी डिजाइन अपनाना।
  • भवनों में ऊर्जा दक्ष तकनीक बढ़ाना।
  • प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली को मजबूत करना।
  • श्रमिक सुरक्षा नियमों को और सख्त बनाना।
  • जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना।
  • ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने की दिशा में दीर्घकालिक निवेश करना शामिल हैं।

एक चेतावनी, जिसे दुनिया नजरअंदाज नहीं कर सकती

दक्षिण कोरिया में 19 लोगों की मौत और हीटवेव को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना इस बात का संकेत है कि अत्यधिक गर्मी अब केवल मौसमी असुविधा नहीं, बल्कि एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा बन चुकी है।

सरकार लगातार राहत और बचाव के उपायों के प्रयास में जुटी है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसी घटनाओं की आवृत्ति और तीव्रता बढ़ सकती है। इसलिए तत्काल राहत के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन से निपटने की दीर्घकालिक रणनीति अपनाना भी उतना ही आवश्यक होगा।

दक्षिण कोरिया का मौजूदा संकट पूरी दुनिया के लिए एक चेतावनी है कि बदलते मौसम के खतरों को अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की चुनौती मानकर उससे निपटना होगा।

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MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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