इंदौर के मैदानों से IPL की बादशाहत तक, रजत पाटीदार की प्रेरणादायक कहानी जिसने RCB की किस्मत बदल दी।
RCB ने 31 जून (रविवार) को खेले गए IPL 2026 के फाइनल मुकाबले में GT (गुजरात टाइटंस) को हराकर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इस जीत के साथ RCB लगातार दो सीजन आईपीएल जीतने का कारनामा करने वाली तीसरी टीम बन गई है।। इससे पहले यह कारनामा चेन्नई सुपर किंग्स (2010 और 2011) और मुंबई इंडियंस (2019 और 2020) किया था। बार-बार और लगातार ट्रॉफी जीतने की परंपरा वाली फेहरिस्त में महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के बाद अब रजत पाटीदार ने भी अपना नाम शामिल कर लिया है।
साल 2021 में 20 लाख रुपये के बेस प्राइज पर RCB से जुड़ने वाले रजत ने भी ये नहीं सोचा होगा कि वे RCB के लिए 18 साल से पड़ा सूखा खत्म कर ‘ई साला कप नामदे’ के चलन को तोड़ेंगे। किसे पता था कि जिस रजत को विराट कोहली पहली मुलाकात में जानते भी नहीं थे, वो ही रजत 18 साल से चले आ रहे विराट के सपने को आखिरकार पूरा करेंगे और 2026 में RCB के जीत का क्रम बरकरार रखेंगे।
रजत का प्ररंभिक जीवन
रजत पाटीदार का जन्म 1 जून 1993 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ था। उनके पिता मनोहर पाटीदार एक व्यवसायी थे और वे चाहते थे कि रजत भी इस पारीवारिक जिम्मेदारी को संभाले। लेकिन रजत के दादा ने रजत की प्रतिभा को किसी एसी दफ्तर में नहीं बल्कि क्रिकेट के मैदान में तराशने की सोची। जब रजत 8 साल के हुए तो उनके दादा ने उनको इंदौर के एक क्रिकेट क्लब में दाखिल करा दिया। यहां रजत ने क्रिकेट से जुड़े सभी बुनियादी तत्वों को समझा और भविष्य के लिए अपनी राह बनानी शुरू की।
गेंदबाज के रूप मे करियर की शुरूआत
आज जिस रजत को क्रिकेट प्रेमी लंबे-लंबे छक्के लगाते देखते हैं, उन्हें यह जानकर हैरानी होगी कि रजत ने अपने घरेलू क्लब में 8 से 14 साल की उम्र तक सिर्फ गेंजबादी की। रजत एक तेज गेंदबाज बनना चाहते थे, लेकिन 18 साल की आयु तक उन्हें उनकी गेंदबाजी के दम पर राज्य के किसी भी टीम में जगह महीं मिली। जिसके बाद उन्होंने तेज गेंदबाजी छोड़ स्पीन गेंदबाजी में अपना हाथ आजमाया। खेल में ऑलराउड खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए रजत के कोच ने उन्हें बल्लेबाजी पर भी ध्यान देने की सलाह दी। इसके रजत ने खुद को एक बल्लेबाज के तौर पर भी सक्षम बनाने की कोशिश की।
प्रथम श्रेणी में रजत का पदार्पण
लगातार राज्य स्तरीय क्रिकेट में अपनी जगह को लेकर जद्दोजहद कर रहे रजत को आखिरकार 2015-16 के रणजी ट्रॉफी सत्र में मध्य प्रदेश के लिए खेलने का मौका मिला। इस सुनहरे मौके को रजत ने खुले दिल से स्वीकार किया और उन्होंने अपने पहले ही मुकाबले में शतक जड़कर अपने बल्ले से एक बड़ा स्टेटमेंट दिया।

2018-19 के रणजी ट्रॉफी सत्र में वे मध्यप्रदेश के लिए सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने उस सीजन खेले गए 8 मुकाबलों में कुल 713 रन बनाए। उनके इस प्रदर्शन के बदौलत उनका चयन 2019-20 के दिलिप ट्रॉफी की ब्लू टीम में हुआ।
2023 में मिली भारतीय टीम में जगह
घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने की वजह से साल 2023 के आखिरी महीने में उन्हें इंडिया टीम का कॉल अप आया। ये मौका रजत के लिए बेहद खास था, क्योंकि उन्होंने 8 साल से लेकर अब तक सारी मेहनत इसी लम्हे को जीने के लिए की थी। बहरहाल उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मुकाबला 21 दिसंबर 2023 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला। उस ODI मैच में उन्होंने 22 रन बनाए थे।
30 की उम्र में टेस्ट डेब्यू
ODI में पदार्पण के ठीक 1 महीने बाद ही रजत को टेस्ट मैच में भी डेब्यू का मौका मिला। उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच 2 फरवरी, 2024 को इंग्लैंड के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेला। इसके पीछे की भी एक बड़ी ही दिलचस्प कहानी है। दरअसल, टेस्ट क्रिकेट एक ऐसा फॉर्मेट है जिसमें 30 की उम्र के बाद पदार्पण करना एक बड़ी चुनौती होती है। देश में कुछ गिने चुने ही ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने 30 की उम्र के बाद टेस्ट मैच में डेब्यू किया हो। लेकिन रजत ने इस सोच को भी गलत साबित किया और 30 की उम्र के बाद टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले भारत के 7वें खिलाड़ी बने।

2021 में आईपीएल सफर की शुरुआत
2015 में अपने घरेलू क्रिकेट की शुरुआत करने वाले रजत को आईपीएल में शामिल होने के लिए 6 साल लंबा इंतजार करना पड़ा। उनका नाम हर साल के IPL Auction में आता था, पर कोई भी टीम उन्हें खरीदती नहीं थी। लेकिन साल 2021 में RCB ने रजत पर भरोसा जताते हुए उन्हें 20 लाख रुपये के बेस प्राइस पर खरीदा। उस सीजन अपने खेले गए 4 मैचों में रजत ने 114.5 के स्ट्राइक रेट से 71 रन बनाए। लगातार अच्छा प्रदर्शन न कर पाने के कारण सीजन खत्म के बाद RCB ने रजत को रिलीज कर दिया।

शादी छोड़ IPL को दी प्राथमिकता
साल 2022 के आईपीएल ऑक्शन से पहले RCB ने रजत से वादा किया था कि वे उन्हें खरीद लेंगे। लेकिन ऑक्शन टेबल पर समीकरण कुछ ऐसा बदला कि वे रजत को नहीं खरीद सके। उस सीजन किसी दूसरी टीम ने भी रजत पर भरोसा नहीं जताया। इसके बाद रजत ने अपनी शादी की तैयारियां शुरू कर दीं। उनका विवाह रतलाम की रहने वाली गुंजन से होने वाली थी। शादी की सभी तैयारियां हो चुकी थीं, यहां तक कि कार्ड भी छप चुके थे। लेकिन फिर कहानी में एक ऐसा ट्विस्ट आया जो आगे चलकर RCB की दिशा और दशा हमेशा-हमेशा के लिए बदलने वाला था।
दरअसल, शादी से कुछ ही दिन पहले आरसीबी की तरफ से रजत को कॉल कर यह जानकारी दी जाती है कि उन्हें एक इंजरी सबस्टीट्यूट के तौर पर रजत की जरूरत है और वे चाहते हैं कि रजत सीजन के बीच में ही टीम को जॉइन करें। पहले तो रजत ने इसके लिए टीम को मना कर दिया था, पर बाद में अपनी शादी टालकर रजत RCB के खेमें में शामिल हो गए। रजत ने सीजन के बीच में चोटिल हुए RCB खिलाड़ी लुवनीत सिसोदिया की जगह ली। उस सीजन रजत ने कुल 8 मुकाबले खेले, जिसमें उन्होंने 55.50 की बेहतरीन औसत के साथ 333 रन बनाए। उस साल खेले गए एलिमिलेटर मुकाबले में LSG के खिलाफ नाबाद 112 रनों की पारी खेलकर उन्होंने अपनी प्रतिभा के एक अटूट छाप छोड़ी। इसके साथ ही रजत आईपीएल के प्लेऑफ मुकाबले में शतक जड़ने वाले पहले गैर अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी भी बने। सीजन खत्म होने के बाद रजत ने गुंजन से किया अपना वादा पूरा किया और जुलाई 2022 में दोनों ने शादी कर ली।

2023 में चोट के कारण IPL से बाहर
2022 के आईपीएल में अपने बेहतरीन फॉर्म से सभी RCB के फैंस का दिल जीतने वाले रजत के लिए साल 2023 की शुरुआत चिंताजनक रही। एड़ी की नस की चोट से जूझ रहे रजत को उस साल आईपीएल से बाहर रहना पड़ा। हालांकि साल के अंत और 2024 की शुरुआत में उन्हें अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण करने का मौका भी मिला।

2024 में शानदार वापसी
2023 के लंबे ब्रेक के बाद जब रजत आईपीएल के मैदान पर उतरे, तो उनका सफर फिर एक बार बेहतरीन फॉर्म के साथ ही शुरू हुआ। बतौर खिलाड़ी उन्होंने उस सीजन 15 मुकाबलों में 395 रन बनाए और RCB को प्लेऑफ तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उस पूरे सीजन रजत ने कुल 33 छ्क्के मारे। धीरे-धीरे RCB का विश्वास रजत पर बढ़ता जा रहा था, और अगले साल रजत को इसका फल भी मिला।

2025 में कप्तानी और जिता दी ट्रॉफी
2025 के आईपीएल से पहले रजत पाटीदार को RCB ने रिटेन किया और उन्हें 11 करोड़ रुपये दिए। सभी को चौंकाते हुए फ्रेंचाइजी ने रजत को टीम का नया कप्तान भी बना दिया। इस सीजन RCB अविश्वस्नीय खेल का प्रदर्शन करते हुए अंक तालिका में दूसरे पायदान पर रही। फाइनल मुकाबले में पंजाब किंग्स को हराकर RCB ने अपने 18 साल के खिताबी सूखे का अंत किया। पूरे सीजन रजत की कप्तानी काबिल-ए-तारीफ थी। बतौर खिलाड़ी उन्होंने सीजन में 312 रन बनाए और टीम को हमेशा कठिन परिस्थितियों से बाहर निकाला।

2026 में दोहराया खिताबी अभियान
लगातार दूसरे साल रजत की कप्तानी में टीम ने अपने प्रदर्शन को और अधिक निखारा। इस साल RCB अपने 14 में से 9 मुकाबले जीतकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर काबिज रही। फाइनल में उन्होंने इस बार गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराकर लगातार दूसरी बार आईपीएल की ट्रॉफी अपने नाम की। बतौर खिलाड़ी रजत के प्रदर्शन में और बेहतरी हुई। इस सीजन उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए। प्लेऑफ के पहले क्वालिफायर में गुजरात के खिलाफ उन्होंने 33 गेंदों पर शानदार 93 नाबाद की पारी खेली।

यकीनन, रजत एक ऐसा चेहरा हैं जो RCB की लंबे समय से चली आ रही सेलेब्रिटी वाली स्टेटस में फिट नहीं बैठते, लेकिन उनके प्रदर्शन, कप्तानी की सोच और ड्रेसिंग रुम में खिलाड़ियों के रख रखाव का ही ये नतीजा है कि वे IPL में RCB के लिए सबसे लकी और सबसे सफल कप्तान साबित हुए हैं।
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