Saturday, 01 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल झारखंड JPSC पेपर लीक के आरोपों पर बढ़ता बवाल, सड़कों पर उतरे छात्र, BJP ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में ₹200 से ज्यादा की कटौती, दिल्ली-कोलकाता में कारोबारियों को राहत आईआईए का 11वां इंडिया फूड एक्सपो 2026 लखनऊ में, दिल्ली में उद्योग संवाद 31 जुलाई 1995: भारत में दो राजनेताओं के बीच हुई पहली फोन कॉल, जिसने बदला देश में संचार का स्वरूप ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल झारखंड JPSC पेपर लीक के आरोपों पर बढ़ता बवाल, सड़कों पर उतरे छात्र, BJP ने मांगा मुख्यमंत्री का इस्तीफा कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में ₹200 से ज्यादा की कटौती, दिल्ली-कोलकाता में कारोबारियों को राहत आईआईए का 11वां इंडिया फूड एक्सपो 2026 लखनऊ में, दिल्ली में उद्योग संवाद 31 जुलाई 1995: भारत में दो राजनेताओं के बीच हुई पहली फोन कॉल, जिसने बदला देश में संचार का स्वरूप

कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील

कोल एम्प्लॉइज फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से पेंशन सुधार, IDA लागू करने और बंद पेंशन जल्द बहाल करने की मांग उठाई

नई दिल्ली, :कोल एम्प्लॉइज फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन व्यवस्था में सुधार की मांग की है। फोरम का कहना है कि कोल माइंस फैमिली पेंशन स्कीम (CMPFS-1971) और कोल माइंस पेंशन स्कीम (CMPS-1998) के तहत मिलने वाली न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर ₹10,000 किया जाए। इसके साथ ही पेंशन को महंगाई से जोड़ते हुए इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) लागू किया जाए और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जाए।

प्रेस क्लब में रखी गईं प्रमुख मांगें

नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस वार्ता में कोल एम्प्लॉइज फोरम के अध्यक्ष बिमन मित्रा, संयुक्त महासचिव मोऊ मुखर्जी, महासचिव चंचल बनर्जी और कार्यकारिणी सदस्य लक्ष्मण कालवाला ने कहा कि यह एक गैर-राजनीतिक संगठन है, जो कोल इंडिया के सेवानिवृत्त कर्मचारियों, CMPFO के पेंशनभोगियों और विधवा पेंशनभोगियों के हितों के लिए काम कर रहा है।

फोरम ने बताया कि मौजूदा समय में हजारों पेंशनभोगियों को बेहद कम पेंशन मिल रही है। संगठन के अनुसार, करीब 21,000 पेंशनभोगियों को हर महीने ₹1,000 से भी कम पेंशन मिलती है, जबकि पुरानी योजना के तहत कई विधवा पेंशनभोगियों को आज भी सिर्फ ₹320 प्रति माह पारिवारिक पेंशन दी जा रही है। उनका कहना है कि कई वर्षों से इन पेंशनों में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ है और इन्हें महंगाई के अनुसार बढ़ाने की व्यवस्था भी नहीं है।

लाखों पेंशनभोगियों पर असर

फोरम के मुताबिक, कोल इंडिया से जुड़े लगभग 6 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी हैं। इनमें से करीब 4.76 लाख लोग फिलहाल पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। वहीं, लगभग 47,000 लोगों की पेंशन जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं करने, जानकारी की कमी और जटिल प्रक्रियाओं के कारण बंद हो गई है।

संगठन ने कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (CMPFO) से अपील की है कि वह जागरूकता अभियान चलाए और बंद पेंशन को दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया को आसान बनाए।

बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की भी मांग

फोरम ने स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। संगठन का कहना है कि 4 लाख से ज्यादा सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों के पास कोल इंडिया का मेडिकल कार्ड नहीं है, जिसके कारण उन्हें इलाज कराने में परेशानी होती है।

उन्होंने मांग की कि 75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों को आयुष्मान भारत या किसी समान स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के दायरे में शामिल किया जाए। साथ ही सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवा पेंशनभोगियों के लिए सस्ती और आसान चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

फोरम की प्रमुख मांगें

फोरम ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखी हैं। इनमें CMPFS-1971 और CMPS-1998 के तहत न्यूनतम मासिक पेंशन ₹10,000 करना, पेंशन को महंगाई से जोड़ते हुए IDA लागू करना, पेंशन फंड का नियमित एक्चुरियल मूल्यांकन और पारदर्शी ऑडिट कराना, प्रक्रियागत कारणों से बंद हुई पेंशन को जल्द बहाल करना, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और विधवा पेंशनभोगियों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा उन्हें आयुष्मान भारत योजना का लाभ देना शामिल है। इसके अलावा कोयला पेंशनभोगियों को केंद्र सरकार और सार्वजनिक उपक्रमों के अन्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बराबर पेंशन सुविधाएं देने की भी मांग की गई है।

सरकार से जल्द फैसले की अपील

कोल एम्प्लॉइज फोरम का कहना है कि सेवानिवृत्त कोयला कर्मचारियों ने देश के सबसे कठिन और जोखिम भरे उद्योगों में वर्षों तक काम किया है। इसलिए उन्हें सम्मानजनक पेंशन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षित सेवानिवृत्त जीवन मिलना चाहिए। फोरम ने केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय से इन लंबे समय से लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने और पेंशन व्यवस्था में जरूरी सुधार लागू करने की अपील की है।

ये भी पढ़ें :- देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल

Home » कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील
शेयर करें: Facebook X WhatsApp
Aniket

Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।