Tuesday, 30 June 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
केरल कोर्ट का सख्त आदेश: कर्नाटक के आरोपियों के पीड़ित परिवार के घर में प्रवेश पर अंतरिम रोक Yaba Tablet Seized: मिजोरम सीमा के पास 7.5 करोड़ की नशीली खेप पकड़ी गई, एक आरोपी गिरफ्तार राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता, शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी Pakistan Airstrike on Afghanistan: अफ्गानिस्तान सरकार का दावा, पाकिस्तान के हवाई हमलों से 36 लोगों की मौत, 160 से अधिक घायल CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं स्टूडेंट्स को राहत, इस साल नहीं लागू होगी 3 भाषा नीति Maharashtra Poison Case: मुहर्रम जुलूस में ज़हर बांटने की साजिश नाकाम, कैप्सूल के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी मासूम से दरिंदगी के आरोपी की दिल्ली हाईकोर्ट ने की जमानत रद्द, 57 साल के स्कूल कर्मी को दोबारा जाना होगा जेल Hakan Sukur: FIFA World Cup का सबसे तेज गोल करने वाला खिलाड़ी, आज क्यों अपने ही देश से दूर है? केरल कोर्ट का सख्त आदेश: कर्नाटक के आरोपियों के पीड़ित परिवार के घर में प्रवेश पर अंतरिम रोक Yaba Tablet Seized: मिजोरम सीमा के पास 7.5 करोड़ की नशीली खेप पकड़ी गई, एक आरोपी गिरफ्तार राजस्थान-हरियाणा के बीच यमुना जल परियोजना पर ऐतिहासिक समझौता, शेखावाटी तक पहुंचेगा यमुना का पानी Pakistan Airstrike on Afghanistan: अफ्गानिस्तान सरकार का दावा, पाकिस्तान के हवाई हमलों से 36 लोगों की मौत, 160 से अधिक घायल CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं स्टूडेंट्स को राहत, इस साल नहीं लागू होगी 3 भाषा नीति Maharashtra Poison Case: मुहर्रम जुलूस में ज़हर बांटने की साजिश नाकाम, कैप्सूल के साथ गिरफ्तार हुआ आरोपी मासूम से दरिंदगी के आरोपी की दिल्ली हाईकोर्ट ने की जमानत रद्द, 57 साल के स्कूल कर्मी को दोबारा जाना होगा जेल Hakan Sukur: FIFA World Cup का सबसे तेज गोल करने वाला खिलाड़ी, आज क्यों अपने ही देश से दूर है?

Pakistan Airstrike on Afghanistan: अफ्गानिस्तान सरकार का दावा, पाकिस्तान के हवाई हमलों से 36 लोगों की मौत, 160 से अधिक घायल

अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव फिर बढ़ा। तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी हवाई हमलों में 36 मौतों और 160 से ज्यादा घायलों का दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने आतंकियों को निशाना बनाने की बात कही।

काबुल/इस्लामाबाद: 29 जून 2026 को अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से सुलग रहा सीमा विवाद एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने उसके पूर्वी प्रांतों में हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 36 नागरिकों की मौत हो गई और 160 से अधिक लोग घायल हो गए। दूसरी ओर पाकिस्तान का दावा है कि उसने आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया और कार्रवाई में 29 उग्रवादी मारे गए।

यह घटना केवल एक सीमा-पार सैन्य कार्रवाई नहीं है। इसके पीछे वर्षों पुराना अविश्वास, आतंकवाद, सीमा विवाद और क्षेत्रीय राजनीति की जटिल कहानी छिपी हुई है। ऐसे समय में जब दोनों देशों के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं, यह घटनाक्रम दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को लेकर नई चिंताएं पैदा कर रहा है।

29 जून को क्या हुआ?

अफगान अधिकारियों के अनुसार पाकिस्तान ने रात के समय पूर्वी अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। सबसे अधिक नुकसान पक्तिया (Paktia), पक्तिका (Paktika) और कुनार (Kunar) प्रांतों में हुआ। तालिबान सरकार का दावा है कि हमलों में महिलाएं और बच्चे भी मारे गए।

पाकिस्तान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज नहीं किया, लेकिन कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य नागरिक नहीं बल्कि आतंकवादी संगठन थे। इस्लामाबाद के अनुसार हमले उन ठिकानों पर किए गए जहां पाकिस्तान विरोधी उग्रवादी समूह सक्रिय थे।

दोनों देशों के दावों में बड़ा अंतर है। जहां अफगानिस्तान इसे नागरिकों पर हमला बता रहा है, वहीं पाकिस्तान इसे आतंकवाद विरोधी अभियान कह रहा है।

कथित “डबल स्ट्राइक” ने बढ़ाई चिंता

अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि पक्तिया प्रांत के चमकनी (Samkani/Chamkani) जिले में पहले एक हवाई हमला हुआ। जब स्थानीय लोग घायलों को बचाने पहुंचे तो कुछ समय बाद दूसरा हमला किया गया। इसी दूसरे हमले में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए।

अफगान सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ितरत ने कहा कि अधिकांश मौतें इसी घटना में हुईं। हालांकि पाकिस्तान ने इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।

हमदुल्लाह फ़ितरत ने दी जानकारी

तालिबान सरकार के प्रवक्ता हमदुल्लाह फ़ितरत ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने घटना से जुड़ी तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि –

“आक्रामक पाकिस्तानी सैन्य शासन द्वारा बीती रात पक्तिया, पक्तिका और कुनार प्रांतों पर किए गए बमबारी हमलों के कारण अब तक सामने आए हताहतों का विवरण:

पक्तिया प्रांत के चमनाई जिले के मंडुखेल गांव में पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने एक नागरिक के घर पर बमबारी की, जिससे एक बुजुर्ग व्यक्ति और एक बच्चे की मौत हो गई तथा परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए। जब ग्रामीण घायलों को बचाने के लिए एकत्र हुए, तो विमानों ने उन पर दोबारा हमला किया। इस दूसरे हमले में 28 नागरिकों की मौत हो गई और 158 लोग घायल हो गए।”

आगे उन्होंने लिखा कि, “पक्तिका प्रांत के जानी खेल जिले के वालोश्त गांव में हवाई हमलों का निशाना एक नागरिक का घर बना। इस हमले में छह लोगों की मौत हुई, जिनमें अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे।”

“कुनार प्रांत के मरावारा जिले के बारावोलो गांव में भी एक नागरिक के घर पर बमबारी की गई। इस हमले में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घर पूरी तरह नष्ट हो गया और भारी संपत्ति नुकसान हुआ। इस प्रकार, बीती रात हुए इन हमलों में अब तक 36 नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जबकि 163 अन्य लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, तीन आवासीय घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।”

https://twitter.com/FitratHamd/status/2071480011622584589

पाकिस्तान ने क्यों की कार्रवाई?

पाकिस्तान का कहना है कि यह हमला हाल ही में कराची में हुए एक बड़े आतंकी हमले के जवाब में किया गया। 28 जून को कराची में पाकिस्तान रेंजर्स के मुख्यालय पर हमला हुआ था, जिसमें तीन पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। पाकिस्तान के अनुसार इस हमले की जिम्मेदारी जमात-उल-अहरार (Jamaat-ul-Ahrar) नामक संगठन ने ली थी, जिसे पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ा मानता है।

इस्लामाबाद का आरोप है कि ऐसे कई उग्रवादी समूह अफगान सीमा के भीतर सुरक्षित ठिकानों से काम कर रहे हैं। पाकिस्तान लंबे समय से तालिबान सरकार पर इन समूहों को शरण देने का आरोप लगाता रहा है।

आखिर क्यों बिगड़े दोनों देशों के रिश्ते?

2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी और तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद शुरुआत में पाकिस्तान और तालिबान सरकार के बीच अपेक्षाकृत सकारात्मक संबंधों की उम्मीद थी।

लेकिन कुछ ही वर्षों में हालात बदल गए। पाकिस्तान का आरोप है कि टीटीपी और उससे जुड़े संगठन अफगानिस्तान में शरण लेकर पाकिस्तान के भीतर हमले कर रहे हैं।

दूसरी तरफ अफगानिस्तान लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों में सीमा पर झड़पें, गोलाबारी और हवाई हमले लगातार बढ़े हैं।

डूरंड लाइन विवाद की असली जड़

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तनाव की जड़ केवल आतंकवाद नहीं है। दोनों देशों के बीच डूरंड लाइन (Durand Line) को लेकर भी लंबे समय से विवाद है। 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच खींची गई यह सीमा आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच आधिकारिक सीमा मानी जाती है।

लेकिन अफगानिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से इस सीमा को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है। यही वजह है कि सीमा प्रबंधन और नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के बीच समय-समय पर विवाद होता रहा है।

इस साल पहले भी हो चुके हैं हमले

29 जून की घटना कोई अलग-थलग मामला नहीं है।

फरवरी 2026 में भी पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसने टीटीपी और इस्लामिक स्टेट-खुरासान (ISKP) के ठिकानों को निशाना बनाया है।

अफगानिस्तान ने तब भी कहा था कि हमलों में बड़ी संख्या में नागरिक मारे गए थे।  इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव इतना बढ़ गया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थता की कोशिशें शुरू करनी पड़ीं।

मार्च 2026 का संघर्षविराम

फरवरी के संघर्ष के बाद दोनों देशों ने मार्च 2026 में तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ाए। कई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय पक्षों की मध्यस्थता से संघर्षविराम की कोशिश हुई। हालांकि सीमा पर छिटपुट घटनाएं जारी रहीं। 29 जून की कार्रवाई ने संकेत दिया है कि वह संघर्षविराम अब लगभग निष्प्रभावी हो चुका है।

अफगान अधिकारियों के अनुसार ताजा हमलों में कई घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। स्थानीय लोगों को अपने गांव छोड़ने पड़े हैं और अनेक परिवार विस्थापन की स्थिति में पहुंच गए हैं।

अफगानिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट, मानवीय सहायता की कमी और लंबे युद्धों के प्रभाव से जूझ रहा है। ऐसे में नई सैन्य कार्रवाई वहां के नागरिकों के लिए अतिरिक्त कठिनाइयां पैदा कर सकती है।

पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौती

पाकिस्तान भी अपनी तरफ से गंभीर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में देश के भीतर आतंकवादी हमलों में वृद्धि दर्ज की गई है। खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को लगातार निशाना बनाया गया है।

पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि यदि सीमा पार से संचालित उग्रवादी ढांचे को नहीं रोका गया तो देश की आंतरिक सुरक्षा पर बड़ा खतरा बना रहेगा।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है।

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लगभग 2,600 किलोमीटर लंबी सीमा है। इस सीमा पर किसी भी बड़े संघर्ष का प्रभाव व्यापार, शरणार्थी संकट, सुरक्षा और क्षेत्रीय कूटनीति पर पड़ सकता है।

चीन, सऊदी अरब और अन्य देशों ने अतीत में दोनों पक्षों के बीच तनाव कम कराने की कोशिश की है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।

आगे क्या?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यही है कि क्या यह घटना दोनों देशों के बीच एक और बड़े सैन्य टकराव की शुरुआत बनेगी या फिर कूटनीतिक बातचीत के जरिए तनाव कम किया जाएगा।

अफगानिस्तान नागरिक हताहतों की बात कर रहा है, जबकि पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी अभियान की सफलता का दावा कर रहा है। दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सीमित है।

लेकिन इतना तय है कि 29 जून 2026 की यह घटना अफगानिस्तान-पाकिस्तान संबंधों में एक और गंभीर अध्याय जोड़ चुकी है। सीमा के दोनों ओर रहने वाले लाखों लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता अब यही है कि यह तनाव यहीं थमेगा या आने वाले दिनों में और बढ़ेगा।

ये भी पढ़ें :- CBSE का बड़ा फैसला: 10वीं स्टूडेंट्स को राहत, इस साल नहीं लागू होगी 3 भाषा नीति

Home » Pakistan Airstrike on Afghanistan: अफ्गानिस्तान सरकार का दावा, पाकिस्तान के हवाई हमलों से 36 लोगों की मौत, 160 से अधिक घायल
शेयर करें: Facebook X WhatsApp
MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।