Sunday, 02 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
CWG 2026: ग्लासगो के रेस्तरां में गायब मिला भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर, कॉमनवेल्थ मेडल विजेता लवलीना ने जताई नाराजगी 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल CWG 2026: ग्लासगो के रेस्तरां में गायब मिला भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर, कॉमनवेल्थ मेडल विजेता लवलीना ने जताई नाराजगी 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी 45 Years of MTV: कैसे एक छोटे से चैनल ने दुनिया को दिया नया म्यूजिकल कल्चर, MTV की कामयाबी से लेकर इसके पतन तक की कहानी कोयला पेंशनभोगियों की बड़ी मांग: न्यूनतम पेंशन ₹10,000 करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की अपील देश के एक-चौथाई केंद्रीय विद्यालयों में पूर्णकालिक प्रिंसिपल नहीं, नेतृत्व संकट और शिक्षा व्यावस्था पर उठते गंभीर सवाल

फॉर्मूला वन रेस 2027 में फिर लौटेगी भारत , खेल मंत्री बोले- बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट फिर से होगा गुलजार

नई दिल्ली/नोएडा, न्यूज ऑफ द डे

देश के रफ्तार के दीवाने खेल प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। करीब 14 साल के लंबे इंतजार के बाद दुनिया की सबसे महंगी और रोमांचक रेस ‘फॉर्मूला वन’ (F1) की भारत में वापसी होने जा रही है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि साल 2027 में भारत एक बार फिर F1 रेस की मेजबानी करेगा।

नोएडा के बुद्ध सर्किट पर दौड़ेगी सुपर कारें

खेल मंत्री मांडविया ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में खुलासा किया कि इस मेगा इवेंट के लिए तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) इस रेस का मुख्य केंद्र होगा। खास बात यह है कि इस रेस के सफल आयोजन के लिए तीन बड़ी निजी कंपनियों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। मंत्री ने साफ किया, “भारत में 2027 में फॉर्मूला वन रेस का आयोजन होगा और इसकी शुरुआत बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट से ही की जाएगी।”

2013 के बाद क्यों लगा था ‘ब्रेक’?

भारत ने पहली बार 2011 में ‘इंडियन ग्रां प्री’ के जरिए फॉर्मूला वन की दुनिया में कदम रखा था। उस वक्त मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से लेकर बॉलीवुड सितारों तक का जमावड़ा नोएडा में लगा था। 2013 तक इसके तीन सफल सीजन भी हुए, लेकिन उसके बाद टैक्स और प्रशासनिक पेचीदगियों (रेड टेपिज्म) की वजह से इसे कैलेंडर से बाहर कर दिया गया। दरअसल, उस समय यूपी सरकार ने इसे ‘खेल’ के बजाय ‘मनोरंजन’ की श्रेणी में रखा था, जिससे कंपनियों पर भारी टैक्स का बोझ बढ़ गया था।

अब क्या बदला?

अब सरकार और खेल मंत्रालय इस बार पुरानी गलतियों को दोहराने के मूड में नहीं है। मांडविया के बयान से संकेत मिलते हैं कि सरकार इस बार निजी प्लेयर्स के साथ मिलकर एक सुचारू मॉडल पर काम कर रही है, ताकि नौकरशाही की बाधाएं रेस की रफ्तार न रोक सकें।

F1 की वापसी से क्या होगा फायदा?

ग्लोबल ब्रांडिंग: दुनिया भर के मैप पर भारत एक स्पोर्ट्स हब के रूप में उभरेगा।
टूरिज्म को बूस्ट: रेस देखने के लिए हजारों विदेशी पर्यटक भारत आएंगे।
इकोनॉमी को रफ्तार: होटल, ट्रांसपोर्ट और लोकल वेंडर्स के बिजनेस में बड़ा उछाल आएगा।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।