
नई दिल्ली/नोएडा, न्यूज ऑफ द डे
देश के रफ्तार के दीवाने खेल प्रेमियों के लिए एक शानदार खबर सामने आई है। करीब 14 साल के लंबे इंतजार के बाद दुनिया की सबसे महंगी और रोमांचक रेस ‘फॉर्मूला वन’ (F1) की भारत में वापसी होने जा रही है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि साल 2027 में भारत एक बार फिर F1 रेस की मेजबानी करेगा।
नोएडा के बुद्ध सर्किट पर दौड़ेगी सुपर कारें
खेल मंत्री मांडविया ने मीडिया से अनौपचारिक बातचीत में खुलासा किया कि इस मेगा इवेंट के लिए तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं। उन्होंने बताया कि ग्रेटर नोएडा स्थित बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (BIC) इस रेस का मुख्य केंद्र होगा। खास बात यह है कि इस रेस के सफल आयोजन के लिए तीन बड़ी निजी कंपनियों ने अपनी दिलचस्पी दिखाई है। मंत्री ने साफ किया, “भारत में 2027 में फॉर्मूला वन रेस का आयोजन होगा और इसकी शुरुआत बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट से ही की जाएगी।”
2013 के बाद क्यों लगा था ‘ब्रेक’?
भारत ने पहली बार 2011 में ‘इंडियन ग्रां प्री’ के जरिए फॉर्मूला वन की दुनिया में कदम रखा था। उस वक्त मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से लेकर बॉलीवुड सितारों तक का जमावड़ा नोएडा में लगा था। 2013 तक इसके तीन सफल सीजन भी हुए, लेकिन उसके बाद टैक्स और प्रशासनिक पेचीदगियों (रेड टेपिज्म) की वजह से इसे कैलेंडर से बाहर कर दिया गया। दरअसल, उस समय यूपी सरकार ने इसे ‘खेल’ के बजाय ‘मनोरंजन’ की श्रेणी में रखा था, जिससे कंपनियों पर भारी टैक्स का बोझ बढ़ गया था।
अब क्या बदला?
अब सरकार और खेल मंत्रालय इस बार पुरानी गलतियों को दोहराने के मूड में नहीं है। मांडविया के बयान से संकेत मिलते हैं कि सरकार इस बार निजी प्लेयर्स के साथ मिलकर एक सुचारू मॉडल पर काम कर रही है, ताकि नौकरशाही की बाधाएं रेस की रफ्तार न रोक सकें।
F1 की वापसी से क्या होगा फायदा?
ग्लोबल ब्रांडिंग: दुनिया भर के मैप पर भारत एक स्पोर्ट्स हब के रूप में उभरेगा।
टूरिज्म को बूस्ट: रेस देखने के लिए हजारों विदेशी पर्यटक भारत आएंगे।
इकोनॉमी को रफ्तार: होटल, ट्रांसपोर्ट और लोकल वेंडर्स के बिजनेस में बड़ा उछाल आएगा।
