Wednesday, 04 November 2026
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ईवीएम बैलेट पेपर में रंगीन फोटो और बड़े सीरियल नंबर: बिहार चुनाव से लागू होगी नई व्यवस्था

चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन के तहत उम्मीदवारों की तस्वीरें अब रंगीन में छपेंगी, सीरियल नंबर बोल्ड फॉन्ट में दिखेंगे; पारदर्शिता और सुविधा बढ़ेगी, लेकिन खर्च और प्रबंधन की चुनौती भी सामने

चुनाव आयोग (ECI) ने ईवीएम बैलेट पेपर को और अधिक स्पष्ट और पढ़ने योग्य बनाने के लिए गाइडलाइन में अहम बदलाव किए हैं। अब पहली बार उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें ईवीएम बैलेट पेपर पर छपी होंगी। यह बदलाव आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से लागू किया जाएगा।

चुनाव आयोग की नई गाइडलाइन

चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रेस नोट (17 सितम्बर 2025) के अनुसार:

उम्मीदवारों की रंगीन तस्वीरें ईवीएम बैलेट पेपर पर अनिवार्य रूप से छापी जाएंगी। फोटो का तीन-चौथाई हिस्सा उम्मीदवार की तस्वीर से भरा होगा ताकि पहचान और आसान हो सके।

सीरियल नंबर बड़े और बोल्ड फॉन्ट में अंतरराष्ट्रीय प्रारूप (हिंदी व अंग्रेजी अंकों में) छापे जाएंगे।

सभी उम्मीदवारों और नोटा (NOTA) का फॉन्ट आकार एक समान होगा ताकि पढ़ने में सुविधा रहे।

बैलेट पेपर 70 GSM पेपर पर छापा जाएगा। विधानसभा चुनावों में गुलाबी रंग का बैकग्राउंड अनिवार्य रहेगा।

नई गाइडलाइन के मुताबिक अपग्रेडेड बैलेट पेपर का उपयोग सबसे पहले बिहार चुनाव में किया जाएगा।

बदलाव के पीछे तर्क

चुनाव आयोग का कहना है कि पिछले 6 महीनों में चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए 28 पहल की गई हैं। इस बदलाव का उद्देश्य मतदाताओं को आसानी से उम्मीदवार पहचानने और सीरियल नंबर पढ़ने में मदद देना है।

फायदे

मतदाता की सुविधा: खासकर अशिक्षित और ग्रामीण मतदाताओं के लिए रंगीन फोटो से उम्मीदवार को पहचानना आसान होगा।

स्पष्टता और पारदर्शिता: बड़े और बोल्ड सीरियल नंबर से भ्रम की स्थिति नहीं बनेगी।

गलत वोटिंग की संभावना कम: पहचान में गलती की आशंका घटेगी।

तकनीकी मजबूती: नए बैलेट पेपर उच्च गुणवत्ता वाले पेपर और निर्धारित रंगों में होंगे, जिससे मानकीकरण होगा।

संभावित नुकसान

अतिरिक्त खर्च: रंगीन प्रिंटिंग और बेहतर क्वालिटी पेपर से चुनाव आयोग पर वित्तीय बोझ बढ़ेगा।

तकनीकी चुनौती: रंगीन फोटो की गुणवत्ता और प्रिंटिंग की समयसीमा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

लॉजिस्टिक दिक्कतें: हर उम्मीदवार की रंगीन फोटो समय पर उपलब्ध कराना और बैलेट तैयार करना कठिन होगा।

बिहार चुनाव से लागू होने वाली यह पहल भारतीय लोकतंत्र की प्रक्रिया को और ज्यादा पारदर्शी और मतदाता-हितैषी बनाएगी। हालांकि, इसके साथ खर्च और प्रबंधन की चुनौतियां भी जुड़ी होंगी। फिर भी, चुनाव आयोग का यह कदम मतदाता सुविधा और भरोसा बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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