Tuesday, 03 November 2026
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1 जनवरी से सस्ता हो सकता है ट्रेनों का सफर! 18 ट्रेनें सुपरफास्ट के दर्जे से हुईं बाहर, गाड़ी नंबर भी बदले गए

भारतीय रेलवे के नियमों के तहत सुपरफास्ट ट्रेन के लिए कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार जरूरी है। स्टॉपेज, ट्रैफिक और परिचालन संबंधी बाधाओं से गति प्रभावित होने पर ट्रेन का सुपरफास्ट दर्जा वापस लिया जा सकता है।

नई दिल्ली: यात्रीगण कृपया ध्यान दें! भारतीय रेलवे नए साल से यात्रियों को किराये में राहत देने की तैयारी कर रहा है। रेलवे ने कई ऐसी ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस ट्रेन के रूप में चलाने का फैसला किया है, जो निर्धारित औसत रफ्तार का मानक पूरा नहीं कर पा रही हैं। इस बदलाव के बाद इन ट्रेनों पर लगने वाला सुपरफास्ट अधिभार नहीं वसूला जाएगा। इससे यात्रियों को टिकट की कीमत में राहत मिलेगी। साथ ही, संबंधित ट्रेनों के नंबर भी बदल जाएंगे।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह बदलाव 1 जनवरी 2027 से लागू होना है। इस फैसले का असर उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों के यात्रियों पर पड़ सकता है।

क्यों हटाया जा रहा है सुपरफास्ट का दर्जा?

रेलवे के नियमों के अनुसार, किसी ट्रेन को सुपरफास्ट श्रेणी में बनाए रखने के लिए उसकी औसत रफ्तार कम से कम 55 किलोमीटर प्रति घंटा होनी चाहिए। यह औसत गति ट्रेन की कुल दूरी और उसे तय करने में लगे समय के आधार पर निकाली जाती है। रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रेन की आगे और वापसी, दोनों दिशाओं में परिचालन की औसत गति को ध्यान में रखा जाता है।

रेलवे समय-समय पर ट्रेनों की परिचालन गति और समयबद्धता की समीक्षा करता है। यह समीक्षा वार्षिक आधार पर या नया टाइम टेबल लागू करते समय की जाती है। यदि कोई ट्रेन निर्धारित औसत गति का मानक पूरा नहीं कर पाती, तो उसके दर्जे में बदलाव किया जा सकता है।

ट्रेन की औसत रफ्तार कम होने के पीछे कई परिचालन कारण हो सकते हैं। किसी मार्ग पर स्टॉपेज बढ़ने, रेल यातायात का दबाव बढ़ने, ट्रैक पर परिचालन संबंधी बाधाएं आने या ट्रेन के लगातार देरी से चलने की वजह से उसकी कुल यात्रा का समय बढ़ सकता है। ऐसे में ट्रेन निर्धारित 55 किलोमीटर प्रति घंटे के औसत गति मानक को पूरा नहीं कर पाती।

रेलवे की समीक्षा में जिन ट्रेनों की औसत रफ्तार निर्धारित सीमा से कम पाई गई है, उन्हें सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य मेल या एक्सप्रेस श्रेणी में रखा जा रहा है। इसका अर्थ यह है कि किसी ट्रेन का सुपरफास्ट दर्जा खत्म होना केवल नाम या नंबर में बदलाव नहीं है, बल्कि उसके किराये में लगने वाले अतिरिक्त शुल्क पर भी इसका असर पड़ेगा।

यात्रियों को कितनी कम कीमत चुकानी होगी?

सुपरफास्ट ट्रेनों में सामान्य टिकट किराये के अलावा यात्रियों से सुपरफास्ट अधिभार यानी सुपरफास्ट सरचार्ज भी लिया जाता है। यह अतिरिक्त शुल्क ट्रेन की श्रेणी और टिकट के प्रकार के आधार पर अलग-अलग होता है। जब किसी ट्रेन को सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस का दर्जा दिया जाता है, तो यात्रियों को यह अधिभार नहीं देना पड़ता। इससे टिकट की कुल कीमत कम हो जाती है।

रिपोर्टों के मुताबिक, सुपरफास्ट दर्जा हटने के बाद अलग-अलग श्रेणियों में यात्रियों को इस तरह राहत मिल सकती है:

  • स्लीपर क्लास: टिकट पर 30 रुपये की कमी।
  • एसी चेयर कार, थर्ड एसी, थर्ड एसी इकोनॉमी और सेकंड एसी: 45 रुपये की कमी।
  • फर्स्ट एसी और एग्जीक्यूटिव क्लास: 75 रुपये की कमी।

इसका मतलब है कि इन ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी श्रेणी के अनुसार 30 से 75 रुपये तक की बचत हो सकती है। हालांकि, यह कटौती मूल टिकट किराये में नहीं, बल्कि सुपरफास्ट अधिभार हटने के कारण होगी। इसलिए यात्रियों को यह समझना जरूरी है कि ट्रेन का सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में आना किराये में मिलने वाली राहत से जुड़ा है, न कि सभी श्रेणियों के मूल किराये में अलग से कमी किए जाने से। वास्तविक किराया ट्रेन और यात्रा की श्रेणी के अनुसार टिकट बुकिंग के समय पता चलेगा।

इन ट्रेनों के नंबर में होगा बदलाव

जारी रिपोर्टों के मुताबिक पूर्व मध्य रेलवे से जुड़ी कई ट्रेनों के पुराने और नए नंबरों की जानकारी दी गई है। इनमें उत्तराखंड, बिहार, दिल्ली और पंजाब के रूट पर चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। उपलब्ध सूची के मुताबिक, इन ट्रेनों के नंबर इस प्रकार बदलेंगे:

ट्रेन का रूट/नामपुराना नंबरनया नंबर
टनकपुर-पुरानी दिल्ली पूर्णागिरि जनशताब्दी1203515317
पुरानी दिल्ली-टनकपुर पूर्णागिरि जनशताब्दी1203615318
देहरादून-काठगोदाम नैनी जनशताब्दी1209115315
काठगोदाम-देहरादून नैनी जनशताब्दी1209215316
मुरादाबाद-रामनगर कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस2501315313
रामनगर-मुरादाबाद कॉर्बेट पार्क लिंक एक्सप्रेस2501415314
मुरादाबाद-रामनगर लिंक एक्सप्रेस2503515335
रामनगर-मुरादाबाद लिंक एक्सप्रेस2503615336
इस्लामपुर-नई दिल्ली मगध एक्सप्रेस2080118633
नई दिल्ली-इस्लामपुर मगध एक्सप्रेस2080218634
दरभंगा-जालंधर सिटी अंत्योदय एक्सप्रेस2255115541
जालंधर सिटी-दरभंगा अंत्योदय एक्सप्रेस2255215542
पाटलिपुत्र-चंडीगढ़ एक्सप्रेस2235513255
चंडीगढ़-पाटलिपुत्र एक्सप्रेस2235613256
मुजफ्फरपुर-आनंद विहार सप्तक्रांति एक्सप्रेस1255715577
आनंद विहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति एक्सप्रेस1255815578
राजगीर-नई दिल्ली श्रमजीवी एक्सप्रेस1239113291
नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस1239213292

इन बदलावों के बाद दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड और पंजाब के यात्रियों को खास तौर पर ट्रेन नंबर पर ध्यान देना होगा। उदाहरण के लिए, मुजफ्फरपुर से आनंद विहार जाने वाली सप्तक्रांति एक्सप्रेस का नंबर 12557 से बदलकर 15577 हो जाएगा। इसी तरह राजगीर से नई दिल्ली जाने वाली श्रमजीवी एक्सप्रेस अब 12391 के बजाय 13291 नंबर से चलाई जाएगी।

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मध्य रेलवे की इन ट्रेनों का भी बदलेगा नंबर

इस बदलाव का असर केवल पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेनों तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य रेलवे ने भी कई ट्रेनों को सुपरफास्ट श्रेणी से हटाकर सामान्य एक्सप्रेस के रूप में चलाने का फैसला किया है। इनमें मुंबई और पुणे से चलने वाली ट्रेनें तथा दूसरे राज्यों को जोड़ने वाली सेवाएं शामिल हैं।

रिपोर्ट में दी गई सूची के अनुसार, संबंधित ट्रेनों के नंबर इस तरह बदलेंगे:

ट्रेन का रूट/नामपुराना नंबरनया नंबर
मुंबई सीएसएमटी-हिंगोली डेक्कन जनशताब्दी12071/1207211069/11070
मुंबई सीएसएमटी-पुणे प्रगति एक्सप्रेस12125/1212611435/11436
मुंबई एलटीटी-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ22113/2211411073/11074
मुंबई एलटीटी-करमाली एसी एक्सप्रेस22115/2211611053/11054
मुंबई सीएसएमटी-बनारस महानगरी एक्सप्रेस22177/2217811093/11094
मुंबई एलटीटी-अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस22129/2213011065/11066
मुंबई सीएसएमटी-चेन्नई एग्मोर एक्सप्रेस22157/2215811063/11064
मुंबई एलटीटी-बनारस एक्सप्रेस12167/1216811067/11068
पुणे-काजीपेट एक्सप्रेस22151/2215211437/11438

इन ट्रेनों में मुंबई सीएसएमटी-पुणे प्रगति एक्सप्रेस, मुंबई एलटीटी-तिरुवनंतपुरम नॉर्थ और मुंबई एलटीटी-बनारस एक्सप्रेस जैसे लोकप्रिय रूट शामिल हैं। इनका नया नंबर 1 जनवरी 2027 से लागू होने की जानकारी दी गई है। मध्य रेलवे ने संबंधित स्टेशनों पर अनाउंसमेंट सिस्टम और सूचना बोर्डों के जरिए यात्रियों को नए नंबरों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए हैं।

केरल की जनशताब्दी ट्रेनों पर भी पड़ेगा असर

केरल में चलने वाली दो जनशताब्दी ट्रेनों का सुपरफास्ट दर्जा भी खत्म किया जाएगा। तिरुवनंतपुरम-कोझिकोड और तिरुवनंतपुरम-कन्नूर जनशताब्दी सेवाएं 1 जनवरी 2027 से सामान्य एक्सप्रेस श्रेणी में संचालित होंगी। इस बदलाव से इन ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों को टिकट किराये में राहत मिलने की उम्मीद है।

ट्रेनों के नंबर भी बदले जाएंगे। तिरुवनंतपुरम-कोझिकोड जनशताब्दी का मौजूदा नंबर 12075/12076 बदलकर 16376/16375 हो जाएगा। वहीं, तिरुवनंतपुरम-कन्नूर जनशताब्दी अब 12081/12082 के बजाय 16380/16379 नंबर से चलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक, सुपरफास्ट दर्जा हटने के बाद इन दोनों ट्रेनों के गैर-एसी टिकटों पर करीब 15 रुपये और एसी श्रेणी के टिकटों पर लगभग 45 रुपये की कमी हो सकती है। यह राहत सुपरफास्ट अधिभार हटने के कारण मिलेगी। ऐसे में इन सेवाओं से नियमित यात्रा करने वाले यात्रियों को नए ट्रेन नंबर और संशोधित किराये की जानकारी रखना जरूरी होगा।

क्या ट्रेन के समय और स्टॉपेज भी बदलेंगे?

सुपरफास्ट दर्जा खत्म होने के बाद यात्रियों के मन में यह सवाल हो सकता है कि क्या इन ट्रेनों की रफ्तार, समय-सारिणी या ठहराव में भी बदलाव होगा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, इस फैसले का मुख्य असर ट्रेन की श्रेणी, नंबर और किराये पर पड़ेगा।

केरल की दोनों जनशताब्दी ट्रेनों के संदर्भ में कहा गया है कि पुनर्वर्गीकरण से उनके मौजूदा समय और स्टॉपेज प्रभावित नहीं होंगे। हालांकि, सभी प्रभावित ट्रेनों के लिए समय-सारिणी और ठहराव को लेकर एक समान विस्तृत आधिकारिक सूचना उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं दी गई है।

यात्रियों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

ट्रेनों के नए नंबर लागू होने के बाद यात्रियों को टिकट बुक करते समय ट्रेन का नाम और नंबर, दोनों ध्यान से जांचने होंगे। खासकर उन लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है, जो नियमित रूप से इन ट्रेनों में सफर करते हैं या पहले से अपनी यात्रा की योजना बना चुके हैं। एक जनवरी 2027 से संबंधित ट्रेनों के पुराने नंबर बदल जाएंगे। ऐसे में पुराने नंबर से ट्रेन खोजने पर यात्रियों को सही जानकारी मिलने में परेशानी हो सकती है।

यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, NTES या IRCTC पर ट्रेन का नया नंबर, समय-सारिणी और सीटों की उपलब्धता जरूर जांच लें। यदि पहले से टिकट बुक कराया है, तो यात्रा की तारीख के अनुसार ट्रेन का विवरण दोबारा देखना बेहतर होगा। रेलवे स्टेशनों पर सूचना बोर्ड और अनाउंसमेंट के जरिए भी नए नंबरों की जानकारी दी जा सकती है।

यात्रियों को केवल ट्रेन के पुराने नंबर पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। टिकट बुकिंग, ट्रेन की लाइव स्थिति देखने और स्टेशन पर सही ट्रेन की पहचान करने के लिए नए नंबर का इस्तेमाल करें। इससे आखिरी समय में होने वाली उलझन और गलत ट्रेन से जुड़ी जानकारी मिलने की आशंका कम होगी।

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MD Faijan

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लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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