जानिए Viking Row Celebration की पूरी कहानी। कैसे नॉर्वे के फैंस का यह अनोखा जश्न FIFA World Cup 2026 की सबसे बड़ी पहचान बन गया।
नई दिल्ली: FIFA World Cup 2026 में जहां दुनिया की नजरें शानदार गोल रोमांचक मुकाबलों और स्टार खिलाड़ियों पर टिकी हैं, वहीं नॉर्वे के फैंस ने अपने अनोखे Viking Row Celebration से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। स्टेडियम में हजारों लोग एक साथ बैठकर चप्पू चलाने की एक्टिंग करते हैं, ड्रम की लय पर Ro Ro का नारा लगाते हैं और पूरा माहौल ऐसा बन जाता है, मानो कोई विशाल वाइकिंग जहाज समुद्र में आगे बढ़ रहा हो। यह सेलिब्रेशन सिर्फ एक जीत का जश्न नहीं है, बल्कि नॉर्वे के इतिहास, संस्कृति और एकजुटता का प्रतीक बन चुका है।
क्या है Viking Row Celebration?
Viking Row एक ऐसा सामूहिक सेलिब्रेशन है जिसमें हजारों नॉर्वेजियन समर्थक एक साथ बैठकर आगे-पीछे झूलते हुए चप्पू चलाने की नकल करते हैं। इस दौरान वे Ro Ro का नारा लगाते हैं। नॉर्वेजियन भाषा में Ro का मतलब होता है चप्पू चलाना। जब पूरा स्टेडियम एक साथ इस अंदाज में झूमता है तो ऐसा लगता है जैसे हजारों लोग एक ही वाइकिंग जहाज में सवार होकर अपनी टीम को जीत की ओर ले जा रहे हों। यही दृश्य सोशल मीडिया पर खूब वाइरल हो रहा है
कैसे आया यह अनोखा आइडिया?
इस सेलिब्रेशन की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई। इसका श्रेय नॉर्वे के एक प्राइमरी स्कूल शिक्षक Ole Frøystad को जाता है। वे लंबे समय से नॉर्वे की राष्ट्रीय टीम के समर्थक रहे हैं और चाहते थे कि टीम के लिए ऐसा सेलिब्रेशन बनाया जाए जो पूरी तरह नॉर्वे की पहचान से जुड़ा हो।
उन्हें प्रेरणा नॉर्वे के फुटबॉल क्लब Rosenborg के एक पुराने स्टेडियम चैंट से मिली जिसमें Ro शब्द का इस्तेमाल होता था। इसी विचार को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने वाइकिंग इतिहास को फुटबॉल संस्कृति से जोड़ने का फैसला किया। उन्होंने महसूस किया कि अगर हजारों लोग एक साथ वाइकिंग नाविकों की तरह चप्पू चलाने का अभिनय करें तो यह न सिर्फ देखने में शानदार लगेगा बल्कि पूरी दुनिया में नॉर्वे की अलग पहचान भी बनाएगा।
सपोर्टर्स क्लब ने दिया साथ
Ole Frøystad ने अपने इस विचार को नॉर्वे के आधिकारिक सपोर्टर्स क्लब Oljeberget के बोर्ड सदस्य Torstein Hamran के साथ साझा किया। Hamran को यह आइडिया तुरंत पसंद आया।
दोनों ने मिलकर इस सेलिब्रेशन की पूरी योजना तैयार की। पहले कुछ घरेलू मैचों में इसका अभ्यास कराया गया। शुरुआत में कई लोगों को यह थोड़ा अजीब लगा, लेकिन धीरे-धीरे अधिक से अधिक समर्थक इसमें शामिल होने लगे।
इसके बाद सोशल मीडिया पर How to do Viking Row जैसे वीडियो जारी किए गए, जिनमें लोगों को बताया गया कि यह सेलिब्रेशन कैसे करना है। देखते ही देखते यह ट्रेंड पूरे नॉर्वे में फैल गया।
Viking Horn से होती है शुरुआत
Viking Row की सबसे खास बात इसकी टाइमिंग है। सेलिब्रेशन शुरू होने से पहले स्टेडियम में एक विशेष Viking Horn बजाया जाता है। इसके बाद ड्रम की धीमी बीट शुरू होती है। जैसे-जैसे बीट तेज होती जाती है, वैसे-वैसे हजारों समर्थक एक साथ चप्पू चलाने की एक्टिंग करते हैं और Ro Ro का नारा लगाते हैं।
यह तालमेल इतना शानदार होता है कि पूरा स्टेडियम किसी विशाल वाइकिंग जहाज जैसा दिखाई देने लगता है।
खिलाड़ियों ने भी अपनाया यह अंदाज
शुरुआत में यह सिर्फ फैंस तक सीमित था, लेकिन जल्द ही नॉर्वे की राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ी भी इसका हिस्सा बन गए।
हर जीत के बाद कप्तान Martin Ødegaard की अगुवाई में पूरी टीम मैदान पर बैठकर फैंस के साथ Viking Row करती है। स्टार स्ट्राइकर Erling Haaland ने भी इस सेलिब्रेशन की जमकर तारीफ की है। Haaland का कहना है कि जब हजारों लोग एक साथ यह सेलिब्रेशन करते हैं तो मैदान पर खड़े खिलाड़ियों के लिए वह पल बेहद भावुक और यादगार बन जाता है। खिलाड़ियों को ऐसा महसूस होता है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
सोशल मीडिया पर मचा धमाल
FIFA World Cup 2026 के दौरान Viking Row के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। लाखों लोगों ने इन वीडियो को देखा और शेयर किया। धीरे-धीरे यह सेलिब्रेशन फुटबॉल स्टेडियम से निकलकर आम जिंदगी का हिस्सा भी बनने लगा। नॉर्वे की संसद में सांसदों ने Viking Row किया। एयर फोर्स के जवानों, स्कूलों, केयर होम, मेट्रो स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर भी लोग इसी अंदाज में जश्न मनाते नजर आए। यहां तक कि न्यूयॉर्क के Times Square में भी लोगों ने इस सेलिब्रेशन की नकल की।
क्यों खास है यह सेलिब्रेशन?
दुनिया के लगभग हर देश का अपना कोई न कोई फुटबॉल चैंट या जश्न होता है, लेकिन Viking Row इसलिए अलग है क्योंकि यह सीधे नॉर्वे के इतिहास से जुड़ा है। वाइकिंग्स को साहस, अनुशासन और समुद्री यात्राओं के लिए जाना जाता था। उनकी नावें तभी आगे बढ़ती थीं जब सभी नाविक एक साथ, एक ही लय में चप्पू चलाते थे। Viking Row भी उसी भावना को दर्शाता है कि जीत तभी मिलती है जब पूरी टीम और पूरा देश एक दिशा में आगे बढ़े। यही वजह है कि यह सेलिब्रेशन केवल मनोरंजन नहीं बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामूहिक प्रयास का प्रतीक बन गया है।
विश्व कप की नई पहचान
FIFA World Cup के हर संस्करण में कोई न कोई यादगार पल इतिहास का हिस्सा बन जाता है। 2026 विश्व कप में जहां कई शानदार मुकाबले चर्चा में रहे, वहीं नॉर्वे का Viking Row Celebration भी टूर्नामेंट की सबसे बड़ी पहचान बनकर उभरा है।
यह दिखाता है कि फुटबॉल सिर्फ 90 मिनट का खेल नहीं है। यह संस्कृति, परंपरा, इतिहास और लोगों की भावनाओं को भी जोड़ता है। नॉर्वे के फैंस ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी स्टेडियम की सबसे बड़ी जीत स्कोरबोर्ड पर नहीं, बल्कि लोगों के दिलों में दर्ज होती है।
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