शुक्रवार (5 जून) को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपना 54वां जन्मदिन मनाया। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। जाने योगी आदित्यनाथ के महंत से लेकर मुख्यमंत्री बनने तक का सफर।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार (5 जून) को 54 वर्ष के हो गए। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा नेताओं और लाखों समर्थकों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं। इसके साथ ही यूपी के कई जिलों में हवन, वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर और सामाजिक सेवा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
योगी आदित्यनाथ आज भारतीय राजनीति के उन नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने धार्मिक नेतृत्व से निकलकर देश के सबसे बड़े राज्य की सत्ता तक का सफर तय किया। गोरक्षपीठ के महंत से लेकर लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने तक की उनकी यात्रा भारतीय राजनीति में उन्हें सबसे खास बनाती है।
उत्तराखंड के गांव में जन्मे योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को उत्तराखंड (तत्कालीन उत्तर प्रदेश) के पौड़ी गढ़वाल जिले के पंचूर गांव में हुआ था। उनका मूल नाम अजय सिंह बिष्ट है। एक साधारण परिवार में जन्मे योगी ने प्रारंभिक शिक्षा अपने गृह क्षेत्र में प्राप्त की।
इसके बाद उन्होंने विज्ञान विषय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन के दौरान ही उनकी रुचि सामाजिक और राष्ट्रवादी गतिविधियों में अधिक थी। यही रुचि उन्हें आगे चलकर गोरखनाथ मठ तक ले गई।
अजय कैसे बने योगी आदित्यनाथ?
युवावस्था में अजय गोरखनाथ पीठ के तत्कालीन पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ के संपर्क में आए। उनके विचारों और कार्यशैली से प्रभावित होकर उन्होंने गोरक्षपीठ से जुड़ने का निर्णय लिया। संन्यास ग्रहण करने के बाद उन्हें नया नाम योगी आदित्यनाथ मिला। कुछ वर्षों बाद महंत अवैद्यनाथ ने उन्हें अपना उत्तराधिकारी घोषित किया। इसके बाद योगी आदित्यनाथ गोरक्षपीठ के प्रमुख चेहरों में शामिल हो गए और धीरे-धीरे पूर्वांचल की राजनीति में उनका प्रभाव बढ़ने लगा।
26 की उम्र में बने सांसद
योगी आदित्यनाथ का राजनीतिक सफर 1998 में शुरू हुआ। गोरखपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीतकर वे पहली बार संसद पहुंचे। उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष थी, जिससे वे उस दौर के सबसे युवा सांसदों में शामिल हो गए।

इसके बाद उन्होंने लगातार कई बार गोरखपुर से जीत दर्ज की और क्षेत्र में अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ स्थापित की। संसद में उनकी सक्रियता, हिंदुत्व से जुड़े मुद्दों पर मुखर रुख और संगठन में बढ़ती भूमिका ने उन्हें राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई।
भाजपा में बढ़ता प्रभाव
2000 के दशक में योगी आदित्यनाथ का प्रभाव लगातार बढ़ता गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में उनकी लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देना शुरू किया। समय के साथ वे भाजपा के प्रमुख प्रचारकों में शामिल हो गए। चुनावी सभाओं में उनकी मौजूदगी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण मानी जाने लगी। उनकी स्पष्ट वक्तव्य शैली और जनसंपर्क क्षमता ने उन्हें भाजपा के बड़े नेताओं में शामिल कर दिया।
2017 में पहली बार सीएम बने योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 में भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल किया। चुनाव परिणाम आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया। यह निर्णय कई राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चौंकाने वाला था, लेकिन भाजपा ने उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें राज्य की कमान सौंपी। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था, निवेश और धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी।

2022 में भी दोहराया जीत का क्रम
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने फिर जीत दर्ज की और योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने। यूपी जैसे विशाल राज्य में लगातार दूसरी बार पूर्ण कार्यकाल के बाद सत्ता में लौटना योगी की एक महत्वपूर्ण राजनीतिक उपलब्धि मानी गई। राजनीतिक विशेषज्ञों की माने तो सीएम योगी आदित्यनाथ की यह उपलब्धि उनकी प्रशासनिक शैली और संगठनात्मक पकड़ को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी जन्मदिन की शुभकामनाएं
आपको बता दें कि, योगी आदित्यनाथ के 54वें जन्मदिन के अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री ने भी उन्हें बधाई देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पीएम मोदी ने लिखा – “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। राज्य की प्रगति की दिशा में उनका कार्य उल्लेखनीय है। उन्होंने हमेशा लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने और सर्वमुखी विकास सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया है। उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करता हूँ”।
इसके अलावा भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी योगी आदित्यनाथ को जन्मदिन की शुभकामनाएं भेजीं। सोशल मीडिया पर दिनभर HappyBirthdayYogiAdityanath और इससे जुड़े कई हैशटैग ट्रेंड करते रहे।
प्रदेशभर में हुए कार्यक्रम
मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर हवन-पूजन, गरीबों को भोजन वितरण, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए गए।
महाराजगंज, गोरखपुर, लखनऊ और अन्य जिलों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने वृक्षारोपण अभियान भी चलाया। पार्टी नेताओं ने इसे सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए बड़ी संख्या में पौधे लगाए।
कई सामाजिक संगठनों ने भी मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए। अस्पतालों में फल वितरण और जरूरतमंद लोगों को सहायता सामग्री प्रदान करने जैसी गतिविधियां भी देखने को मिलीं।
गोरखनाथ मंदिर में विशेष आयोजन
गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में भी मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना और हवन के माध्यम से उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की कामना की गई।
गोरक्षपीठ से जुड़े संतों और श्रद्धालुओं ने भी इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ को शुभकामनाएं दीं। गोरखनाथ मंदिर आज भी उनके सामाजिक और धार्मिक जीवन का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
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