राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस पार्टी ने अपनी कमर कस ली है। पार्टी ने पवन खेड़ा और मीनाक्षी नटराजन समेत सात उम्मीदवारों की सूची जारी की है। जानें सभी अन्य उम्मीदवारों के नाम।
राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस बार कई अनुभवी नेताओं के साथ-साथ संगठन में लंबे समय से जुड़े सक्रिय चेहरों को भी मौका दिया है। सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा और वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा का टिकट दिए जाने की हो रही है। वहीं पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भी एक बार फिर राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। कांग्रेस के इस फैसले को आगामी राजनीतिक रणनीति और संसद में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कांग्रेस ने जारी की सात उम्मीदवारों की सूची
कांग्रेस द्वारा जारी सूची में कुल सात उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इनमें कर्नाटक से मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान को मैदान में उतारा गया है।
राजस्थान से मीनाक्षी नटराजन को भी उम्मीदवार बनाया गया है। आपको बता दें कि मीनाक्षी मध्य प्रदेश के मंदसौर लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुकी हैं। उन्हें राहुल गांधी के कोर टीम का एक बड़ा चेहरा माना जाता है।
साथ ही राजस्थान के दलित नेता नीरज डांगी को भी पार्टी ने राज्यसभा का टिकट दिया है। इसके अलावा प्रवीण चक्रवर्ती, जो कि पार्टी के डेटा एनालिटिक्स के प्रमुख हैं, उन्हें भी कांग्रेस ने टिकट दिया है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस ने टिकट वितरण में केवल चुनावी गणित ही नहीं बल्कि संगठनात्मक संतुलन को भी ध्यान में रखा है। कई ऐसे नेताओं को मौका दिया गया है जो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे थे लेकिन अब तक संसद का हिस्सा नहीं बन सके थे।
पहली बार संसद पहुंच सकते हैं पवन खेड़ा
राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में सबसे चर्चित नाम पवन खेड़ा का है। कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में खेड़ा पिछले कुछ वर्षों में पार्टी का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। टीवी डिबेट, प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के माध्यम से वे लगातार कांग्रेस का पक्ष रखते रहे हैं। यदि उनका निर्वाचन होता है तो यह उनका संसदीय पदार्पण होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस ने उन्हें राज्यसभा भेजकर संसद के भीतर भी एक मजबूत और मुखर आवाज तैयार करने की कोशिश की है।
पवन खेड़ा लंबे समय से कांग्रेस के मीडिया और संचार विभाग से जुड़े हुए हैं। पार्टी का मानना है कि उनकी उपस्थिति कांग्रेस की रणनीतिक बहस और सरकार को घेरने की कोशिशों को नई धार दे सकती है। यही कारण है कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है।
पवन खेड़ा ने किया पार्टी का धन्यवाद
कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने कांग्रेस द्वारा उनपर किए गए विश्वास पर एक भावुक पोस्ट करते हुए लिखा – “कर्नाटक के खूबसूरत राज्य से राज्यसभा के लिए मनोनीत होना एक सम्मान की बात है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खड़गे, सीपीपी अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल और महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी के प्रति मेरे ऊपर विश्वास जताने और उनके निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और समर्थन के लिए गहराई से आभारी हूँ। मुझे उम्मीद है कि नेतृत्व ने मुझ पर जो विश्वास और भरोसा जताया है, मैं उस पर खरा उतरूँगा”।
यात्रा अभी खत्म नहीं हुई
उन्होंने आगे लिखा, “जहाँ तक उन लोगों की बात है जो मुझे मेरी ‘तपस्या’ के पूरा होने पर बधाई दे रहे हैं, मुझे उनसे केवल यही कहना है: यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। मेरी ‘तपस्या’ सचमुच उसी दिन पूरी होगी जिस दिन श्री राहुल गांधी 2029 में भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेंगे”।
मीनाक्षी नटराजन पर कांग्रेस का भरोसा
राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार बनाई गईं मीनाक्षी नटराजन भी कांग्रेस की अनुभवी नेताओं में शामिल हैं। छात्र राजनीति से शुरुआत करने वाली नटराजन लंबे समय से संगठन में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। वे मध्य प्रदेश की मंदसौर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुकी हैं। संगठनात्मक कामकाज, वैचारिक प्रतिबद्धता और जमीनी राजनीति में सक्रियता के कारण उन्हें पार्टी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर कांग्रेस ने संगठन के पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं को भी एक स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी मेहनत और निष्ठा को महत्व देती है।
मल्लिकार्जुन खड़गे को फिर मिला मौका
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को एक बार फिर कर्नाटक से उम्मीदवार बनाया गया है। उनका मौजूदा कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है और पार्टी ने उन पर दोबारा भरोसा जताया है। खड़गे वर्तमान में कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों का लंबा अनुभव रखने वाले खड़गे विपक्ष की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि संसद में विपक्ष की रणनीति को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व उनके अनुभव का लाभ आगे भी लेना चाहता है। यही वजह है कि उन्हें फिर से राज्यसभा भेजा जा रहा है।
कर्नाटक बना कांग्रेस का सबसे महत्वपूर्ण राज्य
राज्यसभा चुनाव में कर्नाटक इस बार कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के कारण पार्टी को पर्याप्त संख्याबल प्राप्त है। यही वजह है कि कांग्रेस ने यहां से अपने कई प्रमुख नेताओं को मैदान में उतारा है। मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा और मंसूर अली खान की उम्मीदवारी इसी रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह से कांग्रेस कर्नाटक में अपनी संगठनात्मक और संसदीय दोनों ताकतों को मजबूत करना चाहती है।
क्या कहता है राज्यसभा चुनाव का गणित?
राज्यसभा के चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं बल्कि संबंधित राज्यों के विधायकों द्वारा किए जाते हैं। जिस पार्टी के पास विधानसभा में जितना अधिक संख्याबल होता है, उसके उम्मीदवारों के जीतने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। कांग्रेस ने उम्मीदवारों का चयन करते समय विभिन्न राज्यों में अपनी राजनीतिक स्थिति और सहयोगी दलों के समर्थन को ध्यान में रखा है। कई सीटों पर INDIA गठबंधन के सहयोगी दलों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है।
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