Saturday, 12 September 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
आदिवासी और ग्रामीण विकास के लिए एचआरडीएस इंडिया की पहल जारी केरलम पर फिर बढ़ा दबाव, केंद्र ने PM SHRI योजना पर जल्द फैसला लेने को कहा 25 Years of 9/11 Attacks: 4 विमान, 19 आतंकवादी और 2,977 मौतें! वो सुबह जिसने अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया iPhone 18 Pro की कीमत ने भारतीयों को चौंकाया! जानिए अमेरिका, दुबई और कनाडा समेत देशों में कितनी है फोन की कीमत? भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदा! महिला जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में पक्की की अपनी जगह Vi के नेटवर्क पर क्यों दिख रहा है ‘SRK is on Vi’? शाह रुख खान के साथ कंपनी का बड़ा प्रमोशन, जानिए क्या है पूरी रणनीति 1993 Mumbai Blast Case: सुप्रीम कोर्ट से अबू सलेम को बड़ा झटका, समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज 60 से ज्यादा अपडेट के साथ लॉन्च हुई Jawa 42 All Stars, जानिए कीमत, डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी सभी जानकारी आदिवासी और ग्रामीण विकास के लिए एचआरडीएस इंडिया की पहल जारी केरलम पर फिर बढ़ा दबाव, केंद्र ने PM SHRI योजना पर जल्द फैसला लेने को कहा 25 Years of 9/11 Attacks: 4 विमान, 19 आतंकवादी और 2,977 मौतें! वो सुबह जिसने अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया को हमेशा के लिए बदल दिया iPhone 18 Pro की कीमत ने भारतीयों को चौंकाया! जानिए अमेरिका, दुबई और कनाडा समेत देशों में कितनी है फोन की कीमत? भारत ने पाकिस्तान को 19-0 से रौंदा! महिला जूनियर एशिया कप के सेमीफाइनल में पक्की की अपनी जगह Vi के नेटवर्क पर क्यों दिख रहा है ‘SRK is on Vi’? शाह रुख खान के साथ कंपनी का बड़ा प्रमोशन, जानिए क्या है पूरी रणनीति 1993 Mumbai Blast Case: सुप्रीम कोर्ट से अबू सलेम को बड़ा झटका, समय से पहले रिहाई की याचिका खारिज 60 से ज्यादा अपडेट के साथ लॉन्च हुई Jawa 42 All Stars, जानिए कीमत, डिजाइन और फीचर्स से जुड़ी सभी जानकारी

कहां FD के चक्कर में पड़े हो आप? इससे अच्छा T-Bill में डालिए अपना पैसा

नई दिल्ली।

भारतीय हर साल 60 लाख करोड़ रुपये निवेश करते हैं। इसमें से करीब 50 फीसदी का निवेश रियल एस्‍टेट (Real Estate) में होता है। वहीं 15 फीसदी पैसा सोने और बैंक एफडी (Bank FD) में लगाया जाता है। आम आदमी आज भी निवेश के लिए एफडी को तव्‍वजो देता है। इसका सबसे बड़ा कारण रिटर्न की गारंटी और पैसे की सुरक्षा है। लेकिन बाजार में एफडी से ज्‍यादा ब्‍याज देने वाला एक और सुरक्षित विकल्‍प भी मौजूद हैं। यह है भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाने वाला ट्रेजरी बिल (T-Bill)। अगर पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो पाएंगे कि टी-बिल्‍स ने एफडी से करीब 70 फीसदी तक ज्‍यादा रिटर्न दिया है।

ट्रेजरी बिल (T-Bills) में पहले केवल बैंक या बड़े वित्तीय संस्थान ही निवेश कर सकते थे। लेकिन अब रिटेल निवेशक भी गारंटी के साथ मिलने वाले आकर्षक रिटर्न का फायदा ले सकते हैं। ट्रेजरी बिल 14 दिन, 91 दिन, 182 दिन और 364 दिन की अवधि के लिए होते हैं। टी-बिल को उनकी वास्तविक कीमत से डिस्काउंट पर जारी किया जाता है। मान लीजिए 91 दिन के टी बिल की वास्‍तविक कीमत 100 है। आरबीआई इसे अगर 97 रुपये पर जारी करता है तो 91 दिनों के बाद मैच्योरिटी पर निवेशक को 100 रुपये वापस मिलेंगे। इस तरह निवेशक को 3 रुपये का मुनाफा होगा।

क्या हैं ट्रेजरी बिल?

भारतीय रिजर्व बैंक(आरबीआई) हर हफ्ते ट्रेजरी बिल जारी करता है। भारत सरकार को भी मूलभूत ढांचे के निर्माण के लिए पैसे की जरूरत पड़ती है, तो वो भी कर्ज लेती है। सरकार भारतीय रिजर्व बैंक के पास पैसा उधार लेने के लिए जाती है। सरकार के इस कर्ज को आरबीआई बॉन्ड या ट्रेजरी बिल के रूप में नीलाम करता है, जिसे हम खरीद सकते हैं। वो कर्ज जिसे भारत सरकार 1 साल के अंदर वापस करती है उसे ट्रेजरी बिल कहा जाता है। ऐसा कर्ज जिसे सरकार कई वर्षों के बाद वापस करना चाहती है उसे बॉन्ड्स कहा जाता है।

कितना लगाना होगा पैसा?

14 दिन के ट्रेजरी बिल में कम से कम एक लाख रुपये आपको लगाने होंगे। बाकी तीनों तरह के ट्रेजरी बिल में आप 25,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं। मेच्योरिटी पर आरबीआई निवेशक के डीमैट अकाउंट से टी-बिल निकाल लेती है इसे एक्सटिंग्वश्मेंट ऑफ सिक्योरिटी कहा जाता है।

देना होगा टैक्‍स

टी-बिल से हुई कमाई पर कोई टैक्‍स छूट नहीं मिलती है। टी-बिल से हुए लाभ को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन माना जाता है। उस पर निवेशक के स्लैब के हिसाब से इनकम टैक्स लगता है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
Aniket

Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।