यूक्रेन में OnlyFans से करोड़ों डॉलर की कमाई के आंकड़ों ने एडल्ट कंटेंट अर्थव्यवस्था की तस्वीर सामने रखी है। अब सरकार इस क्षेत्र को कानूनी और टैक्स व्यवस्था में लाने पर विचार कर रही है।
कीव: रूस के खिलाफ जारी युद्ध के बीच यूक्रेन अतिरिक्त घरेलू राजस्व जुटाने के लिए ऐसे क्षेत्र को औपचारिक अर्थव्यवस्था में लाने पर विचार कर रहा है, जो लंबे समय से कानूनी विवाद के घेरे में रहा है। यूक्रेनी संसद में वयस्कों के बीच बनने और वितरित होने वाले अश्लील कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का प्रस्ताव आगे बढ़ा है।
इसके समर्थकों का अनुमान है कि इस क्षेत्र को वैध और कर-व्यवस्था के दायरे में लाने से सालाना 2.5 करोड़ डॉलर तक का टैक्स राजस्व जुटाया जा सकता है। यह रकम करीब 30 हजार सैन्य ड्रोन खरीदने के लिए पर्याप्त हो सकती है।
यह मामला सिर्फ पोर्नोग्राफी को कानूनी मान्यता देने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे यूक्रेन की युद्धकालीन अर्थव्यवस्था, टैक्स सिस्टम, ऑनलाइन कंटेंट क्रिएटर्स की स्थिति, पुलिस कार्रवाई, भ्रष्टाचार के आरोप और सरकार के सामने मौजूद एक अजीब कानूनी विरोधाभास भी है। एक तरफ राज्य ऐसे डिजिटल क्रिएटर्स से उनकी कमाई पर टैक्स मांग रहा है, वहीं दूसरी तरफ उसी गतिविधि का एक हिस्सा मौजूदा आपराधिक कानूनों के तहत गैरकानूनी है।
क्या यूक्रेन सच में पोर्न को लीगल करने जा रहा है?
मौजूदा स्थिति में यह कहना सही नहीं होगा कि यूक्रेन ने पोर्नोग्राफी को कानूनी कर दिया है। प्रस्तावित कानून अभी संसद की प्रक्रिया में है। जुलाई 2026 में संबंधित प्रस्ताव ने पहली रीडिंग पार की और अब दूसरी रीडिंग बाकी है।
प्रस्ताव का मूल उद्देश्य वयस्कों की सहमति से बनाए और वितरित किए जाने वाले अश्लील कंटेंट के लिए आपराधिक दंड को हटाना है, जबकि बच्चों से जुड़ी यौन शोषण सामग्री और अन्य गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई बनाए रखना प्रस्ताव का हिस्सा है।
इसलिए इसे सीधे-सीधे ‘पोर्न इंडस्ट्री को खुली छूट’ कहना सही तस्वीर नहीं होगी। प्रस्ताव के पीछे मुख्य विचार यह है कि वयस्कों की सहमति से बनने वाले कंटेंट और बच्चों के यौन शोषण जैसे अपराधों के बीच कानूनी अंतर स्पष्ट किया जाए।
यूक्रेन में इससे पहले भी वयस्क पोर्नोग्राफी को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की कोशिश हो चुकी है। मई 2026 में बिल नंबर 12191 को संसद ने पर्याप्त समर्थन नहीं दिया। उसे 226 वोटों की जरूरत थी, लेकिन सिर्फ 207 सांसदों ने समर्थन किया। इसके बाद वह प्रस्ताव खारिज हो गया।
इसके बाद नया विधायी प्रयास सामने आया, जिसने जुलाई में पहली रीडिंग पार कर ली।
मौजूदा कानून में क्या दिक्कत है?
यूक्रेन में वयस्क पोर्नोग्राफिक सामग्री का उत्पादन और वितरण लंबे समय से आपराधिक कानून के दायरे में रहा है। मौजूदा व्यवस्था में ऐसी गतिविधियों पर गंभीर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है और कुछ मामलों में सजा सात साल तक की जेल तक पहुंच सकती है।
यहीं से टैक्स का विवाद शुरू होता है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कमाई करने वाले किसी व्यक्ति से जब टैक्स विभाग आय घोषित करने को कहता है, तो वह अपनी कमाई सरकार के सामने दर्ज करता है। लेकिन अगर वही आय ऐसी सामग्री से आती है जिसका निर्माण या वितरण आपराधिक कानून के तहत प्रतिबंधित है, तो आय घोषित करना व्यक्ति को दूसरे कानूनी जोखिम के सामने खड़ा कर सकता है।
यानी क्रिएटर्स के सामने एक असामान्य स्थिति पैदा हो जाती है। कमाई छिपाने पर टैक्स चोरी का सवाल, कमाई घोषित करने पर कंटेंट से जुड़े आपराधिक कानून का जोखिम।
OnlyFans ने खोल दी इंडस्ट्री की असली तस्वीर
यूक्रेन में ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा संकेत OnlyFans से जुड़ा डेटा देता है। प्लेटफॉर्म की ब्रिटेन स्थित मूल कंपनी Fenix International से मिले आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में करीब 7,900 यूक्रेनी लोगों ने OnlyFans के जरिए 13.1 करोड़ डॉलर से अधिक कमाए।
इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट यूक्रेन में कितना बड़ा आर्थिक क्षेत्र बन चुका है।
यूक्रेन के टैक्स अधिकारियों ने भी इस आय पर ध्यान देना शुरू किया। 2025 में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, सैकड़ों क्रिएटर्स ने अपनी विदेशी आय घोषित की और टैक्स विभाग ने उनसे टैक्स की मांग की।
एक सरकारी कर-संबंधी रिपोर्ट के मुताबिक 2024 के लिए सिर्फ 152 लोगों ने OnlyFans से 13.28 करोड़ यूक्रेनी रिव्निया की आय घोषित की थी, हालांकि अनौपचारिक रूप से इससे कहीं अधिक यूक्रेनियों के इस प्लेटफॉर्म से जुड़े होने की जानकारी सामने आई थी।
एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया था कि 2020 से 2022 के बीच 5,435 यूक्रेनियों ने OnlyFans से आय अर्जित की थी। इनसे जुड़े 7,036 रजिस्टर्ड अकाउंट्स ने कुल मिलाकर करीब 11.1 करोड़ डॉलर का राजस्व पैदा किया था।
इससे साफ है कि ऑनलाइन एडल्ट कंटेंट को पूरी तरह नजरअंदाज करना अब सरकार के लिए आसान नहीं है।
सरकार को कितने फायदे की उम्मीद?
प्रस्ताव के समर्थक सांसद यारोस्लाव जेलेजनियाक का अनुमान है कि अगर इस उद्योग को कानूनी और टैक्स व्यवस्था के तहत लाया जाता है तो सरकार को सालाना 25 मिलियन डॉलर तक का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।
यह रकम यूक्रेन की कुल युद्ध जरूरत (लगभग 120 अरब डॉलर) के मुकाबले बहुत छोटी है। ऐसे में यह सवाल एक बार फिर उठता है कि इतनी छोटी रकम के लिए इतनी विवादास्पद नीति क्यों?
दरअसल, युद्ध के समय हर अतिरिक्त घरेलू राजस्व महत्वपूर्ण है। खासकर ड्रोन जैसे उपकरणों की खरीद में छोटी रकम भी सीधे सैन्य जरूरतों में लगाई जा सकती है।
जेलेजनियाक के मुताबिक प्रस्तावित टैक्स से मिलने वाली रकम लगभग 30 हजार सैन्य ड्रोन खरीदने के बराबर हो सकती है।
यूक्रेन के लिए ड्रोन इतने महत्वपूर्ण क्यों हैं?
रूस के साथ युद्ध में ड्रोन यूक्रेन की सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनका इस्तेमाल निगरानी, लक्ष्य की पहचान, हमले और रूसी ड्रोन के खिलाफ रक्षा सहित कई भूमिकाओं में किया जाता है।
यूक्रेन ने युद्ध के दौरान घरेलू ड्रोन उत्पादन को तेजी से बढ़ाने की कोशिश की है। इसलिए किसी नए घरेलू राजस्व स्रोत को ड्रोन जैसे अपेक्षाकृत जल्दी खरीदे जा सकने वाले उपकरणों से जोड़ना राजनीतिक रूप से भी समझ में आता है।
सिर्फ टैक्स नहीं, भ्रष्टाचार भी बड़ा मुद्दा
इस प्रस्ताव के समर्थकों का कहना है कि मौजूदा प्रतिबंधों ने एडल्ट कंटेंट कारोबार को भूमिगत अर्थव्यवस्था में धकेल दिया है। जब कोई आर्थिक गतिविधि गैरकानूनी रहती है लेकिन उसकी मांग और कमाई बनी रहती है, तो उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की भूमिका बढ़ जाती है।
यूक्रेन में इसी वजह से पुलिस भ्रष्टाचार के आरोप भी सामने आए हैं। कई मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि अभियोजकों ने तीन क्षेत्रों में ऐसे मामलों का पता लगाया, जहां अधिकारियों पर एडल्ट कंटेंट कारोबार से जुड़े लोगों से 20,000 डॉलर तक की रिश्वत लेने के आरोप लगे।
इस दृष्टिकोण से देखें तो प्रस्ताव सिर्फ सरकार के लिए टैक्स जुटाने का रास्ता नहीं है। समर्थकों का दावा है कि गतिविधि को कानूनी दायरे में लाने से पुलिस की जबरन वसूली और भ्रष्टाचार के अवसर कम किए जा सकते हैं।
OnlyFans क्रिएटर्स क्यों चाहते हैं कानून में बदलाव?
यूक्रेन के कुछ एडल्ट कंटेंट क्रिएटर्स लंबे समय से इस कानूनी विरोधाभास को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
इनमें स्वितलाना ड्वोर्निकोवा का मामला खास तौर पर चर्चा में आया। उन्होंने राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की वेबसाइट पर एक याचिका के जरिए वयस्क पोर्नोग्राफी को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की मांग की थी। याचिका को एक सप्ताह के भीतर 25 हजार से अधिक हस्ताक्षर मिले। इसके बाद जेलेंस्की ने संसद से इस प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही।
ड्वोर्निकोवा ने बताया कि उन्होंने बड़ी रकम टैक्स के तौर पर चुकाई है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें आपराधिक कार्रवाई का सामना करना पड़ा। Wall Street Journal के हवाले से रिपोर्टों में उनकी करीब 9 लाख डॉलर टैक्स भुगतान की बात सामने आई है।
उनका तर्क है कि जो लोग टैक्स दे रहे हैं, उन्हें उसी गतिविधि के लिए अपराधी नहीं माना जाना चाहिए।
क्या बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री भी वैध होगी?
प्रस्ताव का एक अहम हिस्सा यही है कि बच्चों के यौन शोषण और उनसे जुड़ी अश्लील सामग्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई जारी रहे और उसे मजबूत किया जाए।
जुलाई 2026 में संसद ने अलग से बच्चों से जुड़ी पोर्नोग्राफी और यौन अपराधों के लिए सजा बढ़ाने वाले विधेयक को पहली रीडिंग में मंजूरी दी। इसमें बच्चों के यौन शोषण से संबंधित अपराधों के लिए कठोर दंड का प्रावधान प्रस्तावित है।
इसलिए प्रस्तावित सुधार का उद्देश्य वयस्कों के सहमति-आधारित कंटेंट और बच्चों के शोषण से जुड़े अपराधों को अलग-अलग कानूनी श्रेणियों में रखना है।
दूसरी रीडिंग में और साफ होगी तस्वीर
फिलहाल प्रस्ताव संसद की अगली प्रक्रिया में है। पहली रीडिंग पार होने के बाद इसे दूसरी रीडिंग में जाना है। इसके बाद संसद में अंतिम मंजूरी और फिर अन्य संवैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने पर ही यह प्रभावी कानून बन सकेगा।
लेकिन यह बहस जरूर स्पष्ट करती है कि रूस के साथ लंबे युद्ध ने यूक्रेन को अपनी अर्थव्यवस्था के उन हिस्सों पर भी दोबारा विचार करने के लिए मजबूर किया है, जिन्हें पहले आपराधिक कानून के जरिए नियंत्रित किया जाता था।
एक तरफ 30 हजार ड्रोन और 2.5 करोड़ डॉलर का संभावित टैक्स राजस्व है, दूसरी तरफ कानून, नैतिकता, निजता, सुरक्षा और भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल। अब यह देखना होगा कि यूक्रेनी संसद इस विवादास्पद प्रस्ताव को किस रूप में आगे बढ़ाती है और क्या वह वयस्कों के सहमति-आधारित कंटेंट को अपराध की श्रेणी से बाहर करते हुए बच्चों के संरक्षण और अन्य गंभीर अपराधों के खिलाफ मजबूत कानूनी सुरक्षा तैयार कर पाती है।
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