गुजरात में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू करने के बाद PM मोदी मुंबई जाएंगे, Global Fintech Fest 2026 का उद्घाटन करेंगे। सम्मेलन में AI, टोकनाइजेशन और डिजिटल फाइनेंस पर चर्चा होगी।
नई दिल्ली/वडोदरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार, 8 सितंबर को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे का सबसे बड़ा पड़ाव गुजरात का वडोदरा होगा, जहां प्रधानमंत्री 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
इनमें रेलवे, सड़क, फ्रेट कॉरिडोर, शहरी विकास, आवास, जलापूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके बाद प्रधानमंत्री मुंबई पहुंचेंगे, जहां शाम करीब 5:45 बजे वह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे।
वडोदरा में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन प्रमुख हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित करना होगा। इन तीनों सेक्शनों के शुरू होने के साथ देश का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) नेटवर्क अपनी पूरी लंबाई में परिचालन के लिए तैयार हो जाएगा।
सरकार के मुताबिक इससे माल ढुलाई की गति बढ़ाने, लॉजिस्टिक्स लागत कम करने, औद्योगिक क्षेत्रों को बंदरगाहों से बेहतर तरीके से जोड़ने और मुंबई के व्यस्त रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
35 हजार करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों पर फोकस
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक 8 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे वडोदरा में प्रधानमंत्री 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। यह दौरा खास तौर पर गुजरात और पश्चिमी भारत की परिवहन तथा औद्योगिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन परियोजनाओं में सबसे बड़ा हिस्सा पश्चिमी समर्पित माल गलियारे यानी वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का है। इसके अलावा तीन नए रेलवे प्रोजेक्ट, तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं और गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
इससे वडोदरा केवल एक प्रशासनिक या औद्योगिक शहर के तौर पर नहीं, बल्कि पश्चिम भारत में रेल और सड़क परिवहन के एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी हब के रूप में और मजबूत हो सकता है।
Western Dedicated Freight Corridor के तीन सेक्शन होंगे राष्ट्र को समर्पित
प्रधानमंत्री मोदी WDFC यानी वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के तीन महत्वपूर्ण हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इनकी कुल लंबाई 326 रूट किलोमीटर है और इन पर 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है।
इनमें सानंद उत्तर-मकरपुरा, न्यू उमरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-जेएनपीटी सेक्शन शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी यानी JNPA तक मालगाड़ियों की सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
इसका सीधा असर देश के आयात-निर्यात कारोबार पर पड़ने की उम्मीद है। बंदरगाहों और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच माल की आवाजाही तेज होने से ट्रांजिट टाइम कम हो सकता है। साथ ही माल परिवहन के लिए रेलवे की क्षमता बढ़ने से सड़क नेटवर्क पर भी दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक बड़ा उद्देश्य मालगाड़ियों को यात्री ट्रेनों से अलग समर्पित ट्रैक उपलब्ध कराना है। इससे दोनों तरह की रेल सेवाओं के संचालन को अधिक व्यवस्थित करने में मदद मिलती है।
सरकार के अनुसार इन तीन सेक्शनों के चालू होने से देश के लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
चार जगहों से शुरू होंगी नई फ्रेट ट्रेन सेवाएं
प्रधानमंत्री इस अवसर पर चार स्थानों से फ्रेट ट्रेन सेवाओं को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें न्यू सानंद उत्तर, न्यू मकरपुरा, न्यू उमरगांव और न्यू जेएनपीटी, मुंबई शामिल हैं।
इन सेवाओं का महत्व इसलिए भी है क्योंकि गुजरात के औद्योगिक क्षेत्रों और महाराष्ट्र के प्रमुख बंदरगाह क्षेत्र के बीच माल की आवाजाही को तेज और अधिक भरोसेमंद बनाने में समर्पित माल गलियारा अहम भूमिका निभा सकता है।
किसी भी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए तेज और कम लागत वाला लॉजिस्टिक्स नेटवर्क प्रतिस्पर्धात्मकता का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के पूरे नेटवर्क का परिचालन गुजरात, महाराष्ट्र और देश के दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी अहम माना जा रहा है।
वडोदरा से टांडा रोड के लिए नई ट्रेन सेवा
वडोदरा दौरे के दौरान प्रधानमंत्री वडोदरा और टांडा रोड के बीच नई ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इसका लाभ वडोदरा के साथ-साथ छोटा उदयपुर और अलीराजपुर क्षेत्र के लोगों को मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री जोबट-टांडा रोड नई रेल लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह लाइन छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना का हिस्सा है और अलीराजपुर के दूरदराज तथा आदिवासी क्षेत्रों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद करेगी।
यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है। किसी दूरस्थ क्षेत्र का रेल नेटवर्क से जुड़ना स्थानीय लोगों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, व्यापार और बाजारों तक पहुंच के अवसरों को भी बढ़ा सकता है।
329 किलोमीटर के तीन नए रेलवे प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री वडोदरा कार्यक्रम के दौरान करीब 329 किलोमीटर लंबे तीन रेलवे प्रोजेक्ट का शिलान्यास भी करेंगे। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 9,700 करोड़ रुपये से अधिक है।
इनमें प्रमुख रूप से:
- वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन
- मियागाम करजन-चोरंदा-मालसर गेज परिवर्तन
- विश्वामित्री-डभोई रेलवे लाइन दोहरीकरण शामिल हैं।
वडोदरा-रतलाम सेक्शन में तीसरी और चौथी रेल लाइन बनने से इस महत्वपूर्ण रूट पर यात्री और माल परिवहन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह रूट गुजरात को मध्य प्रदेश और आगे उत्तर भारत के नेटवर्क से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण है।

वहीं, विश्वामित्री-डभोई लाइन का दोहरीकरण रेल परिचालन की क्षमता बढ़ाने और मौजूदा नेटवर्क पर दबाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से यात्री और माल ढुलाई की क्षमता बढ़ेगी, भीड़भाड़ कम होगी और गुजरात तथा मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
1,780 करोड़ रुपये की हाईवे परियोजनाएं
रेलवे के साथ-साथ सड़क परिवहन पर भी इस दौरे में बड़ा फोकस है। प्रधानमंत्री करीब 1,780 करोड़ रुपये की तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
इनमें राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के कामरेज-चलथान सेक्शन को छह लेन करना, वडोदरा-सूरत सेक्शन पर तापी और नर्मदा नदियों पर प्रमुख पुलों सहित अतिरिक्त संरचनाओं का निर्माण और राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर अभवा, मिंडहोला और खजोड़ जंक्शन पर ग्रेड-सेपरेटेड संरचनाओं का निर्माण शामिल है।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य सड़क नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के साथ यातायात को अधिक सुचारु बनाना भी है।
इसके अलावा कंडारी चोकड़ी और लुवारा पटिया पर छह लेन के फ्लाईओवर भी राष्ट्र को समर्पित किए जाएंगे। इनका उद्देश्य खास तौर पर सड़क सुरक्षा में सुधार करना और वडोदरा-सूरत राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के कुछ ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करना है।
गुजरात सरकार की 2,600 करोड़ रुपये की परियोजनाएं
प्रधानमंत्री वडोदरा में गुजरात सरकार की करीब 2,600 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का भी शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।
इनमें वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी रिंग रोड फेज-2, कड़ाना बांध पर 110 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और वडोदरा नगर निगम के नए कार्यालय भवन जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
इसके अलावा प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास परियोजनाओं और पूर्वी वडोदरा के 11 गांवों के लिए जलापूर्ति परियोजना का भी उद्घाटन करेंगे।
कड़ाना बांध का फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी अहम
वडोदरा कार्यक्रम में कड़ाना बांध से जुड़ा 110 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट भी महत्वपूर्ण है। फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं में सौर पैनलों को जलाशयों की सतह पर स्थापित किया जाता है। इससे जमीन की जरूरत कम होती है और उपलब्ध जल क्षेत्र का इस्तेमाल बिजली उत्पादन के लिए किया जा सकता है।

गुजरात पहले से ही नवीकरणीय ऊर्जा और बड़े सौर एवं हाइब्रिड ऊर्जा प्रोजेक्ट के लिए जाना जाता है। ऐसे में कड़ाना की परियोजना राज्य के स्वच्छ ऊर्जा ढांचे को आगे बढ़ाने वाली योजनाओं में शामिल होगी।
यह पहल गुजरात की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के राष्ट्रीय लक्ष्य से भी जुड़ती है।
‘स्वच्छता से स्वागत‘ अभियान से दौरे की तैयारी
प्रधानमंत्री के गुजरात दौरे से पहले राज्य में ‘स्वच्छता से स्वागत’ अभियान भी चलाया गया है। अभियान के तहत वडोदरा और नवसारी में बड़े स्तर पर साफ-सफाई और पौधारोपण अभियान चलाए गए हैं।
वडोदरा में इस अभियान के तहत स्वच्छता गतिविधियों के साथ नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन की ओर से सफाई अभियान, स्वच्छता साइक्लोथॉन, सेवा सेतु शिविर और पदयात्राओं जैसी गतिविधियां आयोजित की गई हैं।
यह सफाई अभियान केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा। गांवों के सार्वजनिक स्थानों, पंचायत कार्यालयों, स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों और तालाबों तथा अन्य जलस्रोतों के आसपास भी सफाई की गई।
इसके साथ ठोस कचरा संग्रह, परिवहन और निपटान व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। वन विभाग ने सरकारी जमीन, सड़कों के किनारे, स्कूलों, आंगनवाड़ी परिसरों, तालाबों और जलाशयों के आसपास पौधारोपण भी किया।
अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों की भागीदारी भी बताई गई है।
गुजरात के बाद मुंबई जाएंगे प्रधानमंत्री मोदी
गुजरात में कार्यक्रम पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री महाराष्ट्र जाएंगे। शाम करीब 5:45 बजे मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करेंगे।
यह ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का सातवां संस्करण है, जिसका आयोजन 8 से 11 सितंबर 2026 तक मुंबई में किया जा रहा है। सम्मेलन में वित्तीय क्षेत्र, फिनटेक कंपनियों, नियामकों, केंद्रीय बैंकों, निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और अकादमिक जगत से जुड़े प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है।
इस साल ग्लोबल फिनटेक फेस्ट का विषय “पोटेंशियल टू इम्पैक्ट: एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम – ट्रस्टेड, कनेक्टेड, ग्लोबल सिस्टम्स फॉर इनक्लूसिव फाइनेंस” रखा गया है।
सम्मेलन में एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, डिजिटल फाइनेंस और वित्तीय समावेशन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। आयोजन का फोकस इस बात पर है कि नई तकनीकों को वास्तविक आर्थिक और सामाजिक प्रभाव में कैसे बदला जा सकता है।
कुल मिलाकर 8 सितंबर का दौरा गुजरात में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और मुंबई में भविष्य की वित्तीय तकनीकों पर केंद्रित रहेगा। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार वडोदरा में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं और मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट के उद्घाटन के जरिए सरकार की प्राथमिकताओं में कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, शहरी विकास और डिजिटल फाइनेंस का एक साथ प्रदर्शन होगा।
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