Friday, 09 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
क्या 1582 में कैलेंडर से गायब हो गए थे 10 दिन? जब 4 अक्टूबर के बाद सीधे आई थी 15 अक्टूबर की तारीख, जाने ग्रेगोरियन कैलेंडर बनने की पूरी कहानी 61 साल की डोनाजीन वाइल्ड ने दी उम्र को चुनौती, 5 घंटे से अधिक देर तक प्लैंक कर तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड यूरोपीय संसद में लगा डोनाल्ड ट्रंप का ‘गोल्डन न्यूड’ स्टैच्यू, ‘The Orange Plague’ नाम से मचा हंगामा; नीचे लिखा व्यंग्यात्मक संदेश बेंगलुरु में हुआ CJP का ‘चप्पल प्रोटेस्ट’, ध्रुव राठी और प्रकाश राज ने संभाली कमान; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज RIP Nana Patekar: नहीं रहे भारतीय सिनेमा के ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में हुआ निधन ‘वाह क्या एनर्जी है’ सीज़न 2 के साथ गेल ने जारी किया नया एंथम सेवा संकल्प बाइक यात्रा 2,000 किमी का सफर तय कर तिरुपति से वाराणसी पहुँची Nobel Prize Chemistry 2026: हेनरी कागन और केंसो सोई को मिला रसायन विज्ञान का नोबेल, जानें किस खोज ने बदली अणुओं की कहानी क्या 1582 में कैलेंडर से गायब हो गए थे 10 दिन? जब 4 अक्टूबर के बाद सीधे आई थी 15 अक्टूबर की तारीख, जाने ग्रेगोरियन कैलेंडर बनने की पूरी कहानी 61 साल की डोनाजीन वाइल्ड ने दी उम्र को चुनौती, 5 घंटे से अधिक देर तक प्लैंक कर तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड यूरोपीय संसद में लगा डोनाल्ड ट्रंप का ‘गोल्डन न्यूड’ स्टैच्यू, ‘The Orange Plague’ नाम से मचा हंगामा; नीचे लिखा व्यंग्यात्मक संदेश बेंगलुरु में हुआ CJP का ‘चप्पल प्रोटेस्ट’, ध्रुव राठी और प्रकाश राज ने संभाली कमान; CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज RIP Nana Patekar: नहीं रहे भारतीय सिनेमा के ‘क्रांतिवीर’ नाना पाटेकर, 75 साल की उम्र में हुआ निधन ‘वाह क्या एनर्जी है’ सीज़न 2 के साथ गेल ने जारी किया नया एंथम सेवा संकल्प बाइक यात्रा 2,000 किमी का सफर तय कर तिरुपति से वाराणसी पहुँची Nobel Prize Chemistry 2026: हेनरी कागन और केंसो सोई को मिला रसायन विज्ञान का नोबेल, जानें किस खोज ने बदली अणुओं की कहानी

राहुल शर्मा को “नेचुरल फार्मिंग आइकन” का खिताब, क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स 2026 में 5एस फार्म को राष्ट्रीय पहचान

एमआईओएनपी प्लेटफॉर्म के तहत मिला सम्मान, सतत खेती, मृदा स्वास्थ्य और रसायन-मुक्त खेती में योगदान की सराहना

नई दिल्ली | 18 अप्रैल 2026

5एस फार्म के संस्थापक राहुल शर्मा को क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स 2026 में फार्म्स श्रेणी के तहत “नेचुरल फार्मिंग आइकन – 2026” पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत में प्राकृतिक और सतत खेती को बढ़ावा देने में उनके योगदान को मान्यता देता है।

यह पुरस्कार एमआईओएनपी (मेक इंडिया ऑर्गेनिक, नेचुरल एंड प्रॉफिटेबल) प्लेटफॉर्म के तहत दिया गया, जो देशभर में जैविक और पर्यावरण के अनुकूल खेती को आगे बढ़ाने वाले लोगों को सम्मानित करता है। राहुल शर्मा का काम मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने, रसायन-मुक्त खेती को बढ़ावा देने और टिकाऊ खेती के तरीके अपनाने पर केंद्रित रहा है।

5एस फार्म के जरिए उन्होंने ऐसी खेती को बढ़ावा दिया है, जिससे किसानों और उपभोक्ताओं दोनों को फायदा हो और साथ ही प्रकृति का संतुलन बना रहे। उनका मॉडल इस बात पर जोर देता है कि किसान पर्यावरण के अनुकूल तरीके अपनाते हुए भी अपनी पैदावार और आय बनाए रख सकें।

पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने प्राकृतिक खेती के तरीकों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और किसानों को इन्हें अपनाने के लिए प्रेरित करने का काम किया है। किसानों और स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर उन्होंने सतत खेती की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाने में योगदान दिया है।

पुरस्कार समारोह के दौरान राहुल शर्मा ने एक हिंदी कविता भी सुनाई, जिसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। “क्या कभी धरती की सिसकी सुनी है?” से शुरू हुई इस कविता में किसानों और जमीन के दर्द, संघर्ष और उनकी अनसुनी आवाज को सामने लाया गया।

क्रॉप आइकन अवॉर्ड्स कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाते हैं और उन लोगों को सम्मानित करते हैं, जो खेती के क्षेत्र में नया काम कर रहे हैं और बदलाव ला रहे हैं। राहुल शर्मा को मिला यह सम्मान इस बात को भी दिखाता है कि आज के समय में प्राकृतिक खेती की अहमियत लगातार बढ़ रही है।

इस मौके पर राहुल शर्मा ने इस सम्मान के लिए आभार जताया और कहा कि वे आगे भी प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई और खेती के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।

यह सम्मान उनके सफर में एक अहम पड़ाव है और देशभर के किसानों के लिए प्रेरणा का काम करेगा।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।