डोनाजीन वाइल्ड ने 21 मार्च 2024 को पहली बार महिला वर्ग में सबसे लंबे एब्डॉमिनल प्लैंक का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। तब उन्होंने 4 घंटे 30 मिनट 11 सेकंड तक प्लैंक किया था।
यूटा, अमेरिका: उम्र बढ़ने के साथ फिटनेस और शारीरिक क्षमता कम होना आम धारणा है, लेकिन कनाडा की 61 वर्षीय डोनाजीन वाइल्ड (DonnaJean Wilde) ने एक बार फिर इस सोच को चुनौती दी है। उन्होंने Huntsman World Senior Games में महिला वर्ग के सबसे लंबे एब्डॉमिनल प्लैंक का नया रिकॉर्ड बनाया। वाइल्ड ने करीब पांच घंटे तक प्लैंक की स्थिति बनाए रखी। Huntsman World Senior Games के मुताबिक उनका आधिकारिक समय 5 घंटे 7 सेकंड रहा, हालांकि यह रिकॉर्ड गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की समीक्षा और मंजूरी के अधीन है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि इससे पहले इसी रिकॉर्ड पर डोनाजीन वाइल्ड का ही नाम था। मार्च 2024 में उन्होंने 4 घंटे 30 मिनट 11 सेकंड तक प्लैंक करके महिला वर्ग में सबसे लंबे एब्डॉमिनल प्लैंक का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाया था। अब करीब ढाई साल बाद उन्होंने अपने ही पुराने प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया है।
61 साल की उम्र में बनाया नया रिकॉर्ड
डोनाजीन वाइल्ड ने अमेरिका के यूटा के सेंट जॉर्ज में आयोजित हंट्समैन वर्ल्ड सीनियर गेम्स के दौरान एक बार फिर अपनी फिटनेस का प्रदर्शन किया। मंगलवार को हुए इस प्रयास में उन्होंने लंबे समय तक प्लैंक की निर्धारित मुद्रा बनाए रखी और आखिरकार पांच घंटे की सीमा को भी पार कर लिया। आधिकारिक कार्यक्रम विवरण के अनुसार, वाइल्ड ने 5 घंटे 7 सेकंड तक प्लैंक करने के बाद अपना प्रयास समाप्त किया।
उनके इस प्रयास के दौरान आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने लगातार उनका उत्साह बढ़ाया। परिवार, परिचितों और अन्य दर्शकों की मौजूदगी में वाइल्ड ने बिना जल्दबाजी के अपनी स्थिति बनाए रखी और निर्धारित समय पूरा होने तक प्रयास जारी रखा। पांच घंटे से अधिक समय तक प्लैंक में बने रहना अपने आप में एक कठिन शारीरिक चुनौती है, खासकर इतनी लंबी अवधि में एक ही मुद्रा को बनाए रखने के लिए आवश्यक धैर्य और नियंत्रण को देखते हुए।
हंट्समैन वर्ल्ड सीनियर गेम्स ने वाइल्ड की इस उपलब्धि को महिला वर्ग में सबसे लंबे प्लैंक के विश्व रिकॉर्ड के तौर पर पेश किया है। हालांकि, आयोजकों ने यह भी स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड की अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
कौन हैं डोनाजीन वाइल्ड?
डोनाजीन वाइल्ड कनाडा के अल्बर्टा (Alberta) की रहने वाली हैं। वह लंबे समय तक शिक्षिका रहीं और बाद में हाई स्कूल में वाइस प्रिंसिपल के पद पर भी काम किया। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका फिटनेस से जुड़ाव बना रहा। वह पांच बच्चों की मां और 12 पोते-पोतियों की दादी हैं।
वाइल्ड की कहानी केवल एक रिकॉर्ड बनाने वाली एथलीट की कहानी नहीं है। खास बात यह है कि प्लैंकिंग उनके लिए शुरू से कोई पेशेवर खेल या रिकॉर्ड बनाने की योजना नहीं थी। एक चोट ने उन्हें इस एक्सरसाइज की ओर पहुंचाया और धीरे-धीरे यही अभ्यास उनकी फिटनेस दिनचर्या का अहम हिस्सा बन गया।
कलाई की चोट ने बदल दी एक्सरसाइज की दिशा
करीब 12 साल पहले वाइल्ड की कलाई में चोट लगी थी। उस समय उनके हाथ पर प्लास्टर था और वह सामान्य तरीके से दौड़ने या वजन उठाने जैसी एक्सरसाइज नहीं कर पा रही थीं। इसी दौरान उन्होंने प्लैंक करने की कोशिश की और पाया कि चोट के बावजूद वह इस स्थिति में व्यायाम कर सकती हैं।
परिवार के साथ एक छोटे से प्लैंक चैलेंज से शुरू हुई यह गतिविधि धीरे-धीरे उनकी रोजमर्रा की आदत बन गई। वाइल्ड ने इम्पैक्ट मैगज़ीन से बातचीत में बताया था कि चोट के कारण उस समय उनके लिए दौड़ना संभव नहीं था और चलने में भी परेशानी होती थी। हालांकि, वह प्लैंक कर पा रही थीं। यहीं से प्लैंक उनके फिटनेस रूटीन का हिस्सा बना और आगे चलकर उनके पूरे फिटनेस सफर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगा।
छह सप्ताह बाद जब उनकी कलाई का प्लास्टर हटा, तब तक प्लैंक उनके लिए महज चोट के दौरान किया जाने वाला विकल्प नहीं रह गया था। वह इसे नियमित रूप से करने लगीं। यहां तक कि स्कूल में काम करते समय भी वह प्लैंक करती थीं और पेपर चेक करते हुए भी इस एक्सरसाइज को जारी रखती थीं।
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परिवार ने शुरू किया था समय बढ़ाने का चैलेंज
समय के साथ वाइल्ड के परिवार ने यह देखना शुरू किया कि वह आखिर कितनी देर तक प्लैंक कर सकती हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने करीब दो घंटे तक प्लैंक करने की क्षमता हासिल कर ली थी। इसके बाद यह सामान्य फिटनेस एक्सरसाइज धीरे-धीरे एक गंभीर चुनौती में बदलने लगी।
उन्होंने 2023 में अपने पहले गिनीज़ रिकॉर्ड के लिए व्यवस्थित तरीके से तैयारी शुरू की। उनके प्रशिक्षण में केवल प्लैंक ही शामिल नहीं था। वह दौड़ती थीं, वजन उठाती थीं और पुश-अप्स भी करती थीं। इस व्यापक ट्रेनिंग ने उनकी ताकत और सहनशक्ति को बढ़ाने में मदद की।
2024 में पहली बार बनाया था विश्व रिकॉर्ड
डोनाजीन वाइल्ड ने पहली बार 21 मार्च 2024 को महिला वर्ग में सबसे लंबे एब्डॉमिनल प्लैंक का गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया था। उस रिकॉर्ड प्रयास में उन्होंने 4 घंटे 30 मिनट 11 सेकंड तक प्लैंक की निर्धारित मुद्रा को बनाए रखा। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने इससे पहले कायम रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था।
वाइल्ड ने उस समय कनाडा की डाना ग्लोवेका का रिकॉर्ड तोड़ा था, जिन्होंने 2019 में महिला वर्ग में यह उपलब्धि हासिल की थी। वाइल्ड के रिकॉर्ड प्रयास को देखने के लिए उनके परिवार के सदस्यों, दोस्तों, पूर्व छात्रों और उनके 12 पोते-पोतियों सहित कई करीबी लोग मौजूद थे। उनके लिए यह सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि परिवार और परिचितों की मौजूदगी ने इसे और यादगार बना दिया।
पहले रिकॉर्ड प्रयास के दौरान शुरुआती दो घंटे उनके लिए अपेक्षाकृत सहज रहे। हालांकि, समय बढ़ने के साथ शरीर पर दबाव और दर्द महसूस होने लगा। वाइल्ड ने बताया था कि आखिरी एक घंटा विशेष रूप से कठिन रहा। इस दौरान थकान के बावजूद उन्हें प्लैंक की निर्धारित मुद्रा बनाए रखनी थी। रिकॉर्ड के लिए केवल लंबे समय तक प्लैंक में रहना पर्याप्त नहीं था, बल्कि पूरे प्रयास के दौरान शरीर की स्थिति तय नियमों के अनुरूप रखना भी जरूरी था।
दर्द से जूझने का अनुभव भी आया काम
वाइल्ड की शारीरिक सहनशक्ति की कहानी में एक और महत्वपूर्ण पहलू है। Impact Magazine के मुताबिक, कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के दौरान 2006 में उन्हें ट्रांसवर्स मायलाइटिस (Transverse Myelitis – TM) नाम की न्यूरोलॉजिकल बीमारी का पता चला था, जिसके कारण उनके हाथों में स्थायी दर्द की समस्या रही।
यह जानकारी उनके प्लैंक प्रदर्शन के संदर्भ में इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहने के दौरान होने वाले दर्द और असहजता से निपटने का अनुभव उनके पास पहले से था। 2024 के रिकॉर्ड प्रयास के दौरान उनके पति रैंडी वाइल्ड ने भी उनके दर्द और उसे संभालने की क्षमता का उल्लेख किया था।
हालांकि उनकी रिकॉर्ड उपलब्धि को किसी बीमारी या दर्द का इलाज नहीं माना जाना चाहिए। उनका मामला व्यक्तिगत फिटनेस, प्रशिक्षण और लंबे समय तक अभ्यास से जुड़ा है।
प्लैंक के बाद 1,575 पुश-अप्स का भी रिकॉर्ड
डोनाजीन वाइल्ड की उपलब्धियां सिर्फ प्लैंक तक सीमित नहीं हैं। 2024 में ही उन्होंने एक और गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स बनाया था। 28 सितंबर 2024 को उन्होंने एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स किए और महिला वर्ग में एक घंटे में सबसे ज्यादा पुश-अप्स का रिकॉर्ड अपने नाम किया।
दिलचस्प बात यह है कि प्लैंक रिकॉर्ड की तैयारी के दौरान पुश-अप्स उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा थे। वह रोजाना सैकड़ों पुश-अप्स करने लगी थीं और बाद में उन्हें यह अभ्यास इतना पसंद आने लगा कि उन्होंने इसी में एक अलग रिकॉर्ड बनाने का फैसला किया।
उस रिकॉर्ड प्रयास में उन्होंने पहले 20 मिनट में 620 पुश-अप्स पूरे कर लिए थे। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग गति से पुश-अप्स करना जारी रखा और पुराने रिकॉर्ड को समय समाप्त होने से करीब 17 मिनट पहले ही पार कर लिया था। गिनीज़ के मुताबिक, प्रयास के अंतिम हिस्से में उन्हें लगा कि उनका कंधा अपनी जगह से खिसककर वापस आया, फिर भी उन्होंने प्रयास जारी रखा और 1,575 के आंकड़े तक पहुंचीं।
उम्र को लेकर क्या संदेश देती है उनकी कहानी?
डोनाजीन वाइल्ड की कहानी का सबसे खास पहलू यह है कि उनका रिकॉर्ड किसी लंबे पेशेवर एथलेटिक करियर का परिणाम नहीं था। उनकी प्लैंक यात्रा एक चोट के बाद शुरू हुई सामान्य एक्सरसाइज से आगे बढ़ी। परिवार के बीच शुरू हुआ एक छोटा-सा चैलेंज धीरे-धीरे उनके नियमित अभ्यास और अनुशासन का हिस्सा बन गया। वर्षों तक लगातार मेहनत करने के बाद यही अभ्यास उन्हें विश्व रिकॉर्ड तक ले गया।
वाइल्ड ने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के साथ बातचीत में उम्र बढ़ने के दौरान सक्रिय रहने और स्वास्थ्य व फिटनेस से जुड़े लक्ष्य बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया था। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि शारीरिक सक्रियता को उम्र के किसी निश्चित पड़ाव तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। किसी नई फिटनेस गतिविधि को शुरू करने या अपनी क्षमता को बेहतर बनाने के लिए उम्र हमेशा बाधा नहीं होती।
हालांकि, वाइल्ड का पांच घंटे से अधिक समय तक प्लैंक करना एक असाधारण उपलब्धि है और इसे सामान्य फिटनेस लक्ष्य नहीं माना जाना चाहिए। उनके रिकॉर्ड से ज्यादा महत्वपूर्ण नियमित गतिविधि, अनुशासन और अपनी क्षमता के अनुसार फिटनेस पर काम करने का संदेश है। उनकी यात्रा यह भी दिखाती है कि छोटे स्तर पर शुरू की गई कोई आदत लंबे समय तक जारी रहने पर बड़ी उपलब्धि का रूप ले सकती है।

