Nikon Z5IIC की सामान्य ISO रेंज 100 से 64,000 है, जिसे विस्तारित सेटिंग्स में ISO 50 से 204,800 के बराबर तक इस्तेमाल किया जा सकता है। लो-लाइट फोटोग्राफी के लिए यह अहम फीचर है।
नई दिल्ली: Nikon ने फुल-फ्रेम मिररलेस कैमरा सेगमेंट में नया Nikon Z5IIC लॉन्च किया है। कंपनी के मुताबिक यह कैमरा उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो फुल-फ्रेम कैमरे की इमेज क्वालिटी तो चाहते हैं, लेकिन जटिल मैनुअल सेटिंग्स से बचना चाहते हैं। Nikon ने इसमें ऑटोमैटिक शूटिंग, सीन मोड्स, एआई आधारित ऑटोफोकस और स्मार्टफोन जैसे टच कंट्रोल के साथ फोटो और वीडियो क्रिएशन पर खास जोर दिया है।
Nikon Z5IIC को गुरुवार, 24 सितंबर को पेश किया गया। भारत में कंपनी ने इसकी बॉडी-ओनली कीमत 1,39,995 रुपये रखी है और इसे अक्टूबर 2026 के मध्य से उपलब्ध कराने की जानकारी दी है। कैमरा ब्लैक और सिल्वर, दोनों रंगों में उपलब्ध होगा।
पहली बार कैमरे में मिलेंगे ‘सीन मोड्स’
Z5IIC की सबसे बड़ी खासियतों में से एक इसका 15 Scene Modes वाला सिस्टम है। Nikon के अनुसार यह कंपनी का पहला फुल-फ्रेम मिररलेस कैमरा है जिसमें मोड डायल पर Scene Modes दिए गए हैं।
इनमें Portrait, Landscape, Child, Sports, Close-up, Night Landscape, Party/Indoor, Beach/Snow, Sunset, Dusk/Dawn, Pet Portrait, Candlelight, Blossom, Autumn Colors और Food जैसे विकल्प शामिल हैं।
यूजर को सिर्फ संबंधित सीन चुनना होगा और कैमरा उस स्थिति के हिसाब से कई सेटिंग्स को अपने आप एडजस्ट कर देगा। Nikon के मुताबिक इसमें व्हाइट बैलेंस और पिक्चर कंट्रोल समेत छह से ज्यादा सेटिंग्स अपने आप बदली जा सकती हैं।
इसका उद्देश्य खास तौर पर उन लोगों के लिए कैमरे को आसान बनाना है, जो पहली बार इंटरचेंजेबल-लेंस या फुल-फ्रेम कैमरा इस्तेमाल कर रहे हैं।
स्मार्टफोन यूजर्स के लिए खास डिजाइन
Z5IIC की डिजाइन भी इसी सोच के अनुरूप रखी गई है। इसमें 3.2 इंच का vari-angle टचस्क्रीन मॉनिटर दिया गया है, जिसे अलग-अलग एंगल पर घुमाकर शूटिंग की जा सकती है। स्क्रीन में टच के जरिए फोकस और शटर रिलीज के अलावा डबल-टैप, पिंच-टू-जूम और स्वाइप जैसे कंट्रोल मिलते हैं।
कैमरे का वजन बैटरी और मेमोरी कार्ड के साथ लगभग 620 ग्राम है, जबकि बॉडी-ओनली वजन करीब 538 ग्राम है। इसका आकार लगभग 134 × 80.5 × 72 मिलीमीटर है। Nikon ने इसे बैग में आसानी से ले जाने के हिसाब से तैयार किया है।
कैमरा डस्ट और ड्रिप रेजिस्टेंस के साथ आता है और बॉडी में मैग्नीशियम अलॉय का इस्तेमाल किया गया है। इसका ग्रिप भी इस प्रकार से डिजाइन किया गया है कि लंबे समय तक शूटिंग के दौरान हाथ पर दबाव कम रहे।
24.5 मेगापिक्सल का फुल-फ्रेम सेंसर
Nikon Z5IIC में 35.9 × 23.9 मिमी का FX-format CMOS सेंसर दिया गया है। इसका प्रभावी रेजोल्यूशन 24.5 मेगापिक्सल है। कैमरे में Nikon का EXPEED 7 इमेज प्रोसेसिंग इंजन दिया गया है, जो कंपनी के मुताबिक इसके ऑटोफोकस, इमेज प्रोसेसिंग और लो-लाइट परफॉर्मेंस में मदद करता है।
फुल-फ्रेम सेंसर का फायदा खास तौर पर लो-लाइट फोटोग्राफी, बैकग्राउंड ब्लर और डायनेमिक रेंज जैसे मामलों में मिलता है। Nikon इसे स्मार्टफोन से आगे बढ़कर बेहतर इमेज क्वालिटी चाहने वाले यूजर्स के लिए पेश कर रहा है।
कैमरा RAW, JPEG और HEIF फॉर्मेट में तस्वीरें रिकॉर्ड कर सकता है। RAW फाइल 14-बिट NEF फॉर्मेट में रिकॉर्ड की जा सकती है, जिससे पोस्ट-प्रोसेसिंग के दौरान फोटो पर अधिक नियंत्रण मिलता है।
AI ऑटोफोकस में अब ‘फिश डिटेक्शन’ भी
Nikon Z5II के ऑटोफोकस सिस्टम में सब्जेक्ट डिटेक्शन से जुड़ा एक नया फीचर जोड़ा गया है। इसमें ‘फिश डिटेक्शन’ शामिल है, जिसे Nikon ने अपने कैमरों में पहली बार दिए जाने वाला फीचर बताया है। इसके जरिए कैमरा फ्रेम में मौजूद मछली को पहचानकर उस पर फोकस बनाए रखने में मदद कर सकता है।
कैमरा कुल 10 तरह के सब्जेक्ट को डिटेक्ट कर सकता है। इनमें इंसान, कुत्ता, बिल्ली, पक्षी, कार, मोटरसाइकिल, साइकिल, ट्रेन, विमान और मछली शामिल हैं। यूजर शूटिंग की जरूरत के अनुसार संबंधित सब्जेक्ट डिटेक्शन विकल्प चुन सकता है। फिश डिटेक्शन का इस्तेमाल करने के लिए कैमरे के सब्जेक्ट डिटेक्शन मेन्यू में मछली को विकल्प के तौर पर चुनना जरूरी है।
यह फीचर खास तौर पर मछलियों की तेज गतिविधियों को कैप्चर करने में मदद कर सकता है। एक्वेरियम में शूटिंग, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी या पानी में मौजूद मछलियों की तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने के दौरान ऑटोफोकस का यह विकल्प उपयोगी हो सकता है। हालांकि, फोकस की सटीकता रोशनी, सब्जेक्ट की गति और शूटिंग परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
7.5-स्टॉप तक ‘इन-बॉडी स्टेबिलाइजेशन’
हाथ से कैमरा चलाते समय हल्की-सी कंपन भी तस्वीर में ब्लर की समस्या पैदा कर सकती है। Nikon Z5II में 5-axis इन-बॉडी Vibration Reduction दिया गया है, जो कैमरे की हलचल को कम करने में मदद करता है। Nikon के अनुसार, यह सिस्टम सेंटर फ्रेम में अधिकतम 7.5 स्टॉप तक और फ्रेम के बाहरी हिस्सों में 6 स्टॉप तक का करेक्शन प्रदान कर सकता है।
यह फीचर खास तौर पर कम रोशनी में फोटो खींचते समय उपयोगी हो सकता है, जहां धीमी शटर स्पीड के कारण कैमरा शेक का खतरा बढ़ जाता है। ट्रैवल फोटोग्राफी के दौरान बिना ट्राइपॉड के शूटिंग और हैंडहेल्ड वीडियो रिकॉर्डिंग में भी यह सुविधा स्थिर फुटेज हासिल करने में मदद कर सकती है।
हालांकि, स्टेबिलाइजेशन का वास्तविक प्रदर्शन इस्तेमाल किए गए लेंस, फोकल लेंथ, शटर स्पीड, शूटिंग तकनीक और कैमरे के मोड जैसी स्थितियों पर निर्भर करेगा।
14 fps की शूटिंग क्षमता उपलब्ध
तेज गति वाले विषयों की फोटो के लिए कैमरे में लगभग 14 फ्रेम प्रति सेकंड तक हाई-स्पीड कंटीन्यूअस शूटिंग उपलब्ध है। इसके अलावा हाई-स्पीड फ्रेम कैप्चर+ मोड में प्री-रिलीज कैप्चर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
इस फीचर की मदद से कैमरा शटर दबाने से पहले के कुछ क्षण भी रिकॉर्ड कर सकता है। Nikon के मुताबिक प्री-रिलीज कैप्चर के साथ हाई-स्पीड फ्रेम कैप्चर में अधिकतम 30 fps तक शूटिंग संभव है। हालांकि इस मोड में JPEG और कुछ अन्य तकनीकी सीमाएं लागू होती हैं।
स्पोर्ट्स, बच्चों, पालतू जानवरों या तेजी से बदलते मोमेंट्स को कैप्चर करने वालों के लिए यह फीचर खास तौर पर उपयोगी हो सकता है।
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ISO 100 से 64,000 की संवेदनशीलता
कैमरे में सामान्य ISO रेंज 100 से 64,000 तक दी गई है। जरूरत के मुताबिक विस्तारित सेटिंग्स के जरिए इसे ISO 50 के बराबर लो रेंज और ISO 204,800 के बराबर हाई रेंज तक बढ़ाया जा सकता है। इससे अलग-अलग रोशनी की परिस्थितियों में फोटोग्राफी के लिए कैमरे को बेहतर तरीके से सेट किया जा सकता है।
कम रोशनी वाले वातावरण में ISO बढ़ाने से सेंसर की रोशनी के प्रति संवेदनशीलता बढ़ती है। इससे तेज शटर स्पीड का इस्तेमाल करना आसान हो जाता है और हाथ से फोटो खींचते समय मोशन ब्लर की संभावना कम की जा सकती है।
हालांकि, ISO को बहुत ज्यादा बढ़ाने पर तस्वीर में इमेज नॉइज या दानेदारपन बढ़ सकता है, जिससे फोटो की डिटेल और क्वालिटी प्रभावित हो सकती है। इसलिए बेहतर परिणाम के लिए रोशनी और शूटिंग की स्थिति के अनुसार ISO सेटिंग का चयन करना जरूरी है।
Video के लिए भी कई फीचर्स
Nikon ने Z5IIC को सिर्फ फोटो कैमरा नहीं, बल्कि कंटेंट क्रिएशन के लिए भी तैयार किया है। यह 4K UHD वीडियो को 60 fps तक रिकॉर्ड कर सकता है। हालांकि 4K 60p रिकॉर्डिंग में इमेज एरिया DX यानी APS-C फॉर्मेट में क्रॉप होता है। Full HD वीडियो में 120 fps तक रिकॉर्डिंग का विकल्प मौजूद है।
कैमरे में 4x और 5x स्लो-मोशन रिकॉर्डिंग के विकल्प भी दिए गए हैं। इसके अलावा N-Log और H.265 10-bit वीडियो सपोर्ट इसे एडवांस्ड वीडियो वर्कफ्लो में इस्तेमाल करने का विकल्प देता है।
वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान स्क्रीन पर लाल फ्रेम इंडिकेटर और कैमरे पर REC लैंप दिया गया है, जिससे यूजर को यह पता रहता है कि रिकॉर्डिंग चल रही है।
Nikon Z5II से कैसे अलग है Z5IIC?
जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि Nikon Z5IIC, Z5II परिवार का नया मॉडल है। Nikon के मुताबिक, दोनों कैमरों का परफॉर्मेंस बेस काफी हद तक समान है, लेकिन Z5IIC को ज्यादा कॉम्पैक्ट डिजाइन और आसान रोजमर्रा के इस्तेमाल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका फ्लैट-टॉप डिजाइन इसे Z5II से अलग पहचान देता है।
Z5IIC में मॉनिटर-आधारित शूटिंग पर खास जोर दिया गया है। यानी यूजर्स कैमरे के मॉनिटर को देखकर तस्वीरें और वीडियो शूट कर सकते हैं। यह अनुभव स्मार्टफोन से शूटिंग करने वाले लोगों के लिए ज्यादा परिचित हो सकता है। Nikon ने इस कैमरे को खास तौर पर कंटेंट क्रिएटर्स, ट्रैवलर्स और सोशल मीडिया यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया है।
इसके अलावा, कंपनी इसे उन लोगों के लिए भी विकल्प के तौर पर देखती है, जो पहली बार फुल-फ्रेम कैमरा खरीदना चाहते हैं। ऐसे में Z5IIC का फोकस प्रोफेशनल फीचर्स के साथ पोर्टेबिलिटी और सरल इस्तेमाल पर है।
भारत में कीमत और उपलब्धता
Nikon Z5IIC की भारत में बॉडी-ओनली MRP 1,39,995 रुपये रखी गई है। Nikon India के अनुसार, कैमरे की बिक्री अक्टूबर 2026 के मध्य से शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी ने कैमरे के साथ अलग-अलग लेंस किट के विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं, जिनकी कीमत चुने गए लेंस के अनुसार बढ़ जाती है।
Nikon India की वेबसाइट पर 24-50mm लेंस किट की कीमत 1,62,995 रुपये, जबकि 24-105mm लेंस किट 1,75,990 रुपये में सूचीबद्ध है। इसके अलावा 24-200mm लेंस के साथ आने वाले वेरिएंट की कीमत 1,97,995 रुपये बताई गई है।
इस तरह, Nikon Z5IIC को खरीदने वाले ग्राहक अपनी फोटोग्राफी की जरूरत और बजट के हिसाब से बॉडी-ओनली या अलग-अलग लेंस किट में से विकल्प चुन सकते हैं। बॉडी-ओनली मॉडल की तुलना में लेंस किट की कीमत संबंधित लेंस की क्षमता और उपयोग के अनुसार अधिक है।

