नीरज चोपड़ा के बाहर होने से एशियन गेम्स में भारत की जैवलिन उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। टखने की चोट के कारण स्टार एथलीट सितंबर में मुकाबला नहीं कर पाएंगे।
नई दिल्ली: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा का 2026 का एथलेटिक्स सीजन अचानक खत्म हो गया है। ट्रेनिंग के दौरान टखने में लिगामेंट टियर होने के बाद नीरज ने बाकी सीजन से हटने का फैसला किया है। इसका सीधा असर सितंबर में होने वाले एशियन गेम्स और डायमंड लीग फाइनल पर पड़ा है। नीरज दोनों बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व नहीं कर पाएंगे।
28 वर्षीय नीरज ने शनिवार, 29 अगस्त को सोशल मीडिया पर अपनी चोट की जानकारी देते हुए बताया कि लुसाने डायमंड लीग में सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के कुछ समय बाद ट्रेनिंग के दौरान उन्हें यह चोट लगी। डॉक्टर और अपनी टीम से बातचीत के बाद उन्होंने 2026 के बाकी सभी इवेंट्स से हटने का फैसला किया। नीरज ने कहा कि वह उस समय अपनी लय हासिल करने के करीब महसूस कर रहे थे, इसलिए चोट के कारण सीजन खत्म करना निराशाजनक है। हालांकि, अब उनका पूरा ध्यान अच्छी तरह से रिकवरी करने और मजबूत वापसी पर है।
लुसाने में मिला था फॉर्म लौटने का संकेत
नीरज के लिए यह चोट ऐसे समय आई है जब उनका प्रदर्शन धीरे-धीरे बेहतर हो रहा था। लुसाने डायमंड लीग में उन्होंने 88.05 मीटर का थ्रो किया था, जो 2026 सीजन का उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस प्रदर्शन के साथ वह दूसरे स्थान पर रहे। श्रीलंका के रुमेश थारंगा पथिरगे ने 88.14 मीटर के थ्रो के साथ उनसे सिर्फ नौ सेंटीमीटर आगे रहकर पहला स्थान हासिल किया।

लुसाने में नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर की दूरी तय की और कुछ समय के लिए प्रतियोगिता में शीर्ष पर पहुंच गए। हालांकि, तीसरे राउंड में पथिरगे ने 88.14 मीटर का थ्रो करके बढ़त हासिल कर ली। नीरज उस बढ़त को पार नहीं कर सके और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इसके बावजूद 88.05 मीटर का प्रदर्शन नीरज के लिए महत्वपूर्ण था। नीरज का यह प्रदर्शन इस बात का संकेत था कि वह धीरे-धीरे अपने पुराने स्तर की ओर लौट रहे हैं। खुद नीरज ने भी कहा था कि उन्हें लगा कि वह उस लय के करीब पहुंच रहे हैं जिसकी उन्हें तलाश थी। लेकिन लुसाने के कुछ ही समय बाद आई चोट ने उनकी आगे की पूरी योजना बदल दी।
चोट ने बदल दिया पूरा सीजन
नीरज के अनुसार, उन्हें यह चोट ट्रेनिंग के दौरान लगी। उन्होंने डॉक्टर और टीम से सलाह लेने के बाद प्रतियोगिताओं से हटने का निर्णय लिया। उपलब्ध जानकारी में चोट की सटीक ग्रेड या यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि उन्हें सर्जरी की जरूरत होगी या नहीं। इसलिए इस समय उनकी वापसी की तारीख को लेकर कोई आधिकारिक समयसीमा बताना जल्दबाजी होगी।
नीरज के लिए 2026 की शुरुआत पहले ही आसान नहीं रही थी। वह पिछले साल की पीठ की चोट से उबरने के बाद करीब नौ महीने तक प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स से दूर रहे। 2025 विश्व चैंपियनशिप में उन्होंने चोट के बावजूद हिस्सा लिया था और बाद में माना था कि चोट के साथ प्रतियोगिता में उतरना सही फैसला नहीं था।
उनकी वापसी जून 2026 में दोहा डायमंड लीग से हुई। वहां उन्होंने 85.69 मीटर का थ्रो करते हुए चौथा स्थान हासिल किया। यह उनका लगभग नौ महीने बाद पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था।
दोहा से लुसाने तक नीरज का प्रदर्शन
2026 में वापसी के बाद नीरज ने शुरुआत में अपनी पूरी लय हासिल नहीं की थी। दोहा डायमंड लीग में उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 85.69 मीटर रहा। इसके बाद उन्होंने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स में 85.83 मीटर का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। हालांकि, वहां श्रीलंका के रुमेश पथिरगे ने 89.75 मीटर के शानदार थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता।

इसके बाद लुसाने में नीरज ने 88.05 मीटर तक भाला पहुंचाया। यह उनके लिए इस सीजन का स्पष्ट सुधार था। वह जीत से केवल 9 सेंटीमीटर दूर रहे, लेकिन प्रदर्शन ने संकेत दिया कि वह बड़े मुकाबलों के लिए अपनी लय वापस पा रहे हैं।
यही वजह है कि चोट की खबर उनके लिए और भी निराशाजनक है। सीजन के शुरुआती हिस्से में संघर्ष करने के बाद जब उनका प्रदर्शन बेहतर होने लगा, उसी समय उन्हें प्रतियोगिता से बाहर होना पड़ा।
डायमंड लीग फाइनल भी नहीं खेल पाएंगे
नीरज ने 2026 डायमंड लीग फाइनल के लिए भी क्वालिफाई कर लिया था। खास बात यह है कि उन्होंने इस सीजन डायमंड लीग के केवल दो मुकाबलों में हिस्सा लिया था, फिर भी पर्याप्त अंक हासिल करके फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे।
लुसाने में दूसरे स्थान पर रहने से उन्हें महत्वपूर्ण अंक मिले। इसके बाद वह डायमंड लीग की क्वालिफिकेशन सूची में छठे स्थान पर रहे और छह फाइनलिस्ट में जगह बनाई। फाइनल 4-5 सितंबर को ब्रसेल्स में होना था।
लेकिन अब टखने की चोट के कारण वह इस मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे। इसका मतलब यह भी है कि नीरज को इस साल डायमंड लीग की ट्रॉफी के लिए प्रतिस्पर्धा करने का मौका नहीं मिलेगा।
एशियन गेम्स में भी भारत की उम्मीदों को लगा बड़ा झटका
नीरज का बाहर होना भारत के लिए सबसे बड़ा झटका आगामी एशियन गेम्स में लगा है। 2026 एशियन गेम्स 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची और नागोया में आयोजित होंगे। भारत ने इन खेलों के लिए 492 खिलाड़ियों का दल भेजने की तैयारी की है, जिसमें एथलेटिक्स सबसे बड़ा दल है।
नीरज को भारत की 73 सदस्यीय एथलेटिक्स टीम में शामिल किया गया था। वह पुरुषों की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में लगातार तीसरा एशियन गेम्स स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ उतरने वाले थे।
उन्होंने 2018 जकार्ता और 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। ऐसे में 2026 में उनका लक्ष्य लगातार तीसरी बार एशियन गेम्स चैंपियन बनना था। चोट के कारण अब यह मौका उनके हाथ से निकल गया है।
भारत के लिए बढ़ी चुनौती
नीरज की गैरमौजूदगी भारतीय एथलेटिक्स टीम के लिए बड़ी चुनौती होगी। वह सिर्फ पदक के दावेदार नहीं थे, बल्कि भारत के सबसे भरोसेमंद एथलीटों में से एक हैं। एशियन गेम्स में उनकी मौजूदगी से पुरुष जैवलिन थ्रो में भारत की पदक की उम्मीद मजबूत मानी जा रही थी।
अब भारतीय टीम को उनकी जगह दूसरे जैवलिन थ्रोअर पर निर्भर रहना होगा। नीरज के बाहर होने के बाद भारतीय भाला फेंक में किशोर जेना और अन्य खिलाड़ियों की भूमिका पर ज्यादा ध्यान रहेगा। हालांकि, किसी भी खिलाड़ी पर नीरज के प्रदर्शन की सीधी तुलना का दबाव डालना उचित नहीं होगा।
चोटों से जूझता रहा है नीरज का हालिया करियर
नीरज के लिए चोट कोई नई चुनौती नहीं है। 2025 में उन्हें पीठ की समस्या का सामना करना पड़ा था। टोक्यो विश्व चैंपियनशिप के दौरान भी वह इस चोट से जूझ रहे थे। प्रतियोगिता में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 84.03 मीटर रहा और वह आठवें स्थान पर रहे। इसके बाद उन्होंने लंबा रिहैबिलिटेशन लिया।
2026 में वापसी से पहले नीरज ने खुद बताया था कि रिकवरी का दौर उनके करियर के सबसे मुश्किल चरणों में से एक रहा। उन्हें पीठ के अलावा एचिलीज टेंडन, कंधे और कोहनी से जुड़ी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा था।
ऐसे में टखने की नई चोट उनके शरीर पर लगातार पड़ रहे दबाव को लेकर भी सवाल खड़े करती है। हालांकि, अभी यह कहना सही नहीं होगा कि चोट कितनी गंभीर है या उनकी अगली वापसी कब होगी।
रिकवरी पर होगा नीरज का अगला फोकस
नीरज ने अपने संदेश में साफ किया कि इस समय उनका लक्ष्य जल्दबाजी में वापसी करना नहीं, बल्कि पूरी तरह स्वस्थ होना है। उन्होंने माना कि सीजन के इस पड़ाव पर चोट लगना निराशाजनक है, खासकर तब जब उन्हें अपनी लय लौटती महसूस हो रही थी। लेकिन उन्होंने इसे खेल का हिस्सा बताते हुए सकारात्मक रुख रखा है।
उनके लिए यह फैसला इसलिए भी अहम है क्योंकि वह पहले चोट के बावजूद प्रतियोगिता में उतरने का खामियाजा भुगत चुके हैं। इस बार डॉक्टरों और टीम की सलाह के बाद पूरे सीजन से हटना संकेत देता है कि उनका प्राथमिक लक्ष्य लंबे समय के लिए फिट रहना है।
2026 में अधूरी रह गई नीरज की कहानी
नीरज चोपड़ा के लिए 2026 की शुरुआत चोट से उबरने और वापसी की कोशिश के साथ हुई। दोहा में उन्होंने प्रतिस्पर्धी एथलेटिक्स में वापसी की, ग्लासगो में पदक जीता और फिर लुसाने में 88.05 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो करके अपनी पुरानी लय की झलक दिखाई। लेकिन इसी वापसी के बीच टखने की चोट ने उनका सीजन खत्म कर दिया।
अब एशियन गेम्स में भारत को नीरज के बिना उतरना होगा और डायमंड लीग फाइनल में भी उनकी जगह खाली रहेगी। फिलहाल उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती किसी पदक या रिकॉर्ड की नहीं, बल्कि पूरी तरह फिट होकर वापसी करने की है।
नीरज ने कहा है कि उनका ध्यान अच्छी तरह से रिकवरी करने और पहले से ज्यादा मजबूत होकर लौटने पर है। भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए अब यही सबसे बड़ी उम्मीद है कि चोट से उबरने के बाद नीरज फिर उसी अंदाज में भाला फेंकते नजर आएं, जिसने उन्हें दुनिया के शीर्ष जैवलिन थ्रोअर में शामिल किया।
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