Monday, 21 September 2026
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अनाया बांगर के क्रिकेट खेलने की मंजूरी पर बढ़ा विवाद, दक्षिण अफ्रीकी खिलाडीं ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले को बताया ‘बिल्कुल बेतुका’

अनाया बांगर को महिला कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट की मंजूरी मिली, लेकिन WBBL के लिए मार्च 2027 में पात्रता जांच जरूरी होगी। मारिजान कैप ने फैसले पर आपत्ति जताई।

नई दिल्ली/मेलबर्न: भारतीय क्रिकेट से जुड़े पूर्व क्रिकेटर और कोच संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर को ऑस्ट्रेलिया में महिला क्रिकेट खेलने का रास्ता मिलने के बाद क्रिकेट जगत में नई बहस छिड़ गई है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने अनाया को तत्काल प्रभाव से महिला कम्युनिटी क्रिकेट और प्रीमियर क्रिकेट में खेलने की मंजूरी दी है। हालांकि, महिला बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट क्रिकेट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए उन्हें कुछ अनिवार्य पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

इसी फैसले पर दक्षिण अफ्रीका की स्टार ऑलराउंडर मारिजान कैप ने सार्वजनिक रूप से आपत्ति जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले को “बिल्कुल बेतुका” (Absolutely Ridiculous) बताया। कैप की टिप्पणी के बाद महिला क्रिकेट में समावेश, प्रतिस्पर्धात्मक निष्पक्षता और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की भागीदारी को लेकर बहस तेज हो गई है।

हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि अनाया को अभी WBBL में खेलने की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। मौजूदा फैसला उन्हें ऑस्ट्रेलिया के कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट में खेलने का अवसर देता है, जबकि एलीट क्रिकेट के लिए पात्रता मार्च 2027 के बाद निर्धारित शर्तें पूरी करने पर निर्भर करेगी।

क्या है पूरा मामला?

अनाया बांगर ने जून 2026 में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया था। इसके बाद 20 जुलाई को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की ओर से उन्हें जवाब मिला। इसमें बताया गया कि वह ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। हालांकि, एलीट क्रिकेट के लिए उन्हें क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) की ट्रांसजेंडर और जेंडर-डाइवर्स खिलाड़ियों से जुड़ी नीति के तहत निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करना होगा।  

CA के अनुसार, एलीट महिला क्रिकेट में खेलने के लिए खिलाड़ी के सीरम टेस्टोस्टेरोन का स्तर लगातार कम से कम 12 महीने तक 10 nmol/L से नीचे रहना जरूरी है। अनाया के मामले में यह 12 महीने की अवधि मार्च 2027 में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद उन्हें रक्त जांच के जरिए यह साबित करना होगा कि वह निर्धारित सीमा के भीतर हैं और नीति की अन्य शर्तें भी पूरी करती हैं।

इसका अर्थ है कि मार्च 2027 अनाया की क्रिकेट यात्रा में एक अहम पड़ाव होगा। यदि वह उस समय सभी निर्धारित मानकों को पूरा करती हैं, तो वह एलीट महिला क्रिकेट में चयन के लिए पात्र हो सकती हैं।

WBBL की राह खुली, लेकिन टीम में जगह की गारंटी नहीं

अनाया के मामले में सबसे ज्यादा चर्चा WBBL को लेकर हो रही है। लेकिन क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी को सीधे WBBL में चयन के बराबर समझना सही नहीं होगा।

अनाया खुद भी स्पष्ट कर चुकी हैं कि ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें टीम में जगह नहीं, बल्कि क्रिकेट में वापसी का रास्ता दिया है। उन्हें पहले कम्युनिटी और प्रीमियर क्रिकेट में खेलना होगा, प्रदर्शन करना होगा और फिर एलीट स्तर पर चयन के लिए खुद को साबित करना होगा।

यानी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का फैसला पात्रता का रास्ता खोलता है, लेकिन किसी WBBL फ्रेंचाइजी के लिए उनका चयन अपने आप नहीं हो जाता। इसके लिए प्रदर्शन, फिटनेस, टीम की जरूरत और चयन प्रक्रिया जैसे सामान्य खेल मानदंड भी लागू होंगे।

मारिजान कैप ने क्यों जताई आपत्ति?

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के सामने आने के बाद दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी ऑलराउंडर मारिजान कैप ने सोशल मीडिया पर अपनी असहमति जाहिर की।

उन्होंने एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि यह फैसला “Absolutely Ridiculous” है और कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए। कैप महिला क्रिकेट की प्रमुख अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों में शामिल हैं और दक्षिण अफ्रीका के लिए तीनों प्रारूपों में लंबे समय से खेलती रही हैं।

कैप की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यह किसी प्रमुख सक्रिय महिला क्रिकेटर की ओर से इस फैसले पर सामने आई स्पष्ट सार्वजनिक प्रतिक्रिया है। इससे यह बहस केवल प्रशासनिक नीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि खिलाड़ियों के बीच भी चर्चा का विषय बन गई है।

अनाया बांगर कौन हैं?

आपको बता दें कि अनाया बांगर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर की बेटी हैं। उन्होंने कम उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया और मुंबई के आयु-वर्ग क्रिकेट में हिस्सा लिया। वह उस दौर में सरफराज खान और उनके भाई मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों के साथ भी क्रिकेट खेल चुकी हैं।

अनाया ने पुरुष आयु-वर्ग क्रिकेट में टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज और ऑलराउंडर के तौर पर खेला। बाद में उन्होंने अपनी जेंडर पहचान को लेकर बदलाव की प्रक्रिया शुरू की।

उनके मुताबिक, 2022 में उन्होंने ट्रांजिशन की प्रक्रिया शुरू की। इसके दौरान उन्होंने काउंसलरों से सलाह ली और बाद में ब्रिटेन जाकर क्लब क्रिकेट खेला तथा हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।

मार्च 2026 में उन्होंने जेंडर-अफर्मिंग सर्जरी कराई। इसके बाद क्रिकेट में वापसी का रास्ता तलाशना उनके लिए एक महत्वपूर्ण लक्ष्य बन गया।

एक समय लगा था कि दोबारा क्रिकेट नहीं खेल पाऊंगी’

अनाया ने क्रिकेट में वापसी को अपने लिए भावनात्मक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि ट्रांजिशन के दौरान उनके सामने यह संभावना भी थी कि शायद वह दोबारा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट न खेल पाएं।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मंजूरी के बाद उन्होंने इसे अपने जीवन का महत्वपूर्ण दिन बताया और कहा कि कई वर्षों तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद अब उनके सामने फिर से खेल में लौटने का रास्ता है।

उनका कहना है कि यह अवसर सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि उन दूसरे ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है जो अपनी जेंडर पहचान और खेल करियर के बीच चुनाव करने की स्थिति में खुद को पाते हैं।

क्या कहती है क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की नीति?

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया लंबे समय से जेंडर-डाइवर्स और ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग स्तरों पर भागीदारी के लिए सामने आता रहा है।

CA के कम्युनिटी क्रिकेट दिशानिर्देशों के मुताबिक, ट्रांसजेंडर और जेंडर-डाइवर्स खिलाड़ी अपनी जेंडर पहचान के अनुसार कम्युनिटी क्रिकेट में हिस्सा ले सकते हैं। संगठन ने खेल को सुरक्षित और समावेशी माहौल बनाने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

लेकिन एलीट क्रिकेट के लिए अलग पात्रता नीति लागू होती है। यहां महिला वर्ग की प्रतिस्पर्धा से जुड़े नियम अधिक विशिष्ट हैं और मेडिकल तथा हार्मोन संबंधी मानदंडों को भी ध्यान में रखा जाता है।

मार्च 2027 अनाया के लिए अहम

अनाया की पात्रता के लिए मार्च 2027 इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार उस समय उनकी 12 महीने की निर्धारित टेस्टोस्टेरोन अवधि पूरी होगी।

इसके बाद उन्हें ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर रक्त जांच करानी होगी और यह साबित करना होगा कि उनका सीरम टेस्टोस्टेरोन स्तर निर्धारित 10 nmol/L की सीमा के नीचे बना हुआ है। इसके साथ नीति की अन्य शर्तों की भी पुष्टि करनी होगी।

यदि वह इन शर्तों को पूरा करती हैं तो एलीट महिला क्रिकेट के लिए चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ सकती हैं।

इसलिए अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि अनाया WBBL में खेलेंगी। फिलहाल सही स्थिति यह है कि उनके लिए WBBL समेत एलीट महिला क्रिकेट का रास्ता सशर्त रूप से खुला है।

ICC का नियम क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से अलग?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने नवंबर 2023 में महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए नई जेंडर पात्रता नीति लागू की थी। इसके तहत जो ट्रांसजेंडर महिला खिलाड़ी पुरुष यौवन (Male Puberty) से गुजर चुकी हैं, उन्हें सर्जरी या जेंडर-अफर्मिंग ट्रीटमेंट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में खेलने की अनुमति नहीं है।

लेकिन ICC ने उसी समय स्पष्ट किया था कि उसका यह नियम अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट तक सीमित है। घरेलू क्रिकेट में जेंडर पात्रता का फैसला संबंधित सदस्य बोर्ड अपने नियमों और स्थानीय कानूनों के अनुसार कर सकते हैं।

इसी वजह से क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का घरेलू नियम ICC के अंतरराष्ट्रीय नियम से अलग माना जा सकता है।

क्या अनाया भारत के लिए भी खेल सकती हैं?

मौजूदा स्थिति में अनाया का ऑस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट खेलने का रास्ता खुला है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह भारतीय महिला क्रिकेट टीम या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय टीम के लिए खेल सकती हैं।

ICC की मौजूदा नीति अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में Male Puberty से गुजर चुकी ट्रांसजेंडर महिलाओं की भागीदारी पर रोक लगाती है। इसलिए CA की घरेलू मंजूरी और ICC की अंतरराष्ट्रीय पात्रता को अलग-अलग समझना जरूरी है।

भारत में घरेलू स्तर पर ऐसी स्थिति को लेकर BCCI की नीति भी महत्वपूर्ण होगी। आपको बता दें कि अनाया की ओर से BCCI से घरेलू क्रिकेट में खेलने की संभावनाओं को लेकर संपर्क किया गया था, लेकिन बोर्ड ने अभी इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई स्पष्ट नीति या फैसला नहीं बताया है।

महिला क्रिकेट में बढ़ती बहस

अनाया बांगर का मामला केवल एक खिलाड़ी की वापसी की कहानी नहीं है। इससे महिला खेलों में समावेश और प्रतिस्पर्धात्मक निष्पक्षता के बीच संतुलन का पुराना सवाल फिर सामने आया है।

समावेश के पक्ष में तर्क देने वाले लोग कहते हैं कि ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों को खेल से पूरी तरह बाहर कर देना उनके खेल करियर और अवसरों को खत्म कर सकता है। दूसरी ओर, महिला खेलों में प्रतिस्पर्धात्मक समानता और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर अलग नियम बनाने की जरूरत पर जोर दिया जाता है।

ICC ने अपनी 2023 नीति में भी महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए सुरक्षा, निष्पक्षता और महिला खेल की अखंडता को प्रमुख आधार माना था। साथ ही उसने घरेलू क्रिकेट के लिए फैसला सदस्य बोर्डों पर छोड़ दिया।

यही वजह है कि अलग-अलग क्रिकेट बोर्डों की नीतियां एक जैसी होना जरूरी नहीं है।

रक्त जांच के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल अनाया के सामने पहला लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया में क्लब या प्रीमियर क्रिकेट से प्रतिस्पर्धी वापसी करना है। इसके बाद वह अपने प्रदर्शन और फिटनेस के जरिए एलीट क्रिकेट के लिए खुद को तैयार करेंगी।

मार्च 2027 में होने वाली पात्रता जांच उनके लिए सबसे अहम पड़ाव होगी। अगर वह क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की निर्धारित शर्तें पूरी करती हैं, तो WBBL जैसे एलीट टूर्नामेंट में चयन के लिए आवेदन और चयन प्रक्रिया का रास्ता खुल सकता है।

वहीं मारिजान कैप की प्रतिक्रिया ने इस फैसले को लेकर बहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिया है। आने वाले महीनों में यह मामला इस बात की मिसाल बन सकता है कि अलग-अलग क्रिकेट बोर्ड ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की घरेलू भागीदारी और महिला क्रिकेट की प्रतिस्पर्धात्मक आवश्यकताओं के बीच संतुलन कैसे बनाते हैं।

फिलहाल इतना स्पष्ट है कि अनाया बांगर को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने महिला क्रिकेट में वापसी का रास्ता दिया है, लेकिन WBBL में उनका खेलना अभी तय नहीं है। उनके लिए मार्च 2027 की पात्रता जांच और उसके बाद होने वाली चयन प्रक्रिया ही अगला बड़ा कदम होगी।

ये भी पढ़ें :- राहुल द्रविड़ और वीरेंद्र सहवाग के बेटों की टीम इंडिया में एंट्री, U-19 ऑस्ट्रेलिया सीरीज में बनाई जगह

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MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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