“अदालत के आदेश को हल्के में न लें”: 18 महीने की चुप्पी पर भड़के डॉ. पॉल, 21 जनवरी तक जवाब न देने पर दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
“क्या तेलुगु जनता के वोट केवल वादों के लिए हैं?” इस तीखे सवाल के साथ प्रजा शांति पार्टी के संस्थापक डॉ. के. ए. पॉल ने आज नई दिल्ली के आंध्र भवन में केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। डॉ. पॉल ने स्पष्ट किया कि अब विभाजनकालीन वादों पर ‘तारीख पर तारीख’ का खेल नहीं चलेगा।
न्यायालय का नोटिस और राजनीतिक ‘मौन’ पर प्रहार
डॉ. पॉल ने प्रेस वार्ता में विस्फोटक खुलासा करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिलाने की कानूनी लड़ाई में केंद्र, सीएम चंद्रबाबू नायडू और पूर्व सीएम जगन रेड्डी ने पिछले 18 महीनों से अदालत में कोई जवाब दाखिल नहीं किया है।
“न्यायमूर्ति नरेंद्र के आदेशों की अनदेखी लोकतंत्र का अपमान है। अगर 21 जनवरी 2026 तक इन नेताओं ने अपना हलफनामा दाखिल नहीं किया, तो यह माना जाएगा कि इन्हें जनता के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं है।”
मिशन आंध्र और तेलंगाना: विकास के लिए आर-पार की जंग
डॉ. पॉल ने उन प्रमुख परियोजनाओं की सूची पेश की जिन्हें वर्षों से लटकाया गया है:
- विशाखापत्तनम स्टील प्लांट: “इसे बिकने नहीं देंगे, यह आंध्र का गौरव है।”
- पोलावरम और पालमुरु-रंगारेड्डी: इन सिंचाई परियोजनाओं को तत्काल राष्ट्रीय दर्जा और फंड देने की मांग।
- रोजगार के अवसर: काजीपेट रेल फैक्ट्री और बय्यारम स्टील प्लांट (तेलंगाना) के जरिए युवाओं को नौकरी देने का वादा पूरा हो।
- विशेष वित्तीय पैकेज: आंध्र प्रदेश की आर्थिक रीढ़ मजबूत करने के लिए तत्काल फंड जारी करने की मांग।
प्रधानमंत्री से न्याय की गुहार
डॉ. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को आंध्र और तेलंगाना की धरती पर सच साबित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा नहीं किया गया, तो वे दोनों राज्यों की जनता के साथ मिलकर एक बड़ा जन-आंदोलन शुरू करेंगे।
प्रेस वार्ता के समापन पर डॉ. पॉल भावुक हुए और प्रसिद्ध उद्योगपति अनिल अग्रवाल के पुत्र अग्निवेश अग्रवाल के असामयिक निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
