Saturday, 26 September 2026
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Happy Birthday Serena Williams: कॉम्पटन के कोर्ट से निकलकर टेनिस की दुनिया पर राज करने तक, ऐसी रही ‘क्वीन ऑफ टेनिस’ की कहानी

सेरेना विलियम्स ने अपने करियर में चार ओलंपिक गोल्ड मेडल जीते। इनमें एक सिंगल्स और तीन डबल्स गोल्ड शामिल हैं। 2012 लंदन ओलंपिक में सिंगल्स गोल्ड जीतकर उन्होंने करियर गोल्डन स्लैम पूरा किया।

मिशिगन, अमेरिका: टेनिस कोर्ट पर कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनके सामने प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ अपनी रणनीति नहीं, बल्कि दबाव से भी मुकाबला करना पड़ता है। सेरेना विलियम्स का नाम इसी सूची में सबसे ऊपर आता है। उनकी तेज सर्विस, ताकतवर फोरहैंड और दबाव के बीच मैच का रुख बदल देने की क्षमता ने उन्हें महिला टेनिस की सबसे चर्चित और सफल खिलाड़ियों में शामिल किया।

आज 26 सितंबर 2026 को सेरेना विलियम्स अपना 45वां जन्मदिन मना रही हैं। 26 सितंबर 1981 को अमेरिका के मिशिगन के सागिनॉ में जन्मीं सेरेना ने करीब तीन दशक लंबे पेशेवर करियर में 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीते, दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनीं और चार ओलंपिक गोल्ड मेडल अपने नाम किए। 2022 यूएस ओपन के बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धी टेनिस से दूरी बना ली, लेकिन उनका प्रभाव खेल से कहीं आगे तक पहुंच चुका है।

कॉम्पटन के कोर्ट से शुरू हुआ सफर

सेरेना विलियम्स का जन्म रिचर्ड विलियम्स और ओरासीन प्राइस के घर हुआ। उनका बचपन मुख्य रूप से कैलिफोर्निया के कॉम्पटन में बीता, जहां उनके पिता ने सेरेना और उनकी बड़ी बहन वीनस को छोटी उम्र से ही टेनिस सिखाना शुरू कर दिया। सेरेना ने करीब तीन साल की उम्र में टेनिस खेलना शुरू कर दिया था।

रिचर्ड विलियम्स ने बिना किसी पेशेवर टेनिस पृष्ठभूमि के अपनी बेटियों के लिए प्रशिक्षण की योजना तैयार की। परिवार ने बाद में फ्लोरिडा का रुख किया, जहां दोनों बहनों को बेहतर प्रशिक्षण और पेशेवर करियर के लिए तैयार किया गया। सेरेना के शुरुआती वर्षों में उनके पिता की भूमिका केवल कोच की नहीं, बल्कि करियर मैनेजर की भी रही।

बहुत कम उम्र में सेरेना ने जूनियर स्तर पर अपनी क्षमता दिखानी शुरू कर दी थी। आगे चलकर यही प्रशिक्षण उन्हें पेशेवर टेनिस के सबसे बड़े मंच तक ले गया।

1999 में पहला ग्रैंड स्लैम

सेरेना ने 1998 में WTA Tour पर नियमित पेशेवर करियर शुरू किया और अगले ही साल वह उपलब्धि हासिल की जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी। 1999 US Open के फाइनल में उन्होंने मार्टिना हिंगिस को हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीता।

यह सिर्फ एक बड़ी जीत नहीं थी। इसके बाद सेरेना ने चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंटों में खिताब जीतकर करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया। ऑस्ट्रेलियन ओपन, फ्रेंच ओपन, विंबलडन और यूएस ओपन चारों बड़े टूर्नामेंटों में उनकी जीत ने उन्हें अलग-अलग कोर्ट और परिस्थितियों में सफल खिलाड़ी के रूप में स्थापित किया।

उनके ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों का ब्योरा भी उनके करियर की लंबाई और निरंतरता दिखाता है। उन्होंने अपने करियर में –

  • ऑस्ट्रेलियन ओपन: 7 खिताब
  • फ्रेंच ओपन: 3 खिताब
  • विंबलडन: 7 खिताब
  • यूएस ओपन: 6 खिताब

कुल मिलाकर 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब सेरेना के नाम हैं, जो ओपन एरा में किसी महिला खिलाड़ी के सबसे ज्यादा सिंगल्स ग्रैंड स्लैम खिताब हैं।

2017 ऑस्ट्रेलियन ओपन की वह ऐतिहासिक जीत

सेरेना के करियर की सबसे चर्चित जीतों में 2017 ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब भी शामिल है। फाइनल में उनके सामने कोई और नहीं बल्कि उनकी बहन वीनस विलियम्स थीं।

सेरेना ने वीनस को हराकर अपना 23वां ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताब जीता और स्टेफी ग्राफ के 22 ओपन एरा ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। इस जीत के साथ वह उस समय ओपन एरा में सबसे ज्यादा महिला सिंगल्स ग्रैंड स्लैम जीतने वाली खिलाड़ी बनीं।

इस जीत की एक और खास बात बाद में सामने आई। सेरेना ने खुलासा किया कि वह उस टूर्नामेंट के दौरान गर्भवती थीं। उनकी बेटी ओलंपिया का जन्म उसी साल सितंबर में हुआ।

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सेरेना और वीनस की जोड़ी

सेरेना की कहानी उनकी बहन वीनस के बिना अधूरी है। दोनों बहनों ने सिंगल्स में एक-दूसरे के खिलाफ कई बड़े मुकाबले खेले, लेकिन डबल्स में वे एक बेहद सफल साझेदारी भी बनीं। सेरेना और वीनस ने मिलकर 14 ग्रैंड स्लैम डबल्स खिताब जीते। दोनों ने 2000, 2008 और 2012 में ओलंपिक महिला डबल्स गोल्ड मेडल भी जीते।

इस तरह सेरेना के खाते में कुल चार ओलंपिक गोल्ड मेडल हैं,  जिनमें एक सिंगल्स और तीन डबल्स शामिल हैं। 2012 लंदन ओलंपिक में सिंगल्स गोल्ड जीतकर उन्होंने करियर गोल्डन स्लैम भी पूरा किया।

दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड

सेरेना सिर्फ ग्रैंड स्लैम खिताब जीतने तक सीमित नहीं रहीं। वह लंबे समय तक WTA Ranking में नंबर-1 स्थान पर भी रहीं।

वह कुल 319 सप्ताह तक दुनिया की नंबर-1 महिला सिंगल्स खिलाड़ी रहीं। इसमें लगातार 186 सप्ताह का दौर शामिल है, जो स्टेफी ग्राफ के साथ संयुक्त रूप से सबसे लंबी लगातार नंबर-1 अवधि का रिकॉर्ड है।

उनके नाम 73 WTA सिंगल्स खिताब भी दर्ज हैं। डब्ल्यूटीए के अनुसार उनके करियर में पांच डब्ल्यूटीए फाइनल्स खिताब और रिकॉर्ड 23 डब्ल्यूटीए 1000 खिताब भी शामिल हैं।

सेरेना के करियर का सबसे शानदार सीजन

साल 2013 को सेरेना के सबसे प्रभावशाली वर्षों में गिना जाता है। उस साल उन्होंने 78 मैच जीते और सिर्फ 4 गंवाए। उन्होंने 11 खिताब जीते, जिनमें फ्रेंच ओपन और यूएस ओपन भी शामिल थे।

उस वर्ष सेरेना ने ग्रैंड स्लैम के साथ-साथ लगातार कई टूर्नामेंटों में उच्च स्तर का प्रदर्शन किया। उनकी सर्विस, कोर्ट कवरेज और बेसलाइन से आक्रामक खेल उनकी सबसे बड़ी ताकतों में शामिल रहे।

दो बार हासिल किया ‘सेरेना स्लैम’

सेरेना विलियम्स के करियर में दो ऐसे दौर आए, जब उन्होंने लगातार चारों ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के महिला एकल खिताब अपने नाम रखे। इसे टेनिस की दुनिया में ‘सेरेना स्लैम’ के नाम से जाना गया।

पहला सिलसिला 2002 के फ्रेंच ओपन से शुरू हुआ, जब उन्होंने फाइनल में अपनी बहन वीनस विलियम्स को हराकर खिताब जीता। इसके बाद उन्होंने 2002 यूएस ओपन, 2003 ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2003 फ्रेंच ओपन के खिताब भी जीते। इस तरह उन्होंने लगातार चार ग्रैंड स्लैम खिताब अपने नाम किए।

सेरेना ने दूसरी बार यह उपलब्धि 2014 यूएस ओपन से 2015 विंबलडन तक हासिल की। इस दौरान उन्होंने 2015 ऑस्ट्रेलियन ओपन और 2015 फ्रेंच ओपन भी जीता। हालांकि, इसे कैलेंडर ईयर ग्रैंड स्लैम नहीं माना जाता, क्योंकि चारों खिताब एक ही साल में नहीं जीते गए थे।

मां बनने के बाद फिर कोर्ट पर वापसी

2017 में बेटी ओलंपिया के जन्म के बाद सेरेना विलियम्स ने पेशेवर टेनिस में वापसी की। मां बनने के बाद उनकी वापसी को उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में गिना गया। वापसी के बाद उन्होंने कई बड़े टूर्नामेंटों में प्रभावशाली प्रदर्शन किया और चार ग्रैंड स्लैम फाइनल तक पहुंचीं। हालांकि, इनमें से किसी में भी वह 24वां ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत सकीं।

2018 में वह फ्रेंच ओपन के चौथे दौर से आगे नहीं बढ़ सकीं, जबकि उसी साल विंबलडन के फाइनल में पहुंचकर उन्होंने मजबूत वापसी का संकेत दिया। 2019 में भी उन्होंने विंबलडन और यूएस ओपन के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन दोनों बार उपविजेता रहीं। 2021 में वह ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन में शुरुआती दौर में बाहर हुईं।

2022 में विंबलडन के बाद सेरेना ने यूएस ओपन को अपने पेशेवर करियर का आखिरी टूर्नामेंट बनाया। उन्होंने इसे पारंपरिक अर्थों में ‘रिटायरमेंट’ कहने के बजाय अपनी जिंदगी के अगले चरण की ओर बढ़ना बताया। इसके बाद वह पेशेवर टेनिस प्रतियोगिताओं से दूर रहीं और करीब चार साल तक प्रतिस्पर्धी कोर्ट पर नजर नहीं आईं।

2026 में फिर लौटीं सेरेना

सेरेना की कहानी का एक नया अध्याय 2026 में शुरू हुआ। जून में उन्होंने क्वीन्स क्लब में डबल्स के जरिए पेशेवर टेनिस में वापसी की। विक्टोरिया म्बोको के साथ खेलते हुए उन्होंने अपने कमबैक मैच में जीत दर्ज की।

इसके बाद उन्होंने विंबलडन में सिंगल्स में भी वापसी की। यह 2022 यूएस ओपन के बाद उनका पहला पेशेवर सिंगल्स मैच था। विंबलडन में उन्हें वाइल्डकार्ड मिला और उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की माया जॉइंट के खिलाफ मुकाबला खेला।

हालांकि विंबलडन में सिंगल्स वापसी लंबी नहीं चली। बाद में सेरेना और वीनस को विंबलडन डबल्स से भी हटना पड़ा, क्योंकि सेरेना ने घुटने की समस्या के कारण खेलने में असमर्थता जताई।

इसके बाद सितंबर 2026 में दोनों बहनों ने यूएस ओपन डबल्स में फिर साथ खेला। आर्थर ऐश स्टेडियम में उनका मुकाबला माया जॉइंट और हाओ-चिंग चान की जोड़ी से हुआ, जिसमें विलियम्स बहनों को तीन सेटों में हार मिली।

सेरेना के लिए टेनिस से आगे की दुनिया

सेरेना ने 2017 में रेडिट के सह-संस्थापक एलेक्सिस ओहानियन से शादी की। दोनों की दो बेटियां ओलंपिया और अदीरा हैं।

मां बनने के बाद सेरेना ने कई बार अपने करियर और परिवार के बीच संतुलन को लेकर बात की। टेनिस के बाहर भी उनका ध्यान कारोबार, निवेश, फैशन और सामाजिक पहलों पर रहा है।

उन्होंने सेरेना वेंचर्स नाम की वेंचर कैपिटल फर्म शुरू की, जिसका फोकस शुरुआती चरण की कंपनियों में निवेश पर है। डब्ल्यूटीए के अनुसार उन्होंने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी काम किया और केन्या में सेकेंडरी स्कूल स्थापित करने में योगदान दिया।

उन्होंने फैशन, निवेश, मीडिया और एंटरटेनमेंट में भी काम किया है। उनकी प्रोडक्शन कंपनी ने उनके जीवन और करियर पर आधारित ‘इन द एरीना: सेरेना विलियम्स’ डॉक्यूमेंट्री सीरीज में भी भूमिका निभाई।

उनकी यात्रा ने खेल की दुनिया में महिलाओं, अश्वेत खिलाड़ियों और मातृत्व के बाद प्रोफेशनल स्पोर्ट में वापसी जैसे मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा को जगह दी।

45 साल की उम्र में सेरेना का 2026 कमबैक उनकी कहानी में एक और अध्याय जोड़ चुका है। अब उनके करियर की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जिस खिलाड़ी ने तीन दशक तक टेनिस के रिकॉर्ड बदले, वह खेल से दूर जाने के बाद भी उसी खेल में अपनी मौजूदगी को एक नए रूप में दर्ज करा रही है।

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MD Faijan

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लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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