Friday, 10 July 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
आईसीएमएआई और डीटीयू की साझेदारी से शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत होगा संबंध Rajpal Yadav Case: चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 3 महीने की जेल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका जब चेहरे पर नींबू का रस लगाकर बैंक लूटने निकले दो शख्स, एक ऐसी डकैती जिसे आज भी विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाता है वेल्लोर विद्रोह 1806: 1857 से 51 साल पहले अंग्रेजों की नींव हिला देने वाला विद्रोह, जिसे इतिहास ने लगभग भुला दिया BSNL का नया सैटेलाइट फोन: क्या है इसकी खासियत, कौन खरीद सकता है और क्यों जरूरी है सरकार की अनुमति? Sunil Gavaskar Birthday: अस्पताल में बच्चे की अदला-बदली से लेकर, बिना हेलमेट 10,000 टेस्ट रन बनाने तक का ऐतिहासिक सफर BBL in India: भारत में होगा Big Bash League का आगाज, ‘चेपॉक’ में भिड़ेंगी Perth Scorchers और Melbourne Renegades टेलीग्राम फिशिंग लिंक से परिवार के तीन सदस्य बने निशाना, डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने दिल्ली पुलिस से जांच मांगी आईसीएमएआई और डीटीयू की साझेदारी से शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत होगा संबंध Rajpal Yadav Case: चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को 3 महीने की जेल, दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया बड़ा झटका जब चेहरे पर नींबू का रस लगाकर बैंक लूटने निकले दो शख्स, एक ऐसी डकैती जिसे आज भी विश्वविद्यालयों में पढ़ाया जाता है वेल्लोर विद्रोह 1806: 1857 से 51 साल पहले अंग्रेजों की नींव हिला देने वाला विद्रोह, जिसे इतिहास ने लगभग भुला दिया BSNL का नया सैटेलाइट फोन: क्या है इसकी खासियत, कौन खरीद सकता है और क्यों जरूरी है सरकार की अनुमति? Sunil Gavaskar Birthday: अस्पताल में बच्चे की अदला-बदली से लेकर, बिना हेलमेट 10,000 टेस्ट रन बनाने तक का ऐतिहासिक सफर BBL in India: भारत में होगा Big Bash League का आगाज, ‘चेपॉक’ में भिड़ेंगी Perth Scorchers और Melbourne Renegades टेलीग्राम फिशिंग लिंक से परिवार के तीन सदस्य बने निशाना, डॉ. भार्गव मल्लप्पा ने दिल्ली पुलिस से जांच मांगी

‘Gullak Season 5’ Review : नए किस्सों के साथ मिश्रा परिवार की वापसी, क्या दिल जीत पाई इस बार की कहानी?

भारतीय मध्यमवर्गीय परिवार की रोजमर्रा की खट्टी-मीठी कहानी लेकर एक बार फिर हाजिर हुई है Gullak Season 5, जानिए कैसी रही इसकी वापसी।

ओटीटी की दुनिया में कुछ वेब सीरीज ऐसी होती हैं जो बड़े बजट, एक्शन या सस्पेंस के दम पर नहीं, बल्कि अपने सादगी भरे किरदारों और रोजमर्रा की कहानियों के कारण दर्शकों के दिलों में जगह बनाती हैं। टीवीएफ की लोकप्रिय वेब सीरीज गुल्लक’ भी इसी श्रेणी में आती है। शुक्रवार (5 जून) को Sony Liv पर गुल्लक के पांचवे सीजन को 7 एपिसोड के साथ रिलीज किया गया।  

एक बार फिर गुल्लक के माध्यम से इसके निर्माता मिश्रा परिवार के रूप में देश के मध्यमवर्गीय परिवारों के कुछ खट्टे-मीठे किस्से लेकर हाजिर हुए हैं। गुल्लक का पांचवां सीजन यह साबित करता है कि अच्छी कहानी के लिए बड़े ट्विस्ट या भारी-भरकम ड्रामा जरूरी नहीं होते। कभी-कभी एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार की जिंदगी भी लाखों लोगों को अपनी कहानी लग सकती है।

गुल्लक की कहानी

गुल्लक के पांचवें सीजन की शुरुआत मिश्रा परिवार के मुखिया संतोष मिश्रा (जमील खान) के घर में पुताई से होती है। दूसरी तरफ, गुल्लक की जगह भी अब बदल चुकी है। क्योंकि घर में उसकी जगह नए मेहमान के रूप में आए वाई-फाई ने ले ली है। घर में वाई-फाई का लगना इस बात का संकेत है कि अब मिश्रा परिवार समय के साथ बदलने को तैयार है।

इसके अलावा बड़े बेटे अन्नू मिश्रा (अनंत वी जोशी) अब प्यार में गिरकर, प्रोफेशन और इश्क के पेंडुलम के बीज झूलते नजर आ रहे हैं। वहीं छोटे बेटे अमन मिश्रा (हर्ष मायर) जीवन में शॉर्टकट की तलाश कर कामयाब होने की कोशिश में हैं। हर बार की तरह इस बार भी सबसे अंतिम में आती हैं मम्मी शांति मिश्रा (गीतांजली कुलकर्णी), जो अब भी फ्री-ऑफ-कॉस्ट (Free of Cost) घर की सारी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

दूसरी तरफ अब पड़ोसन बिट्टू की मम्मी शालिनी देवी (सुनीता राजवर) सोशल मीडिया की ताकत का इस्तेमाल कर नई-नई मशहूर हुई हैं। ऐसे में मिश्रा परिवार और बिट्टू की मम्मी के बीच की हल्की-फुल्की चटकारेदार बातचीत के इर्द-गिर्द पूरी गुल्लक की कहानी घूमती है।

क्या है ‘गुल्लक’ की खासियत?

जब 2019 में गुल्लक का पहला सीजन आया था, तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह सीरीज भारतीय ओटीटी की सबसे पसंदीदा फैमिली ड्रामा सीरीज में शामिल हो जाएगी। इसकी सबसे बड़ी ताकत हमेशा इसकी सादगी रही है। मिश्रा परिवार की छोटी-छोटी परेशानियां, घरेलू नोकझोंक, रिश्तों की गर्माहट और मध्यमवर्गीय जीवन की वास्तविकता इस सीरीज को बाकी कंटेंट से अलग बनाती है। पांचवें सीजन में भी यही पहचान बरकरार रखी गई है।

हालांकि यह सीजन मनोरंजन के मामले में अपने पिछले सीजन को पार नहीं कर पाती है। किरदारों के बीच के संवाद मजेदार हैं लेकिन इस बार ताजगी का अभाव साफ नजर आ रहा है।

फिर दिल जीतते हैं संतोष मिश्रा

सीरीज में जमील खान ने एक बार फिर संतोष मिश्रा के किरदार में सभी का दिल जीता है। उनकी अभिनय शैली हमेशा की तरह बेहद सहज और प्रभावशाली है। संतोष मिश्रा ऐसा किरदार है जो भारतीय मध्यमवर्गीय पिता की सोच, संघर्ष और जिम्मेदारियों को बेहद वास्तविक तरीके से सामने लाता है। इस सीजन में भी उनका अभिनय कहानी की सबसे मजबूत कड़ियों में शामिल है। कई दृश्यों में उनकी भावनाएं बिना किसी बड़े संवाद के भी दर्शकों तक पहुंच जाती हैं।

शांति मिश्रा बनीं परिवार की भावनात्मक धुरी

गीतांजलि कुलकर्णी ने एक बार फिर शांति मिश्रा के किरदार में शानदार काम किया है। वह केवल एक मां नहीं, बल्कि पूरे परिवार को जोड़े रखने वाली ताकत के रूप में दिखाई देती हैं। सीजन 5 में उनके किरदार को पहले से अधिक भावनात्मक गहराई दी गई है। घर की छोटी-छोटी चिंताओं से लेकर बच्चों के भविष्य तक, उनका संघर्ष कई भारतीय माताओं की वास्तविक तस्वीर पेश करता है।

अन्नू और अमन की बदलती दुनिया

अनंत (अन्नू) और हर्ष मायर (अमन) की नई जोड़ी इस बार कहानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दोनों भाइयों के बीच की नोकझोंक, दोस्ती और प्रतिस्पर्धा पहले की तरह मनोरंजक है, लेकिन इस बार उनके जीवन में परिपक्वता भी दिखाई देती है। पिछले चार सीजन में पुराने अन्नू मिश्रा के रूप में वैभव राज गुप्ता का काम लोगों ने बहुत पसंद किया था। ऐसे में इस किरदार के लिए नए अभिनेता के रूप में अनंत वी जोशी पर सबसे अधिक दबाव था। वे कई मायनों में वैभव की कमी स्क्रीन पर खलने नहीं देते हैं।

मध्यमवर्गीय जिंदगी का वास्तविक चित्रण

गुल्लक की सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही है कि उसने भारतीय मध्यमवर्गीय जीवन को बिना किसी बनावटीपन के प्रस्तुत किया है। यहां समस्याएं भी वास्तविक हैं और खुशियां भी। किसी के प्रमोशन की उम्मीद, बढ़ते खर्चों की चिंता, बच्चों का भविष्य, पड़ोसियों से रिश्ते और घरेलू बहसें ये सभी बातें कहानी का हिस्सा बनती हैं।

हंसी के साथ भावनाओं का संतुलन

सीजन 5 में हास्य और भावनाओं के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है। कई दृश्य ऐसे हैं जो दर्शकों को हंसाते हैं, वहीं कुछ पल भावुक भी कर देते हैं।

सीरीज की खास बात यह है कि यह भावनाओं को जबरदस्ती थोपने की कोशिश नहीं करती। घटनाएं स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ती हैं और दर्शक खुद उनसे जुड़ते चले जाते हैं।

क्या उम्मीदों पर खरी उतरती है गुल्लक 5?

गुल्लक का पांचवां सीजन अपनी मूल पहचान को बनाए रखने में सफल रहा है। यह सीरीज कोई बड़ा प्रयोग नहीं करती, लेकिन वही करती है जो उसे सबसे बेहतर आता है, वह है एक साधारण परिवार की असाधारण कहानी। हालांकि दर्शकों को लग सकता है कि कहानी की गति पहले की तुलना में थोड़ी धीमी है, लेकिन भावनात्मक जुड़ाव इस कमी को काफी हद तक पूरा कर देता है।

ये भी पढ़ें :- एक ऐसी फिल्म जो बनी सेंसर बोर्ड के लिए सिर दर्द, जाने 607 मिनट लंबी सबसे अनोखी डॉक्यूमेंट्री ‘Paint Drying’ की कहानी

Home » ‘Gullak Season 5’ Review : नए किस्सों के साथ मिश्रा परिवार की वापसी, क्या दिल जीत पाई इस बार की कहानी?

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
MD Faijan

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।