पोंगल 2027 से पात्र परिवारों को हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त मिलेगी, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का दायरा बढ़ेगा; परंदूर एयरपोर्ट परियोजना छोड़कर नए स्थान की तलाश का ऐलान
चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 24 अगस्त को विधानसभा में कई बड़े फैसलों की घोषणा की। इन घोषणाओं में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए हर साल तीन LPG सिलेंडर मुफ्त में मिलने वाली योजना, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का विस्तार और चेन्नई के प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला शामिल है। मुख्यमंत्री ने ये घोषणाएं विधानसभा में नियम 110 के तहत कीं।
इनमें सबसे बड़ा सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ने वाला है। अन्नपूर्णी सुपर 6 (Annapoorani Super Six) योजना के पहले चरण में पात्र परिवारों को साल में तीन LPG सिलेंडर की कीमत सरकार की ओर से दी जाएगी।
सरकार के मुताबिक, यह योजना करीब 1.30 करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाएगी और इसके लिए हर साल लगभग ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया जाएगा।
पोंगल 2027 से मिलेगी LPG राहत
मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि सरकार ने योजना की तैयारियां शुरू कर दी हैं और इसे पोंगल 2027 से लागू किया जाएगा। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को तीन LPG सिलेंडर खरीदने में खर्च होने वाली राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। यानी सरकार का मॉडल सिलेंडर की कीमत को लाभार्थी के बैंक खाते में वापस करने का है।
इस योजना का उद्देश्य घरेलू खर्च का बोझ कम करना है। रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है, खासकर कम आय वाले परिवारों पर। सरकार ने इसी आर्थिक दबाव को कम करने की योजना बनाई है।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि वित्तीय दबाव के बावजूद सरकार लोगों पर पड़ने वाला बोझ कम करना चाहती है और चुनाव के दौरान किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
किसे मिलेगा तीन फ्री LPG सिलेंडर का लाभ?
सरकार के अनुसार, योजना का लाभ मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिलेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब ₹2.5 लाख तक की वार्षिक आय वाले परिवार, आर्थिक रूप से पिछड़े परिवार, छोटे और सीमांत किसानों के परिवार तथा दिव्यांग सदस्यों वाले परिवारों को योजना में शामिल किया जाएगा। कुल 1,30,16,104 परिवारों को इसके दायरे में लाने का अनुमान है।
हालांकि, योजना के अंतिम क्रियान्वयन से पहले पात्रता की विस्तृत प्रक्रिया, दस्तावेज, LPG कनेक्शन से जुड़ी शर्तें और बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था को लेकर सरकार को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने होंगे। इसलिए अभी यह मान लेना जल्दबाजी होगी कि राज्य के हर LPG उपभोक्ता को स्वतः तीन सिलेंडर की पूरी कीमत वापस मिल जाएगी।
अभी तीन सिलेंडर का ऐलान
‘अन्नपूर्णी सुपर 6’ नाम को लेकर भी चर्चा है। मुख्यमंत्री की मौजूदा विधानसभा घोषणा में पहले चरण में तीन मुफ्त LPG सिलेंडर सालाना देने की बात कही गई है। दूसरी ओर, TVK के चुनावी एजेंडे में छह LPG सिलेंडर सालाना देने का वादा किया गया था। पार्टी के आधिकारिक महिला कल्याण एजेंडे में भी छह मुफ्त LPG सिलेंडर का उल्लेख है।
सोमवार, 24 अगस्त की आधिकारिक घोषणा के मुताबिक अभी पहला चरण तीन सिलेंडरों का है। आगे योजना का विस्तार कैसे होगा, यह सरकार के अगले फैसलों और दिशा-निर्देशों पर निर्भर करेगा।
यह फर्क इसलिए भी अहम है क्योंकि कुछ शुरुआती रिपोर्टों में योजना के नाम के आधार पर छह सिलेंडर की व्याख्या सामने आई है, जबकि मुख्यमंत्री की मौजूदा घोषणा में स्पष्ट रूप से तीन सिलेंडर की बात कही गई है।
₹4,000 करोड़ सालाना का खर्च
तमिलनाडु सरकार ने LPG योजना के लिए हर साल लगभग ₹4,000 करोड़ खर्च का अनुमान लगाया है। करीब 1.30 करोड़ परिवारों को कवर करने वाली इस योजना का वित्तीय असर राज्य के बजट पर भी पड़ेगा।
सरकार इसे सिर्फ LPG सब्सिडी के रूप में नहीं देख रही, बल्कि घरेलू खर्च घटाने के उपाय के तौर पर पेश कर रही है। कम आय वाले परिवारों में रसोई गैस का खर्च भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य और परिवहन जैसे दूसरे खर्चों के साथ सीधे प्रतिस्पर्धा करता है। ऐसे में साल में तीन सिलेंडरों की लागत वापस मिलने से पात्र परिवारों को सालाना बजट में कुछ राहत मिल सकती है।
हालांकि, योजना का वास्तविक आर्थिक प्रभाव LPG की उस समय की कीमत, लाभार्थियों की वास्तविक संख्या और भुगतान की समयबद्धता पर निर्भर करेगा।
महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा
मुख्यमंत्री विजय ने LPG योजना के साथ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा का भी विस्तार किया है। वेट्री पयनम (Vetri Payanam) योजना के तहत महिलाओं को पहले से ज्यादा श्रेणियों की सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसका विस्तार 2 अक्टूबर 2026 से किया जाएगा।
शहरी और महानगरीय क्षेत्रों में महिलाओं को Express, LSS और Deluxe सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की गई है। वहीं, जिलों के बीच यात्रा के लिए मुफस्सिल और पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली सामान्य किराया श्रेणी की सरकारी बसों को भी योजना में शामिल किया जाएगा। इससे महिलाओं को राज्य के भीतर लंबी दूरी की यात्रा में भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

सरकार ने इस योजना के लिए करीब ₹6,000 करोड़ सालाना खर्च का अनुमान लगाया है। खास बात यह है कि महिलाओं के लिए इस सुविधा में आय की कोई सीमा नहीं होगी और यात्राओं की संख्या पर भी कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
ट्रांसजेंडर यात्रियों को भी मुफ्त यात्रा
‘वेट्री पयनम’ योजना का दायरा सिर्फ महिलाओं तक सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब ट्रांसजेंडर व्यक्ति भी इस मुफ्त बस यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
यह घोषणा सार्वजनिक परिवहन को सामाजिक कल्याण से जोड़ती है। महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा का उद्देश्य केवल किराया बचाना नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कामों तक उनकी पहुंच आसान करना भी है। सरकार का तर्क है कि परिवहन लागत कई महिलाओं के लिए रोजमर्रा की आवाजाही में वास्तविक आर्थिक बाधा बनती है।
नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग बस श्रेणियों को शामिल करने से उन महिलाओं को भी लाभ मिलेगा जिन्हें पहले मुफ्त यात्रा की सीमित श्रेणियों के कारण टिकट खरीदना पड़ता था।
2 अक्टूबर से लागू होगी नई बस व्यवस्था
वेट्री पयनम के विस्तार के लिए सरकार ने 2 अक्टूबर, यानी महात्मा गांधी की जयंती, को शुरुआत की तारीख चुना है। इससे पहले तमिलनाडु में महिलाओं को चुनिंदा सरकारी बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती रही है। नई घोषणा उस व्यवस्था का विस्तार मानी जा रही है। अब Express, LSS और Deluxe सेवाओं के साथ-साथ कुछ अंतर-जिला और पहाड़ी मार्गों की सामान्य किराया वाली सरकारी बसें भी इसके दायरे में आएंगी।
सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती इसे बड़े पैमाने पर सुचारू रूप से लागू करने की होगी। बस परिचालकों को नई व्यवस्था, टिकटिंग सिस्टम और सरकार को होने वाले प्रतिपूर्ति भुगतान की प्रक्रिया के अनुसार व्यवस्था करनी होगी।
परंदूर एयरपोर्ट परियोजना पर बड़ा फैसला
विजय सरकार ने सोमवार को चेन्नई के पास प्रस्तावित परंदूर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को आगे नहीं बढ़ाने का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नए स्थानों की पहचान कर रही है और चेन्नई के दूसरे एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक जगह तलाशेगी।
परंदूर परियोजना लंबे समय से विवाद में रही है। स्थानीय किसानों और निवासियों ने भूमि अधिग्रहण, कृषि भूमि, जल निकायों और विस्थापन से जुड़ी चिंताओं के कारण इसका विरोध किया था। सरकार ने अब कहा है कि वह ऐसी जगह तलाशेगी जहां किसानों और आबादी पर कम से कम असर पड़े।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में यह भी संकेत दिया कि चेन्नई के मौजूदा मीनंबक्कम एयरपोर्ट का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत नए टर्मिनल 5 की योजना भी सामने आई है।
चेन्नई को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत क्यों?
परंदूर साइट को छोड़ने का फैसला यह नहीं बताता कि चेन्नई को दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत खत्म हो गई है। सरकार का कहना है कि चेन्नई महानगरीय क्षेत्र के विस्तार, बढ़ते यात्री यातायात और कार्गो क्षमता की जरूरत के कारण दूसरे एयरपोर्ट की आवश्यकता बनी हुई है। अब विवाद मुख्य रूप से स्थान को लेकर है।
इसलिए सरकार अब वैकल्पिक साइटों पर विचार करेगी। इस फैसले से एक तरफ परंदूर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को राहत मिल सकती है, लेकिन दूसरी तरफ नए स्थान के चयन के साथ भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण से जुड़े सवाल फिर उठ सकते हैं।
वित्तीय बोझ की बड़ी चुनौती
कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचता है, लेकिन उनका खर्च राज्य के बजट पर पड़ता है। केवल LPG योजना के लिए करीब ₹4,000 करोड़ और विस्तारित मुफ्त बस यात्रा के लिए लगभग ₹6,000 करोड़ सालाना अनुमानित हैं। यानी इन दो घोषणाओं से ही करीब ₹10,000 करोड़ का वार्षिक वित्तीय भार बन सकता है, यदि दोनों योजनाएं अपने अनुमानित पूर्ण खर्च पर चलती हैं।
इसके अलावा सरकार ने दूसरी कल्याणकारी योजनाओं के लिए भी बजट आवंटित किए हैं। इसलिए आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन योजनाओं के लिए वित्तीय संसाधन किस तरह जुटाती है और सामाजिक खर्च तथा राज्य की वित्तीय स्थिति के बीच संतुलन कैसे बनाती है।
विपक्ष और राजनीतिक बहस
तीन LPG सिलेंडर की घोषणा के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है। AMMK महासचिव टी.टी.वी दिनाकरन (T.T.V. Dhinakaran) ने योजना के नाम ‘Super Six’ और केवल तीन सिलेंडर की घोषणा के बीच अंतर पर सवाल उठाया है।
यह बहस आगे भी जारी रह सकती है कि चुनावी वादे के मुकाबले मौजूदा घोषणा कितनी व्यापक है। सरकार के लिए चुनौती सिर्फ योजना घोषित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी होगी कि पात्र परिवारों को समय पर पैसा मिले और लाभार्थी सूची को लेकर कोई अस्पष्टता न रहे।
आम परिवारों और महिलाओं पर क्या असर होगा?
अगर अन्नपूर्णी सुपर 6 योजना तय समय पर और घोषित पात्रता के अनुसार लागू होती है, तो कम आय वाले परिवारों को साल में तीन LPG सिलेंडरों की लागत वापस मिलने से सीधी आर्थिक राहत मिलेगी।
दूसरी ओर, वेट्री पयनम का विस्तार महिलाओं के लिए अधिक व्यापक असर डाल सकता है। कामकाजी महिलाओं, छात्राओं, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यात्रा करने वाली महिलाओं और सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर परिवारों के लिए यात्रा खर्च कम होना रोजमर्रा की बचत में बदल सकता है। ट्रांसजेंडर यात्रियों को शामिल करने से योजना का सामाजिक दायरा भी बढ़ता है।
लेकिन दोनों योजनाओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इन्हें जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू करती है। LPG के लिए समय पर DBT भुगतान और बस योजना के लिए स्पष्ट परिचालन व्यवस्था सबसे अहम होगी।
ये भी पढ़ें :- Chhatron Ki Goonj: राहुल गांधी के कार्यक्रम से ठीक पहले पुणे में ABVP-NSUI की भिड़ंत, COEP हॉस्टल में बढ़ा तनाव


