फीफा विश्व कप 2026 में मंगलवार (23 जून) को चार मुकाबले खेले जाएंगे। आज के दिन सभी की नजरें रोनाल्डो, हैरी केन और मोड्रिच पर रहेंगी।
नई दिल्ली: FIFA World Cup 2026 के ग्रुप चरण का रोमांचक दौर जारी है। मंगलवार (23 जून) को यहां चार अहम मुकाबले खेले जाएंगे। ग्रुप K में पुर्तगाल का सामना उज्बेकिस्तान से होगा, जबकि उसी ग्रुप के दूसरे मैच में कोलंबिया और डीआर कांगो आमने-सामने होंगे।
ग्रुप L में इंग्लैंड की टक्कर घाना से होगी और पनामा का मुकाबला क्रोएशिया से होगा। इन मुकाबलों के नतीजे कई टीमों के लिए नॉकआउट चरण का रास्ता साफ कर सकते हैं, जबकि कुछ टीमों के लिए हार लगभग टूर्नामेंट से बाहर होने जैसी स्थिति पैदा कर देगी।
पुर्तगाल बनाम उज्बेकिस्तान
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब के प्रबल दावेदारों में शामिल पुर्तगाल को अपने पहले मैच में डीआर कांगो के खिलाफ 1-1 की निराशाजनक बराबरी से संतोष करना पड़ा।
इसके विपरीत, विश्व कप में पहली बार खेल रही उज्बेकिस्तान की टीम को कोलंबिया के हाथों 1-3 से हार का सामना करना पड़ा था।
ऐसे में यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। पुर्तगाल के पास ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा, वितिन्हा और जोआओ नेवेस जैसे रचनात्मक खिलाड़ी हैं, जबकि क्रिस्टियानो रोनाल्डो पर गोल करने की जिम्मेदारी होगी।
हालांकि पहले मैच में रोनाल्डो अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ सके थे, जिसके बाद उनकी शुरुआती एकादश में जगह को लेकर भी चर्चाएं हुईं।
पुर्तगाल की रणनीति
पुर्तगाल इस मुकाबले में शुरुआत से ही गेंद पर नियंत्रण स्थापित कर उज्बेकिस्तान को रक्षात्मक मोड में धकेलने की कोशिश करेगा। ब्रूनो फर्नांडिस, वितिन्हा और बर्नार्डो सिल्वा मिडफील्ड से खेल की दिशा तय करेंगे, जबकि राफाएल लियाओ और नूनो मेंडेस बाएं फ्लैंक से लगातार दबाव बनाएंगे।
टीम का लक्ष्य उज्बेकिस्तान की Compact Defence को तेज पासिंग और पोजिशनल मूवमेंट से तोड़ना होगा। साथ ही एल्दोर शोमुरोदोव को गेंद मिलने से रोकने के लिए हाई प्रेसिंग अपनाई जा सकती है। पुर्तगाल शुरुआती गोल कर मैच पर नियंत्रण चाहता है ताकि विपक्षी टीम को खुलकर खेलने के लिए मजबूर किया जा सके।
उज्बेकिस्तान की रणनीति
उज्बेकिस्तान को पता है कि पुर्तगाल के खिलाफ लंबे समय तक गेंद अपने पास रखना आसान नहीं होगा। ऐसे में टीम का पूरा फोकस मजबूत रक्षात्मक संगठन और अनुशासित खेल पर रहेगा।
मिडफील्ड में खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाकर ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा की रचनात्मकता को सीमित करने की कोशिश होगी। गेंद मिलते ही शोमुरोदोव, फैजुल्लायेव और माशारिपोव के जरिए तेज काउंटर अटैक शुरू किए जाएंगे। पुर्तगाल के फुल-बैक अक्सर आगे बढ़ते हैं, इसलिए उनके पीछे बनने वाली जगहों का फायदा उठाना भी योजना का हिस्सा हो सकता है। सेट-पीस और कॉर्नर किक उज्बेकिस्तान के लिए गोल करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकते हैं।
संभावित प्लेइंग 11
पुर्तगाल: डियोगो कोस्टा, जोआओ कैंसिलो, रुबेन डियास, इनासियो, नूनो मेंडेस, वितिन्हा, जोआओ नेवेस, ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा, राफाएल लियाओ, क्रिस्टियानो रोनाल्डो।
उज्बेकिस्तान: युसुपोव, खुसानोव, अशुरमातोव, नसरुल्लायेव, सायफियेव, हमरोबेकोव, शोदियेव, मशारिपोव, फैजुल्लायेव, उरुनोव, शोमुरोदोव।
मैच प्रेडिक्शन: कागज पर पुर्तगाल की टीम बेहतर नजर आ रही है। टीम यदि अपनी क्षमता के अनुरूप खेलती है तो 2-0 या 3-1 से एक आसान जीत दर्ज कर सकती है।
इंग्लैंड बनाम घाना
ग्रुप L का यह बड़ा मुकाबला इंग्लैंड और घाना के बीच खेला जाएगा। इंग्लैंड ने अपने पहले मैच में क्रोएशिया को 4-2 से हराकर शानदार शुरुआत की थी। वहीं घाना ने पनामा को 1-0 से हराकर महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए थे।
इंग्लैंड की सबसे बड़ी ताकत उसका आक्रमण है। हैरी केन, जूड बेलिंघम, मार्कस रैशफोर्ड और एंथनी गॉर्डन जैसे खिलाड़ी किसी भी रक्षा पंक्ति को परेशान कर सकते हैं।
हालांकि क्रोएशिया के खिलाफ मैच में इंग्लैंड की रक्षात्मक कमजोरियां भी सामने आई थीं। कोच थॉमस टुखेल ने मैच से पहले स्वीकार किया है कि टीम को डिफेंस में अधिक अनुशासित होने की जरूरत है।
इंग्लैंड की रणनीति
इंग्लैंड का लक्ष्य घाना के खिलाफ आक्रामक फुटबॉल खेलते हुए मैच की रफ्तार पर नियंत्रण बनाए रखना होगा। जूड बेलिंघम और डेक्लान राइस मिडफील्ड से खेल को नियंत्रित करेंगे, जबकि हैरी केन अंतिम तीसरे हिस्से में हमलों को अंजाम देने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
एंथनी गॉर्डन और नोनी मडुके जैसे तेज विंगर घाना की डिफेंस को फैलाने की कोशिश करेंगे। इंग्लैंड लगातार पजेशन रखते हुए मौके बनाना चाहेगा, लेकिन उसे मोहम्मद कुदुस और इनाकी विलियम्स की गति से भी सावधान रहना होगा। इसलिए टीम आक्रमण और रक्षा के बीच संतुलन बनाए रखने पर विशेष ध्यान दे सकती है।
घाना की रणनीति
घाना का खेल इंग्लैंड की तुलना में अधिक व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित रहने की उम्मीद है। टीम गहरी रक्षात्मक संरचना बनाकर इंग्लैंड के आक्रमण को रोकने की कोशिश करेगी और गेंद जीतते ही तेजी से जवाबी हमला करेगी।
मोहम्मद कुदुस, इनाकी विलियम्स और एंटोइन सेमेन्यो की रफ्तार घाना की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रहा है। टीम इंग्लैंड की डिफेंस पर सीधे हमले करने और ट्रांजिशन के दौरान मौके बनाने का प्रयास करेगी।
इसके अलावा सेट-पीस और हवाई गेंदों में अपनी शारीरिक क्षमता का फायदा उठाना भी रणनीति का हिस्सा रहेगा। यदि इंग्लैंड दबाव में गलती करता है तो घाना उसका लाभ उठाने को तैयार रहेगा।
संभावित प्लेइंग 11
इंग्लैंड: जॉर्डन पिकफोर्ड, रीस जेम्स, जॉन स्टोन्स, मार्क गुएही, निको ओ’राइली, डेक्लान राइस, इलियट एंडरसन, नोनी मडुके, जूड बेलिंघम, एंथनी गॉर्डन, हैरी केन।
घाना: अती-जिगी, सैमस्टेड, अमार्टे, जिकू, सालिसु, थॉमस पार्टे, अब्दुल समेद, मोहम्मद कुदुस, सेमेन्यो, इनाकी विलियम्स, कैलिब यिरेन्की।
मैच प्रेडिक्शन: घाना चुनौती पेश कर सकता है, लेकिन इंग्लैंड की आक्रमण क्षमता उसे बढ़त देती है। संभावित स्कोर 2-1 या 3-1।
पनामा बनाम क्रोएशिया
ग्रुप L में पनामा और क्रोएशिया दोनों अपना पहला मैच हार चुके हैं। ऐसे में यह मुकाबला दोनों ही टीमों के लिए करो या मरो जैसा है। हारने वाली टीम का नॉकआउट में पहुंचना बेहद मुश्किल हो जाएगा।
क्रोएशिया को इंग्लैंड के खिलाफ 2-4 से हार मिली थी, लेकिन मैच के कई हिस्सों में टीम ने अच्छा फुटबॉल खेला।
अनुभवी लुका मोड्रिच अभी भी टीम की धुरी बने हुए हैं। उनके अलावा आंद्रेज क्रामारिच, मार्टिन बातुरिना और पेटार मूसा जैसे खिलाड़ी टीम को आक्रामक धार देते हैं।
पनामा ने घाना के खिलाफ कड़ा संघर्ष किया था लेकिन अंतिम क्षणों में गोल खाकर उसे हार का सामना करना पड़ा था। टीम की ताकत उसका सामूहिक खेल और अनुशासित रक्षात्मक ढांचा है।
पनामा की रणनीति
इस मुकाबले में पनामा क्रोएशिया को खुलकर खेलने का मौका नहीं देना चाहेगा। टीम का मुख्य लक्ष्य मिडफील्ड को कॉम्पैक्ट रखना और लुका मोड्रिच तथा मातेओ कोवाचिच के प्रभाव को कम करना होगा।
रक्षात्मक अनुशासन के साथ खेलते हुए पनामा क्रोएशिया को पीछे की ओर धकेलने की कोशिश करेगा। गेंद मिलने पर टीम तेजी से जवाबी हमला करेगी, जिसमें बार्सेनास और फजार्डो की भूमिका अहम रहेगी।
पनामा मैच की गति को धीमा रखने और क्रोएशिया को अधीर बनाने की कोशिश करेगा। यदि मुकाबला लंबे समय तक बराबरी पर रहता है तो दबाव क्रोएशिया पर बढ़ सकता है।
क्रोएशिया की रणनीति
क्रोएशिया अपनी तकनीकी श्रेष्ठता और अनुभव का उपयोग कर मैच पर नियंत्रण स्थापित करना चाहेगा। टीम गेंद पर कब्जा बनाए रखते हुए पनामा की रक्षात्मक रेखा को तोड़ने का प्रयास करेगी।
मोड्रिच, कोवाचिच और बातुरिना के जरिए मिडफील्ड में लगातार पासिंग मूवमेंट देखने को मिल सकता है। पेरिसिच और क्रामारिच जैसे खिलाड़ी अंतिम तीसरे हिस्से में रचनात्मकता और गोल का खतरा पैदा करेंगे।
क्रोएशिया शुरुआती बढ़त हासिल करने की कोशिश करेगा ताकि पनामा को रक्षात्मक रणनीति छोड़कर आगे आना पड़े। इससे क्रोएशिया को हमलों के लिए और अधिक जगह मिल सकती है।
संभावित प्लेइंग 11
पनामा: मोस्केरा, ब्लैकमैन, कोर्डोबा, एंड्राडे, डेविस, हार्वे, कारास्क्विला, गोडोय, यानेल बार्सेनास, फजार्डो, रोड्रिगेज।
क्रोएशिया: लिवाकोविच, स्टानिसिच, शुतालो, ग्वार्डियोल, सोसा, मोड्रिच, कोवाचिच, बातुरिना, क्रामारिच, पेरिसिच, पेटार मूसा।
मैच प्रेडिक्शन: अनुभव और तकनीकी गुणवत्ता के आधार पर क्रोएशिया को बढ़त मिल सकती है। संभावित स्कोर 2-0।
कोलंबिया बनाम डीआर कांगो
आज के दिन के अंतिम मुकाबला ग्रुप K के कोलंबिया और डीआर कांगो के बीच खेला जाएगा। कोलंबिया ने पहले मैच में उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराया था और इस मैच में डीआर कांगो को हराकर नॉकआउट चरण का टिकट लगभग पक्का कर सकता है।
दूसरी तरफ डीआर कांगो ने सबको चौंकाते हुए पुर्तगाल को 1-1 पर रोका था। इसी प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि अफ्रीकी टीम को हल्के में लेना बड़ी गलती होगी।
कोलंबिया के कोच नेस्टर लोरेंजो ने मैच से पहले कहा है कि उनकी टीम को डीआर कांगो के तेज काउंटर अटैक से सावधान रहना होगा।
कोलंबिया की रणनीति
डीआर कांगो के खिलाफ कोलंबिया की मजबूत रक्षात्मक संरचना को तोड़ने के लिए चौड़ाई और तेज पासिंग का इस्तेमाल करेगा। लुइस डियाज की गति और ड्रिब्लिंग टीम के सबसे बड़े हथियार होंगे, जबकि जेम्स रोड्रिगेज हमलों को दिशा देंगे।
कोलंबिया लगातार गेंद पर नियंत्रण रखते हुए विपक्षी टीम को अपने आधे हिस्से में सीमित करना चाहेगा। हालांकि टीम को डीआर कांगो के जवाबी हमलों से भी सतर्क रहना होगा। इसलिए जेफरसन लेर्मा और रिचर्ड रियोस की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
शुरुआती बढ़त मिलने पर कोलंबिया मैच को अपनी शर्तों पर खेलने की स्थिति में पहुंच सकता है।
डीआर कांगो की रणनीति
डीआर कांगो इस मुकाबले में पुर्तगाल के खिलाफ अपनाई गई रणनीति को दोहराने की कोशिश कर सकता है। टीम गहरी रक्षात्मक लाइन बनाकर कोलंबिया को सीमित जगह देगी और उसे लगातार धैर्य की परीक्षा में डालेगी।
गेंद छीनने के बाद योआने विसा, बाकाम्बु और एलिया के जरिए तेज काउंटर अटैक शुरू किए जाएंगे। डीआर कांगो का लक्ष्य लुइस डियाज को खुली जगह मिलने से रोकना भी होगा।
यदि कोलंबिया ज्यादा खिलाड़ी आगे भेजता है तो अफ्रीकी टीम उसी खाली जगह का फायदा उठाने का प्रयास करेगी। सेट-पीस भी उसके लिए गोल करने का महत्वपूर्ण अवसर बन सकता है।
संभावित प्लेइंग 11
कोलंबिया: वर्गास, मुनोज, सांचेज, कुएस्ता, माचाडो, लेर्मा, रिचर्ड रियोस, जेम्स रोड्रिगेज, जॉन एरियास, लुइस डियाज, जॉन कॉर्डोबा।
डीआर कांगो: म्पासी, कयेम्बे, इनोंगा, चांसेल म्बेम्बा, मसुआकू, पिकल, मुतुस्सामी, काकूता, योआने विसा, बाकाम्बु, एलिया।
मैच प्रेडिक्शन: मुकाबला अपेक्षा से ज्यादा कड़ा हो सकता है, लेकिन कोलंबिया की आक्रामक गुणवत्ता उसे बढ़त दिला सकती है। संभावित स्कोर 2-1।
भारत में कितने बजे शुरू होंगे मुकाबले?
पुर्तगाल बनाम उज्बेकिस्तान – रात 10:30 बजे
इंग्लैंड बनाम घाना – रात 1:30 बजे (24 जून)
पनामा बनाम क्रोएशिया – सुबह 4:30 बजे (24 जून)
कोलंबिया बनाम डीआर कांगो – सुबह 7:30 बजे (24 जून)
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