Monday, 03 August 2026
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डॉ. राजकुमार शर्मा और डॉ. श्रुति ने बीजेपी महासचिव श्री तरुण चुघ से की मुलाकात, ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने पर हुई सार्थक चर्चा

आत्मनिर्भर भारत और विश्व गुरु भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु अनुसंधान, नवाचार और शिक्षा-उद्योग सहयोग पर हुआ विचार-विमर्श

नई दिल्ली, 13 अक्टूबर 2025:


भारत को “विकसित भारत” और “विश्व गुरु” बनाने की दिशा में अनुसंधान और नवाचार को सशक्त करने के उद्देश्य से पीपल फोरम ऑफ इंडिया – नेशनल भारत सेवक समाज के पंजाब अध्यक्ष डॉ. राजकुमार शर्मा और VA-RA वेंचर की प्रबंध निदेशक डॉ. श्रुति ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ से भेंट की।

इस भेंट का प्रमुख उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के विज़न को आगे बढ़ाने हेतु अनुसंधान, शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर चर्चा करना था।

अनुसंधान, कौशल और नवाचार को लेकर साझा दृष्टिकोण

बैठक में भारत के अनुसंधान ढांचे को सुदृढ़ बनाने और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि पीपल फोरम ऑफ इंडिया देशभर में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से युवा वर्ग को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा रहा है, जो विकसित भारत की नींव मजबूत करेगा।

VA-RA वेंचर की पहलों से बढ़ेगा शिक्षा-उद्योग सहयोग

डॉ. श्रुति ने बताया कि VA-RA वेंचर, जो एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका भी प्रकाशित करता है, शिक्षा जगत और उद्योग जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है।
उन्होंने स्टार्टअप्स और नवोदित शोधकर्ताओं को प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर बल दिया तथा कहा कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों तक अनुसंधान व तकनीकी नवाचार पहुँचाना ही सच्चे अर्थों में समावेशी विकास है।

श्री तरुण चुघ ने सराहा प्रयास, कहा—“युवाओं के सपनों को साकार करेगा यह सहयोग”

बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव श्री तरुण चुघ ने डॉ. शर्मा और डॉ. श्रुति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये पहलें प्रधानमंत्री मोदी जी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अहम भूमिका निभाएँगी।
उन्होंने कहा, “भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अनुसंधान, कौशल विकास और उद्यमिता के बीच समन्वय बेहद ज़रूरी है। सरकार, शिक्षण संस्थान और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें, तभी भारत ज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में विश्व गुरु बन सकेगा।”

अनुसंधान-उद्योग साझेदारी से खुलेगा नया अध्याय

इस बैठक ने यह स्पष्ट किया कि नीति-निर्माताओं और अनुसंधान विशेषज्ञों के बीच साझेदारी और संवाद का नया दौर शुरू हो चुका है।
राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से अब युवाओं, शोधकर्ताओं और उद्यमियों को न सिर्फ संसाधन मिल रहे हैं, बल्कि दिशा भी मिल रही है।


यह मुलाकात भारत के नवाचार, अनुसंधान और कौशल विकास के क्षेत्र में नई ऊर्जा भरने का प्रतीक है। जब शिक्षाविद, उद्योग और नीति निर्माता एक साथ आएँगे, तभी “विकसित भारत” का सपना 2047 से पहले भी साकार हो सकता है।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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