Thursday, 08 October 2026
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ईरान-अमेरिका शांति वार्ता को लेकर डॉ. के.ए. पॉल ने पीएम मोदी से भारत में पहल करने का आग्रह किया

बोले- वैश्विक विश्वसनीयता, कूटनीतिक संतुलन और प्रधानमंत्री मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि भारत को बनाती है सबसे उपयुक्त मध्यस्थ

नई दिल्ली, 16 मई 2026:

अंतरराष्ट्रीय शांति दूत और ग्लोबल पीस प्रेसिडेंट डॉ. के.ए. पॉल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि भारत को ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति संवाद की मेजबानी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भारत अपनी विश्वसनीयता, संतुलित विदेश नीति और मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों की वजह से इस भूमिका के लिए सबसे बेहतर देश है।

डॉ. पॉल ने कहा कि ईरान को लेकर चल रही मौजूदा कूटनीतिक कोशिशें कमजोर पड़ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के जरिए पहले हुई शांति पहल सफल नहीं रही और अब इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय बातचीत मुश्किल दौर से गुजर रही है।

अमेरिका में रिपब्लिकन नेताओं से मुलाकात के बाद डॉ. पॉल ने कहा कि अमेरिकी राजनीतिक हलकों में भी भारत की भूमिका को लेकर समर्थन बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी मुलाकात अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन और अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम तथा टेड क्रूज़ से हुई।

डॉ. पॉल ने कहा, “भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र। दोनों देशों को मिलकर दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए काम करना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया भर में एक अनुभवी और प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है। भारत के ईरान और इज़राइल दोनों देशों के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए भारत शांति संवाद के लिए सही मंच साबित हो सकता है।

डॉ. पॉल के मुताबिक, वॉशिंगटन में हुई बैठकों में भारत की संभावित भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दुनिया अब ऐसे नेतृत्व की तलाश में है जो देशों को बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान के लिए एक साथ ला सके।

उन्होंने कहा, “पिछले कई महीनों से गाजा संकट, लेबनान में तनाव और पूरे मध्य-पूर्व की स्थिति को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। ऐसे समय में भरोसेमंद नेतृत्व की जरूरत है।”

डॉ. पॉल ने भारतीय राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और मीडिया से भी अपील की कि वे भारत की सक्रिय वैश्विक शांति भूमिका का समर्थन करें।

उन्होंने कहा, “भारत एक गुटनिरपेक्ष देश है और दुनिया के अलग-अलग क्षेत्रों में उसकी विश्वसनीयता बनी हुई है। आज बहुत कम देशों के पास भारत जैसा भरोसा और सम्मान है।”

डॉ. पॉल ने बताया कि उनकी आने वाली ग्लोबल पीस रैलियां और आर्थिक सम्मेलन अमेरिका समेत कई देशों में आयोजित किए जाएंगे, जिनका फोकस शांति, आर्थिक सहयोग, मानवीय सहायता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर रहेगा।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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