ग्लैमर नहीं, जुनून के लिए चुनें करियर: शोभित सुजय का मीडिया छात्रों को संदेश

बैदा अभिनेता और पूर्व पत्रकार ने मुंबई के मीडिया छात्रों संग संवाद में साझा किए करियर से जुड़े अनुभव, कहा—‘क्यों’ का जवाब जानना सबसे जरूरी

साइ-फाई सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म बैदा की सफलता के बाद अभिनेता और पूर्व पत्रकार शोभित सुजय युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। फिल्म में ‘गोलू’ की भूमिका निभाकर उन्होंने न केवल दर्शकों बल्कि समीक्षकों का भी दिल जीत लिया है। हाल ही में उन्होंने मुंबई के स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग एंड कम्युनिकेशन में मीडिया छात्रों से संवाद किया। यह सत्र छात्रों की करियर से जुड़ी दुविधाओं को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

“सिर्फ ग्लैमर के लिए नहीं, सोच-समझकर चुनें करियर”

करियर चयन पर बात करते हुए शोभित सुजय ने कहा, “जैसे हम कार खरीदते समय केवल उसका ईंधन टाइप नहीं देखते, वैसे ही करियर का फैसला सिर्फ एक कारण पर आधारित नहीं होना चाहिए। खासकर, ग्लैमर के आकर्षण में आकर करियर चुनना खतरनाक हो सकता है। सबसे जरूरी है यह समझना कि आप कोई पेशा क्यों अपना रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि मास कम्युनिकेशन, मीडिया, फिल्म या पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में प्रवेश करने से पहले यह सोचना बेहद जरूरी है कि आपके भीतर इसके प्रति सच्चा जुनून है या नहीं। “आज जब मैं अभिनय के अपने सपने को जी रहा हूँ, तो मैं युवाओं का दोस्त भी बनना चाहता हूँ जो अपने करियर को लेकर उलझन में हैं,” उन्होंने जोड़ा।

संस्थान ने सराहा अनुभव साझा करने का प्रयास

संस्थान की अकादमिक प्रमुख आस्था पुरी ने शोभित की बातों का समर्थन करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों को किताबों से आगे ले जाकर व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है। इस तरह के संवाद छात्रों को अपने सवालों के स्पष्ट और व्यावहारिक जवाब देने का मंच प्रदान करते हैं। हम शोभित जी का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने समय निकालकर हमारे छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए।”

छात्रों के सवाल: सपनों से लेकर पेशे तक

इस सत्र में छात्रों ने अपने भविष्य, करियर और निजी आकांक्षाओं से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कुछ ने ग्लैमर, पैसा और शोहरत के चलते फिल्म या मीडिया क्षेत्र में आने की बात कही, जबकि कुछ ने फैशन पीआर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में करियर विकल्पों को लेकर जिज्ञासा दिखाई।

एक सवाल के जवाब में शोभित ने साफ किया, “यदि आप किसी इंडस्ट्री में केवल उसकी चमक-दमक के कारण आते हैं, तो जल्दी ही निराशा हाथ लगेगी। जब तक आप सच्चे दिल से अभिनय से प्यार नहीं करते, आप ऑडिशन की लंबी लाइनों में खड़े होने को सहन नहीं कर पाएंगे। पत्रकारिता में भी अगर आप सिर्फ कैमरे के लिए आए हैं, तो पर्दे के पीछे की मेहनत आपको बोझ लगेगी।”

एक्टर बनने से पहले दो दशकों तक रहे पत्रकार

गौरतलब है कि शोभित सुजय ने बैदा फिल्म से बतौर अभिनेता और सह-निर्देशक बॉलीवुड में डेब्यू किया। इससे पहले वे चायपत्ती, चिंता मणि और डिटेक्टिव बूमराह जैसे ओटीटी व यूट्यूब प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ चुके हैं। अभिनय में आने से पहले उन्होंने लगभग बीस वर्षों तक देश के प्रमुख न्यूज़रूम में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया।

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