Tuesday, 23 June 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर सिक्का चैरिटेबल ट्रस्ट का गुरु का लंगर, सेवा और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश Lucknow Fire: लखनऊ के एनीमेशन सेंटर में आग लगने से 14 छात्रों की मौत, छात्रों ने जान बचाने के लिए लगाई छलांग 36 Years of Ghayal: वह फिल्म जिसने सनी देओल को सुपरस्टार से ‘जनता का हीरो’ बनाने वाली फिल्म, जानिए घायल से जुड़े कई अनसुने किस्से Bharat Tiwari Encounter: सिस्टम से लड़ने वाला नायक या कानून को चुनौती देने वाला युवक? जानिए भरत तिवारी की कहानी क्या स्टेबलकॉइन्स बढ़ाएंगे डॉलर का दबदबा? जानिए वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव FIFA World Cup 2026: आज मेसी, एम्बाप्पे और हालैंड पर होगी दुनिया की नजरें! फीफा विश्व कप 2026 में आज चार बड़े मुकाबले ENG vs NZ 2ND Test: 14 हजारी बने जो रूट, क्या अगले टेस्ट मैच में टूटेगा सचिन का बड़ा रिकॉर्ड? इंदिरा आईवीएफ ने व्हाइटफील्ड में शुरू किया पूर्ण विकसित फर्टिलिटी हॉस्पिटल, उन्नत उपचार सेवाएं होंगी उपलब्ध गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस पर सिक्का चैरिटेबल ट्रस्ट का गुरु का लंगर, सेवा और सामाजिक सद्भाव का दिया संदेश Lucknow Fire: लखनऊ के एनीमेशन सेंटर में आग लगने से 14 छात्रों की मौत, छात्रों ने जान बचाने के लिए लगाई छलांग 36 Years of Ghayal: वह फिल्म जिसने सनी देओल को सुपरस्टार से ‘जनता का हीरो’ बनाने वाली फिल्म, जानिए घायल से जुड़े कई अनसुने किस्से Bharat Tiwari Encounter: सिस्टम से लड़ने वाला नायक या कानून को चुनौती देने वाला युवक? जानिए भरत तिवारी की कहानी क्या स्टेबलकॉइन्स बढ़ाएंगे डॉलर का दबदबा? जानिए वैश्विक अर्थव्यवस्था पर संभावित प्रभाव FIFA World Cup 2026: आज मेसी, एम्बाप्पे और हालैंड पर होगी दुनिया की नजरें! फीफा विश्व कप 2026 में आज चार बड़े मुकाबले ENG vs NZ 2ND Test: 14 हजारी बने जो रूट, क्या अगले टेस्ट मैच में टूटेगा सचिन का बड़ा रिकॉर्ड? इंदिरा आईवीएफ ने व्हाइटफील्ड में शुरू किया पूर्ण विकसित फर्टिलिटी हॉस्पिटल, उन्नत उपचार सेवाएं होंगी उपलब्ध

ग्लैमर नहीं, जुनून के लिए चुनें करियर: शोभित सुजय का मीडिया छात्रों को संदेश

बैदा अभिनेता और पूर्व पत्रकार ने मुंबई के मीडिया छात्रों संग संवाद में साझा किए करियर से जुड़े अनुभव, कहा—‘क्यों’ का जवाब जानना सबसे जरूरी

साइ-फाई सुपरनैचुरल थ्रिलर फिल्म बैदा की सफलता के बाद अभिनेता और पूर्व पत्रकार शोभित सुजय युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। फिल्म में ‘गोलू’ की भूमिका निभाकर उन्होंने न केवल दर्शकों बल्कि समीक्षकों का भी दिल जीत लिया है। हाल ही में उन्होंने मुंबई के स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग एंड कम्युनिकेशन में मीडिया छात्रों से संवाद किया। यह सत्र छात्रों की करियर से जुड़ी दुविधाओं को दूर करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।

“सिर्फ ग्लैमर के लिए नहीं, सोच-समझकर चुनें करियर”

करियर चयन पर बात करते हुए शोभित सुजय ने कहा, “जैसे हम कार खरीदते समय केवल उसका ईंधन टाइप नहीं देखते, वैसे ही करियर का फैसला सिर्फ एक कारण पर आधारित नहीं होना चाहिए। खासकर, ग्लैमर के आकर्षण में आकर करियर चुनना खतरनाक हो सकता है। सबसे जरूरी है यह समझना कि आप कोई पेशा क्यों अपना रहे हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि मास कम्युनिकेशन, मीडिया, फिल्म या पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में प्रवेश करने से पहले यह सोचना बेहद जरूरी है कि आपके भीतर इसके प्रति सच्चा जुनून है या नहीं। “आज जब मैं अभिनय के अपने सपने को जी रहा हूँ, तो मैं युवाओं का दोस्त भी बनना चाहता हूँ जो अपने करियर को लेकर उलझन में हैं,” उन्होंने जोड़ा।

संस्थान ने सराहा अनुभव साझा करने का प्रयास

संस्थान की अकादमिक प्रमुख आस्था पुरी ने शोभित की बातों का समर्थन करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों को किताबों से आगे ले जाकर व्यावहारिक अनुभवों से जोड़ना है। इस तरह के संवाद छात्रों को अपने सवालों के स्पष्ट और व्यावहारिक जवाब देने का मंच प्रदान करते हैं। हम शोभित जी का आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने समय निकालकर हमारे छात्रों के साथ अपने अनुभव साझा किए।”

छात्रों के सवाल: सपनों से लेकर पेशे तक

इस सत्र में छात्रों ने अपने भविष्य, करियर और निजी आकांक्षाओं से जुड़े अनेक सवाल पूछे। कुछ ने ग्लैमर, पैसा और शोहरत के चलते फिल्म या मीडिया क्षेत्र में आने की बात कही, जबकि कुछ ने फैशन पीआर जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में करियर विकल्पों को लेकर जिज्ञासा दिखाई।

एक सवाल के जवाब में शोभित ने साफ किया, “यदि आप किसी इंडस्ट्री में केवल उसकी चमक-दमक के कारण आते हैं, तो जल्दी ही निराशा हाथ लगेगी। जब तक आप सच्चे दिल से अभिनय से प्यार नहीं करते, आप ऑडिशन की लंबी लाइनों में खड़े होने को सहन नहीं कर पाएंगे। पत्रकारिता में भी अगर आप सिर्फ कैमरे के लिए आए हैं, तो पर्दे के पीछे की मेहनत आपको बोझ लगेगी।”

एक्टर बनने से पहले दो दशकों तक रहे पत्रकार

गौरतलब है कि शोभित सुजय ने बैदा फिल्म से बतौर अभिनेता और सह-निर्देशक बॉलीवुड में डेब्यू किया। इससे पहले वे चायपत्ती, चिंता मणि और डिटेक्टिव बूमराह जैसे ओटीटी व यूट्यूब प्रोजेक्ट्स से भी जुड़ चुके हैं। अभिनय में आने से पहले उन्होंने लगभग बीस वर्षों तक देश के प्रमुख न्यूज़रूम में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्य किया।

ये भी पढ़ें :- भारत की मिसाइलों के सामने पस्त पाक रक्षा तंत्र: पाकिस्तानी नागरिक ने ही खोल दी सेना की पोल

शेयर करें: Facebook X WhatsApp

Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version