एशिया की संपत्ति रैंकिंग की सूची में एक बड़ा फेरबदल करते हुए TikTok के मालिक झांग यिमिंग ने भारतीय उद्येगपति मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ दिया है। जानें मुकेश अंबानी के झांग यिमिंग से पिछड़ने की असली वजह।
एशिया के अरबपतियों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चीन की टेक कंपनी ByteDance के सह-संस्थापक झांग यिमिंग भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। वैश्विक संपत्ति रैंकिंग में आए इस बदलाव ने एक बार फिर दिखाया है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियां दुनिया के सबसे बड़े धन सृजन केंद्र बनती जा रही हैं।
Bloomberg Billionaires Index (BBI) के अनुसार झांग यिमिंग की कुल संपत्ति लगभग 92.8 अरब डॉलर (करीब 8,886 करोड़ रुपये) तक पहुंच गई है। इसके साथ ही वह चीन के सबसे अमीर व्यक्ति भी बन गए हैं। वहीं Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस सूची में उनसे नीचे आ गए हैं। यह बदलाव केवल दो अरबपतियों की रैंकिंग का मामला नहीं है, बल्कि यह एशिया में बदलते आर्थिक समीकरणों और तकनीकी कंपनियों के बढ़ते प्रभाव की कहानी भी बताता है।
कौन हैं झांग यिमिंग?
झांग यिमिंग का नाम दुनिया के सबसे प्रभावशाली टेक उद्यमियों में गिना जाता है। उन्होंने साल 2012 में ByteDance की स्थापना की थी, जो आज TikTok और Douyin जैसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्म की मूल कंपनी है। 1 अप्रैल, 1983 में चीन के फ़ुजियान प्रांत में जन्मे झांग ने शुरुआती करियर में कई तकनीकी कंपनियों में काम किया। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और इंटरनेट प्रोडक्ट डेवलपमेंट में उनकी गहरी रुचि थी। आगे चलकर उन्होंने महसूस किया कि इंटरनेट आधारित कंटेंट वितरण का भविष्य एल्गोरिदम और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में छिपा है। इसी सोच के साथ उन्होंने ByteDance की शुरुआत की, जिसने कुछ ही वर्षों में दुनिया की सबसे मूल्यवान निजी टेक कंपनियों में जगह बना ली।

झांग यिमिंग की संपत्ति में सबसे बड़ा योगदान TikTok (2016) की सफलता को माना जाता है। TikTok ने शॉर्ट वीडियो सामग्री को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बना दिया। अमेरिका से लेकर यूरोप, एशिया और लैटिन अमेरिका तक करोड़ों लोग इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।
TikTok ने बदल दी किस्मत
विश्लेषकों का मानना है कि TikTok की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और विज्ञापन कारोबार ने ByteDance की वैल्यूएशन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यही वजह है कि झांग यिमिंग की व्यक्तिगत संपत्ति में भी तेजी से वृद्धि हुई है। हालांकि, 29 जून 2020 को भारत और चीन के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनावऔर राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए भारत सरकार ने TikTok समेत 58 चीनी ऐप्स पर प्रतिवंध लगा दिया था।

AI ने भी बढ़ाई दौलत
आपको बता दें कि, झांग यिमिंग की बढ़ती संपत्ति का कारण केवल TikTok नहीं है। ByteDance की AI रणनीति भी उनकी इस सफलता का बड़ा कारण मानी जा रही है। कंपनी का AI चैटबॉट “Doubao” चीन में तेजी से लोकप्रिय हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार यह चीन के सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले AI चैटबॉट्स में शामिल है और जिसके करोड़ों मासिक उपयोगकर्ता हैं। दुनिया भर में AI को लेकर बढ़ रहे निवेश और उत्साह का लाभ ByteDance को भी मिला है। निवेशकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI कंपनी के राजस्व और बाजार मूल्य को और बढ़ा सकता है।
सात साल में सात गुना से अधिक बढ़ी संपत्ति
ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में झांग यिमिंग की कुल संपत्ति लगभग 13 अरब डॉलर (लगभग 1,244 करोड़ रुपये) के आसपास थी। अगले सात सालों में उनकी संपत्ति सात गुना से अधिक बढ़कर 92 अरब डॉलर (लगभग 8,886 करोड़ रुपये) से ऊपर पहुंच गई। यह वृद्धि आधुनिक टेक उद्योग में सबसे तेज संपत्ति विस्तारों में से एक मानी जा रही है।
मुकेश अंबानी क्यों पिछड़े?
मुकेश अंबानी लंबे समय तक एशिया के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल रहे हैं। Reliance Industries के ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और टेलीकॉम कारोबार ने उन्हें वैश्विक अरबपतियों की सूची में शीर्ष स्थानों तक पहुंचाया। हालांकि पिछले कुछ समय में टेक्नोलॉजी कंपनियों की तुलना में पारंपरिक उद्योगों की वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों का भी असर पड़ा है। यही कारण है कि झांग यिमिंग की तेजी से बढ़ती संपत्ति ने उन्हें अंबानी से आगे निकलने का अवसर दिया।

कौन है एशिया में नंबर 1?
फोर्ब्स की तरफ से जारी रियल-टाइम अरबपतियों की सूची में भारत के उद्योगपति गौतम अडानी अब भी पहले स्थान पर बने हुए हैं। उनकी कुल संपत्ति 115 अरब डॉलर (लगभग 11,008 करोड़ रुपये) बताई गई है। अडानी समूह ऊर्जा, बंदरगाह, सीमेंट, हवाई अड्डे, लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कई क्षेत्रों में कारोबार करता है। वहीं दूसरे नंबर पर झांग यिमिंग और तीसरे पर मुकेश अंबानी आ चुके हैं।

एशिया के सबसे अमीर लोगों की बदलती तस्वीर
कुछ वर्षों पहले तक एशिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में मुख्य रूप से ऊर्जा, रियल एस्टेट, विनिर्माण और बुनियादी ढांचे से जुड़े उद्योगपति दिखाई देते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े उद्यमी तेजी से शीर्ष स्थानों पर पहुंच रहे हैं। एशिया के पांच सबसे अमीर लोगों में जापान के तदाशी यानाई (71.3 अरब डॉलर) और मसायोशी सोन (69.2 अरब डॉलर) चौथे और पांचवे स्थान पर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था में लगातार हो रहे बदलाव से आने वाले दशक में एशिया की संपत्ति संरचना में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
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