Thursday, 17 September 2026
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दिशा सालियान केस: आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ की मानहानि नोटिस, 7 दिन में माफी की मांग

मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या माना गया था और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल हुई थी। अब हाई कोर्ट के आदेश पर CBI उपलब्ध साक्ष्यों और मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच कर रही है।

मुंबई: दिशा सालियान की मौत से जुड़ा मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे और महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ की मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों नेताओं के बयानों को लेकर आपत्ति जताई गई है और आरोप लगाया गया है कि उनकी बेटी की मौत की जांच की मांग को राजनीतिक रंग देकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई।

सतीश सालियान ने नोटिस के जरिए दोनों नेताओं से सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगने और ₹500 करोड़ का हर्जाना देने की मांग की है। इसके लिए सात दिन की समयसीमा तय की गई है। नोटिस में माफी को प्रमुख प्रिंट, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित या प्रसारित करने की मांग भी शामिल है।

मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) दिशा सालियान की जून 2020 में हुई मौत की दोबारा जांच कर रहा है। अदालत ने 2 सितंबर 2026 को सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने, सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने का निर्देश दिया था।

किस बात को लेकर भेजी गई मानहानि नोटिस?

सतीश सालियान की ओर से भेजी गई नोटिस में आदित्य ठाकरे के कुछ बयानों पर आपत्ति दर्ज की गई है। नोटिस के मुताबिक, ठाकरे ने दिशा की मौत की नए सिरे से जांच की मांग को राजनीतिक उद्देश्य से जुड़ा बताया था। सतीश सालियान का आरोप है कि ऐसे बयानों से उनकी न्याय की लड़ाई और उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा प्रभावित हुई।

नोटिस में यह भी दावा किया गया है कि आदित्य ठाकरे की ओर से यह कहा गया था कि दिशा सालियान मामले की सीबीआई पहले ही जांच कर चुकी है और उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है। सतीश सालियान ने इस दावे को गलत बताते हुए इसे मानहानिकारक करार दिया है।

नोटिस में अनिल देशमुख के एक पुराने बयान का भी जिक्र है। इसमें दावा किया गया है कि 23 मार्च 2025 को देशमुख ने दिशा सालियान मामले को आदित्य ठाकरे को बदनाम करने की कथित कोशिश बताया था। सतीश सालियान का कहना है कि इस तरह के बयानों से उनकी बेटी की मौत की जांच को लेकर उनकी भूमिका को गलत तरीके से पेश किया गया। नोटिस के अनुसार, दोनों नेताओं से लिखित और सार्वजनिक माफी की मांग की गई है। इसके अलावा प्रमुख समाचार माध्यमों में माफी प्रकाशित या प्रसारित करने तथा दोनों के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर तीन मिनट का वीडियो माफीनामा जारी करने की मांग भी की गई है।

आदित्य ठाकरे का क्या कहना है?

मानहानि नोटिस सामने आने से पहले आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दिशा सालियान मामले में अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि वह दिशा सालियान से कभी नहीं मिले और उन्हें व्यक्तिगत रूप से जानते भी नहीं थे।

ठाकरे ने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को राजनीतिक और व्यक्तिगत मकसद से जोड़ते हुए कहा था कि मामले की जांच को बिना राजनीतिक हस्तक्षेप के आगे बढ़ने देना चाहिए।

यह बयान उस समय आया, जब दिशा सालियान की मौत से संबंधित सीबीआई की प्राथमिकी में आदित्य ठाकरे का नाम जांच के दायरे में आने वाले लोगों में बताया गया। हालांकि, किसी प्राथमिकी में नाम दर्ज होना दोष साबित होने के समान नहीं है। जांच एजेंसी को उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की वास्तविक परिस्थितियों की जांच करनी है।

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8 जून 2020 को क्या हुआ था?

दिशा सालियान की 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद मुंबई पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी ADR दर्ज की थी।

इसके छह दिन बाद, 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई स्थित आवास पर मृत पाए गए। दोनों घटनाओं के बीच कम समय का अंतर होने के कारण सोशल मीडिया और सार्वजनिक चर्चा में दोनों मामलों को एक-दूसरे से जोड़कर कई तरह के दावे किए गए।

मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में दिशा सालियान की मौत को आत्महत्या माना गया था। पुलिस ने बाद में अदालत को बताया था कि जांच पूरी होने के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई थी, जिसे फरवरी 2021 में संबंधित मजिस्ट्रेट ने स्वीकार कर लिया था।

पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच में यौन उत्पीड़न या शारीरिक हमले के संकेत नहीं मिले थे। हालांकि, दिशा के पिता ने पुलिस के निष्कर्षों पर असहमति जताई और बाद में मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया।

पिता ने क्यों उठाए पुलिस जांच पर सवाल?

सतीश सालियान ने अपनी बेटी की मौत की परिस्थितियों को लेकर संदेह जताते हुए अदालत में याचिका दायर की थी। उन्होंने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और नए सिरे से जांच कराने की मांग की थी।

उनकी याचिका में कई लोगों की भूमिका की जांच की मांग की गई थी। याचिका के दौरान कथित तौर पर बलात्कार और हत्या की आशंका तथा प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच प्रभावित किए जाने जैसे आरोप भी उठाए गए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है और इन्हीं पहलुओं की जांच अब सीबीआई कर रही है।

सतीश सालियान का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को जन्म देना नहीं, बल्कि अपनी बेटी की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना है। हाई कोर्ट से सीबीआई जांच का आदेश मिलने के बाद उन्होंने उम्मीद जताई थी कि मामले की निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आएगी।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI जांच

बॉम्बे हाई कोर्ट ने 2 सितंबर 2026 को दिशा सालियान की मौत से जुड़े मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने और सतीश सालियान का बयान रिकॉर्ड करने को कहा। साथ ही मुंबई पुलिस को मामले से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड जांच एजेंसी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

सुनवाई के दौरान पुरानी जांच से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठाए गए। इनमें घटनास्थल का पंचनामा कई घंटे बाद तैयार किए जाने, घटना से पहले पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी, एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट से जुड़ी कथित विसंगतियां और दिशा के मोबाइल फोन तथा लैपटॉप को कब्जे में लेने में हुई कथित देरी जैसे मुद्दे शामिल थे।

हालांकि, इन सवालों को अदालत ने अपराध साबित करने वाले तथ्य के रूप में पेश नहीं किया। कोर्ट का रुख यह था कि इन परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की जरूरत है ताकि यह पता चल सके कि शुरुआती जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट तो नहीं गया।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सीबीआई की जांच में कोई संज्ञेय अपराध सामने नहीं आता है, तो एजेंसी संबंधित अदालत के समक्ष क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर सकती है।

CBI की FIR में किन लोगों का नाम?

सीबीआई की ओर से प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद सामने आई रिपोर्टों में कहा गया कि आदित्य ठाकरे के अलावा अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कुछ अन्य लोगों के नाम भी जांच के दायरे में हैं।

इसके साथ ही दिशा के पोस्टमार्टम से जुड़े कथित विलंब और उस प्रक्रिया से संबंधित डॉक्टरों तथा कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच किए जाने की बात सामने आई है।

यहां यह समझना जरूरी है कि जांच के दायरे में किसी व्यक्ति का नाम आने का अर्थ यह नहीं है कि जांच एजेंसी ने उसे दोषी मान लिया है। सीबीआई को अब इन सभी पहलुओं की जांच कर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय करनी होगी।

शुरुआती पुलिस जांच और नई जांच में अंतर

दिशा सालियान मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल शुरुआती पुलिस जांच और अब हो रही सीबीआई जांच के बीच का अंतर है।

मुंबई पुलिस ने अपनी जांच के आधार पर दिशा की मौत को आत्महत्या माना था और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी। पुलिस का कहना था कि उपलब्ध पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक साक्ष्यों से किसी आपराधिक साजिश की पुष्टि नहीं हुई थी।

इसके विपरीत, सतीश सालियान ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए मौत की परिस्थितियों की स्वतंत्र जांच की मांग की। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई पुराने रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, फोरेंसिक सामग्री और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की दोबारा पड़ताल कर रही है।

इस जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्या शुरुआती जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट गया था या उपलब्ध साक्ष्य पुराने निष्कर्षों को ही समर्थन देते हैं।

सुशांत सिंह राजपूत की मौत से क्यों जोड़ा जाता रहा मामला?

दिशा सालियान कुछ समय तक अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रही थीं। 8 जून 2020 को दिशा की मौत हुई और इसके छह दिन बाद 14 जून को सुशांत सिंह राजपूत की मौत हो गई।

समय के इस अंतर के कारण दोनों घटनाओं को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक चर्चा होती रही है। सोशल मीडिया पर दोनों मामलों के बीच संबंध होने के कई दावे भी सामने आए। हालांकि, मुंबई पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों मौतों के बीच आपराधिक संबंध स्थापित करने वाला कोई सबूत मिलने की बात नहीं कही गई थी।

अब सीबीआई की जांच में यह देखा जाना है कि दिशा की मौत से जुड़े आरोपों में कोई आपराधिक आधार मौजूद है या नहीं। इसके लिए छह साल पुराने मेडिकल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक सामग्री, डिजिटल उपकरणों से जुड़ी जानकारी, घटनास्थल के रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान अहम हो सकते हैं।

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MD Faijan

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लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

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