Monday, 03 August 2026
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प्रेस क्लबों का राष्ट्रीय मंच तैयार, फेडरेशन ऑफ प्रेस क्लब्स से पत्रकारों के हितों और प्रेस स्वतंत्रता को मिलेगा बल

देश के आठ अग्रणी प्रेस क्लब एक मंच पर आए हैं और उन्होंने प्रेस स्वतंत्रता तथा पत्रकारों के हितों को सशक्त बनाने के लिए एक गैर-राजनीतिक राष्ट्रीय संगठन की स्थापना की है।

नई दिल्ली: पत्रकारों के हितों की रक्षा और देशभर के प्रेस क्लबों को एकजुट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आठ प्रमुख प्रेस क्लबों ने फेडरेशन ऑफ प्रेस क्लब्स (एफपीसी) का गठन किया है। यह गैर-राजनीतिक राष्ट्रीय संस्था सोसाइटीज़ रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत है और इसकी पहली गवर्निंग काउंसिल की बैठक 22 जून 2026 को प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संपन्न हुई।

फेडरेशन का उद्देश्य देशभर के प्रेस क्लबों, मीडिया संगठनों और पत्रकारों को एक साझा मंच पर लाना, प्रेस की स्वतंत्रता को मजबूत करना, पत्रकारों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा करना तथा तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य में पेशेवर सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।

एफपीसी के संस्थापक सदस्यों में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, मुंबई प्रेस क्लब, प्रेस क्लब कोलकाता, प्रेस क्लब हैदराबाद, चंडीगढ़ प्रेस क्लब, स्टेट प्रेस क्लब मध्य प्रदेश, गुवाहाटी प्रेस क्लब और अगरतला प्रेस क्लब शामिल हैं। संगठन का संचालन 10 सदस्यीय गवर्निंग काउंसिल द्वारा किया जाएगा।

अपने शुरुआती निर्णयों में गवर्निंग काउंसिल ने देशभर के अन्य पात्र प्रेस क्लबों और मीडिया संगठनों के लिए सदस्यता प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है, जिससे भविष्य में यह मंच और व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित कर सके।

एफपीसी के संस्थापक अध्यक्ष एवं प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष गौतम लाहिड़ी ने कहा कि यह पहल वर्ष 2016 में शुरू हुई उस सोच का परिणाम है, जिसके केंद्र में देशभर के प्रेस क्लबों की सामूहिक शक्ति को एक मंच पर लाने का विचार था।

उन्होंने कहा, “यह एक गैर-राजनीतिक संस्था है, जो पत्रकारिता पेशे के हित में कार्य करेगी और पत्रकारों के लिए एक मजबूत सहयोगी तंत्र विकसित करेगी। पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन पत्रकारिता के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।”

एफपीसी के उपाध्यक्ष और प्रेस क्लब कोलकाता के अध्यक्ष स्नेहाशीष सुर ने कहा कि आज मीडिया जगत अभूतपूर्व बदलावों के दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध सभी संस्थाओं को मिलकर उभरती चुनौतियों का सामना करना होगा।

वहीं, एफपीसी के उपाध्यक्ष एवं प्रेस क्लब हैदराबाद के अध्यक्ष विजय रेड्डी ने कहा कि छोटे शहरों और जिला स्तर पर कार्यरत पत्रकार अक्सर सीमित संसाधनों के बीच काम करते हैं। ऐसे में फेडरेशन उन्हें बेहतर संसाधनों, नेटवर्क और सहयोग से जोड़ने का प्रयास करेगा।

मुंबई प्रेस क्लब के अध्यक्ष और एफपीसी के उपाध्यक्ष समर खदास ने कहा कि संगठन की विश्वसनीयता उसकी पारदर्शिता और निष्पक्षता में निहित है। उन्होंने कहा, “हमें एक पारदर्शी, जवाबदेह और गैर-राजनीतिक संस्था के रूप में कार्य करते हुए नैतिक पत्रकारिता को बढ़ावा देना होगा।”

एफपीसी के महासचिव और चंडीगढ़ प्रेस क्लब के अध्यक्ष सौरभ दुग्गल ने कहा कि फेडरेशन की संरचना इस प्रकार तैयार की गई है कि देश के सभी क्षेत्रों को समान प्रतिनिधित्व मिले और यह वास्तव में पूरे देश के पत्रकारों की सामूहिक आवाज बन सके।

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की अध्यक्ष और एफपीसी की सहायक महासचिव संगीता बरुआ पिशारोटी ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा और उसके विस्तार के लिए विभिन्न हितधारकों का एकजुट होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि एफपीसी वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाते हुए प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों को और मजबूत करेगा।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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