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ऊर्जा, स्वास्थ्य और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर को मजबूती देने वाला केंद्रीय बजट 2026–27, उद्योग जगत की सराहना

आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती देने वाला बजट 2026–27, उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया

10 फरवरी 2025, नई दिल्ली:

केंद्रीय बजट 2026–27 को देश के विभिन्न उद्योग क्षेत्रों से सकारात्मक और व्यापक प्रतिक्रिया मिली है। उद्योग जगत का मानना है कि यह बजट भारत की आर्थिक मजबूती को सुदृढ़ करने, घरेलू विनिर्माण को नई गति देने और ऊर्जा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी ढांचे में दीर्घकालिक क्षमता निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण को प्रोत्साहन देने वाली घोषणाओं, स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए स्पष्ट प्राथमिकताओं और पूंजीगत व्यय में उल्लेखनीय वृद्धि के साथ यह बजट आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के विजन के अनुरूप एक दूरदर्शी नीति संकेत प्रस्तुत करता है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, बजट न केवल मौजूदा आर्थिक आवश्यकताओं को संबोधित करता है, बल्कि भविष्य की राष्ट्रीय और वैश्विक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए विकास की मजबूत नींव भी रखता है।

बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एनएसईएफआई के सीईओ श्री सुब्रह्मण्यम पुलिपाका ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता पर दिया गया जोर अत्यंत महत्वपूर्ण है। सोलर ग्लास के लिए सोडियम एंटिमोनेट पर शुल्क छूट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) के लिए प्रोत्साहनों की निरंतरता से घरेलू विनिर्माण को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही पीएफसी और आरईसी के पुनर्गठन तथा पीएम सूर्य घर योजना के लिए ₹22,000 करोड़ के प्रावधान से सौर ऊर्जा के प्रसार और घरेलू स्तर पर इसके उपयोग को नई गति मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी घोषणाओं का स्वागत करते हुए दिल्ली स्थित डॉ. एमएल अग्रवाल इमेजिंग सेंटर के निदेशक और वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राघव अग्रवाल ने कहा कि यह बजट स्वास्थ्य को एक रणनीतिक क्षेत्र के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने बताया कि बायोफार्मा, कैंसर देखभाल, मानसिक स्वास्थ्य और नवाचार पर दिया गया विशेष ध्यान स्वास्थ्य सेवा की पूरी मूल्य श्रृंखला को सशक्त करेगा। गैर-संचारी रोगों और मानसिक स्वास्थ्य पर केंद्रित दृष्टिकोण देश की बदलती सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकताओं के अनुरूप है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रौद्योगिकी क्षेत्र से इंटर-टेक के सीईओ श्री चरणजीत सिंह ने बजट को भारत के सतत विकास के लिए एक स्पष्ट और भविष्य उन्मुख रोडमैप बताया। उन्होंने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और क्लाउड कंप्यूटिंग व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे पर मजबूत फोकस भारत को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। इससे मारकोनाइट जैसी उन्नत और जल-स्वतंत्र अर्थिंग समाधानों के लिए भी नए अवसर सृजित होंगे।

पारंपरिक विनिर्माण क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हुए ऑल इंडिया ब्रिक एंड टाइल मैन्युफैक्चरर्स फेडरेशन (AIBTMF) के अध्यक्ष श्री ओमवीर सिंह भाटी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के प्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर मजबूत जोर, पूंजीगत व्यय में वृद्धि और एमएसएमई के लिए लक्षित समर्थन विकसित भारत के विजन के अनुरूप है। टियर-2 और टियर-3 शहरों में शहरी विकास और आवास गतिविधियों में तेजी से ईंट और टाइल उद्योग की मांग को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी, साथ ही उत्पादन क्लस्टरों में आधुनिकीकरण और दक्षता को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुल मिलाकर, नवीकरणीय ऊर्जा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण क्षेत्रों से जुड़े हितधारक केंद्रीय बजट 2026–27 को एक संतुलित, समावेशी और भविष्यदृष्टि वाला नीति ढांचा मानते हैं, जो घरेलू क्षमताओं को मजबूत करने, सतत विकास को प्रोत्साहित करने और भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक ठोस आधार प्रदान करता है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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