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ऑनलाइन सट्टेबाज़ी के खिलाफ डॉ. पॉल का एलान: “यह लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई”

अमेरिकी टैरिफ को बताया ‘अनुचित’, द्विपक्षीय व्यापार के लिए घातक

नई दिल्ली, 7 अगस्त 2025

डॉ. के. ए. पॉल ने गुरुवार को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत में ऑनलाइन सट्टेबाज़ी ऐप्स पर पूर्ण प्रतिबंध की अपनी पुरानी माँग दोहराई। उनका यह बयान 1 अगस्त को माननीय सुप्रीम कोर्ट में दी गई अपनी दलीलों के बाद आया है। डॉ. पॉल ने प्रधानमंत्री और 775 सांसदों को पत्र लिखकर ऐसे सभी ऐप्स पर कानून बनाकर प्रतिबंध लगाने की अपील की है, जो 30 करोड़ युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं और हज़ारों की ज़िंदगियाँ तबाह कर चुके हैं।

डॉ. पॉल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अभिनेता विजय देवरकोंडा से ‘लाइगर’ फिल्म की फंडिंग को लेकर की गई पूछताछ का भी हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर एक सट्टेबाज़ी ऐप कंपनी के पैसे शामिल थे। उन्होंने कहा, “यह बेहद गंभीर मसला है — जब सेलिब्रिटी जानबूझकर या अनजाने में ऐसे प्लेटफॉर्म्स का चेहरा बनते हैं, तो इससे जनता को गुमराह किया जाता है और आपराधिक गतिविधियों को परोक्ष समर्थन मिलता है।”

सट्टेबाज़ी प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते प्रभाव को लेकर लगातार चेतावनी देते रहे डॉ. पॉल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की दखल एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन यह लड़ाई की महज़ शुरुआत है। “मैं पिछले साल से देश को इन सट्टेबाज़ी ऐप्स के बारे में चेतावनी दे रहा हूँ। आज सुप्रीम कोर्ट ने ध्यान दिया है, लेकिन यह काफी नहीं है। अब राजनीतिक दलों को आगे आना होगा और सरकार को बिना शर्त प्रतिबंध सुनिश्चित करना होगा,” उन्होंने कहा।

उन्होंने यह भी कहा कि इन ऐप्स को बगैर किसी रोक-टोक के चलने देना समाज पर गंभीर असर डाल रहा है, खासकर युवाओं पर। डॉ. पॉल के अनुसार, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कानून न बनना एक खतरनाक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तुरंत सख्त नियम लागू नहीं किए गए, तो यह उद्योग ‘मनोरंजन’ और ‘डिजिटल स्वतंत्रता’ के नाम पर लाखों जिंदगियों को बर्बाद करता रहेगा।

ऑनलाइन सट्टेबाज़ी के मुद्दे के अलावा डॉ. पॉल ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीतियों पर भी टिप्पणी की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। उन्होंने ट्रंप द्वारा चीनी सामानों पर पहले लगाए गए टैरिफ और भारत पर भी इसी तरह की संभावित नीति को वैश्विक व्यापार और भारत-अमेरिका संबंधों के लिए नुकसानदायक बताया।

उन्होंने कहा, “भारत को वैश्विक मंच पर अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए तैयार रहना होगा। हम पश्चिमी देशों के टैरिफ संबंधी दबावों के आगे झुक नहीं सकते।”

अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए डॉ. के. ए. पॉल ने साफ कर दिया कि ऑनलाइन सट्टेबाज़ी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ उनका अभियान अब और तेज़ होगा। सुप्रीम कोर्ट की हालिया टिप्पणियों के बाद, उन्होंने नई ऊर्जा के साथ जनमत को जागरूक करने और सांसदों पर दबाव बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी अपील की कि “निमिषा की जल्द रिहाई के लिए सभी प्रार्थना करें।”

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MK

Manoj K Sharma

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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