Monday, 13 July 2026
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दिल्ली में बसों का चक्का जाम, नए नियम के विरोध में चालकों का बड़ा हंगामा, यात्री हुए परेशान

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए कानून के विरोध में दिल्ली के अंदर क्लस्टर बस चालकों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। वजीरपुर के बाद दिल्ली के अन्य इलाकों में ड्राइवरों ने क्लस्टर बस चलाने से इनकार कर दिया है। डीटीसी बसों को भी अलग-अलग इलाकों में रोका जा रहा है।

चालकों का कहना है कि केंद्र सरकार ने नए कानून के तहत सड़क हादसे में मौत होने पर ड्राइवर पर 10 लाख का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान किया है जो कि किसी भी तरह से सही नहीं है। उधर तीन जनवरी को जंतर-मंतर पर ट्रांसपोर्ट यूनियन और चालकों ने व्यापक प्रदर्शन करने का भी फैसला लिया है।

सुबह से यात्री परेशान

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में क्लस्टर बसों के नहीं चलने की वजह से सुबह से यात्री परेशान हैं। सड़कों पर बस स्टॉप पर लोग देर तक बसों का इंतजार करते दिखे। साल के पहले दिन उन्हें दफ्तर और अन्य गंतव्य तक जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्लस्टर बसों के कम चलने की वजह से डीटीसी बसों में अत्यधिक भीड़ है। भीड़ की वजह से यात्रियों ने मेट्रो, ऑटो और टैक्सी जैसे दूसरे विकल्पों को अपनाया।

ये है नया नियम

गौरतलब है कि हाल ही में संसद ने भारतीय न्याय संहिता को मंजूरी दी है जिसे भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के स्थान पर लाया जा रहा है। नए कानून में ‘हिट एंड रन’ के खिलाफ सख्त प्रावधान किया गया है, जिसमें हर साल 50 हजार से अधिक लोगों की जान चली जाती है। नए कानून के मुताबिक यदि कोई चालक दुर्घटना के बाद फरार हो जाता है तो उसे 10 साल तक की जेल हो सकती है। संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने इस कानून के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा था कि उन चालकों के प्रति नरमी बरती जाएगी जो खुद पुलिस को सूचना देंगे और घायल को अस्पताल ले जाएंगे। हालांकि, चालकों की चिंता है कि दुर्घटना के बाद यदि वे मौके पर रहे तो भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।

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Aniket

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लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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