Monday, 03 August 2026
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क्यों Alphabet Inc. ने CEO सुंदर पिचाई की सैलरी को Waymo और AI टार्गेट से जोड़ा?

Google की पैरेंट कंपनी Alphabet ने अपने CEO सुंदर पिचाई को 692 मिलियन डॉलर (करीब 6,360 करोड़ रुपये) का तीन साल का पैकेज दिया है। यह पैकेज Waymo, Wing और AI से जुड़े परफॉर्मेंस टार्गेट्स से लिंक है।

नई दिल्ली: एक लड़का जो चेन्नई में पला-बढ़ा, जिसके घर में बचपन में फ्रिज तक नहीं था, जिसने IIT खड़गपुर से पढ़ाई की और फिर अमेरिका जाकर किस्मत आज़माई — आज उसे एक ऐसा पैकेज मिला है जो शायद आपने सपने में भी न सोचा हो।
Alphabet Inc, जो Google की पैरेंट कंपनी है, ने 7 मार्च 2026 को US Securities and Exchange Commission (SEC) में एक फाइलिंग की। जिसमे बताया गया कि कंपनी के CEO सुंदर पिचाई को अगले तीन सालों में 692 मिलियन डॉलर — यानी करीब 6,360 करोड़ रुपये — तक का पैकेज मिल सकता है।

क्या-क्या शामिल है पैकेज में ?

  • यह पैकेज सिर्फ एक ‘सैलरी’ नहीं है। इसे कई हिस्सों में बांटा गया है:
  • बेस सैलरी — 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये) प्रति साल। यह 2020 से नहीं बदली।
  • परफॉर्मेंस स्टॉक यूनिट्स (PSU) — 126 मिलियन डॉलर के PSU दो बराबर हिस्सों में मिलेंगे। ये S&P 100 कंपनियों के मुकाबले Alphabet के शेयर परफॉर्मेंस पर निर्भर हैं। शानदार प्रदर्शन पर यह 252 मिलियन डॉलर तक हो सकता है।
  • रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक — 84 मिलियन डॉलर के शेयर, तीन साल में हर महीने धीरे-धीरे मिलेंगे।
  • Waymo स्टॉक (सेल्फ-ड्राइविंग कार) — 130 मिलियन डॉलर के शेयर। बेहतर प्रदर्शन पर 260 मिलियन डॉलर तक।
  • Wing Aviation स्टॉक (ड्रोन डिलीवरी) — 45 मिलियन डॉलर के शेयर, जो बढ़कर 90 मिलियन डॉलर हो सकते हैं।

दूसरे Tech CEOs से तुलना

Microsoft CEO सत्या नडेला ने वित्त वर्ष 2025 में 96.5 मिलियन डॉलर कमाए। Apple CEO टिम कुक को 74.3 मिलियन डॉलर मिले। सुंदर पिचाई का यह नया पैकेज टिम कुक की सालाना कमाई से लगभग 9 गुना ज़्यादा है।

Waymo और Wing — भविष्य की बड़ी शर्त

इस पैकेज का बड़ा हिस्सा Waymo (सेल्फ-ड्राइविंग टैक्सी) और Wing (ड्रोन डिलीवरी) की सफलता से जुड़ा है। Waymo अभी कई अमेरिकी शहरों में बिना ड्राइवर की टैक्सी चला रही है। Alphabet का सोच साफ है — अगर पिचाई इन प्रोजेक्ट्स को सफल बनाते हैं, तो वे इनाम के हकदार हैं। अगर नहीं, तो कुछ नहीं।

सुंदर पिचाई: चेन्नई से Silicon Valley तक

Pichai Sundararajan — यही है सुंदर पिचाई का पूरा नाम — का जन्म 10 जून 1972 को मदुरई, तमिलनाडु में हुआ था। बचपन में घर में टेलीफोन और फ्रिज तक नहीं था। उन्होंने IIT खड़गपुर से इंजीनियरिंग, Stanford से MS और Wharton से MBA किया। 2004 में Google जॉइन किया, 2015 में Google के CEO, और 2019 में Alphabet के भी CEO बन गए।
उनकी अगुआई में Alphabet की मार्केट वैल्यू करीब 535 बिलियन डॉलर से बढ़कर 3.6 ट्रिलियन डॉलर से ज़्यादा हो गई — यानी लगभग 7 गुना वृद्धि।

क्या यह सैलरी उचित है?

पक्ष में: Alphabet की वैल्यू 7 गुना बढ़ी। यह पैकेज पूरी तरह परफॉर्मेंस-बेस्ड है — कमाई तभी जब कंपनी आगे बढ़े।
विरोध में: 2023 में Alphabet ने हज़ारों कर्मचारियों की छंटनी की, जबकि CEO की सैलरी बढ़ती रही। एक औसत Google कर्मचारी 2024 में 331,894 डॉलर कमाया — पिचाई की कमाई उससे 32 गुना ज़्यादा थी।

दर पिचाई की यह कहानी सिर्फ एक सैलरी पैकेज की नहीं है। यह उस सोच की कहानी है जिसमें एक मध्यमवर्गीय भारतीय परिवार का बेटा, अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर, दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक को लीड कर रहा है।
6,360 करोड़ रुपये का यह पैकेज चाहे आपको ज़्यादा लगे या सही — एक बात तय है: आज की दुनिया में सही नेतृत्व की कीमत बाज़ार तय करता है। और बाज़ार ने पिचाई की कीमत आंकी है — 6,360 करोड़ रुपये।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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