Thursday, 25 June 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
25 जून 1947: जब एक किशोरी की डायरी ने दुनिया को युद्ध का सबसे मानवीय चेहरा दिखाया, जानिए Anne Frank की कहानी WWE आज भी Chris Benoit का नाम क्यों नहीं लेती? 19 साल पुरानी वह त्रासदी जिसके ज़िक्र से आज भी घबराती है कंपनी NCERT की किताब में पहली बार जुड़ा ‘Emergency’ का अध्याय, जानिए आखिर क्यों इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादित दौर माना जाता है? NKP Salve Story: 1983 विश्व कप फाइनल में नहीं मिली टिकट, तो 1987 में भारत ले आए पूरा विश्व कप, एक ऐसी कहानी जिसने बदल दी भारतीय क्रिकेट का पहचान ग्रीन मैराथन ऑन व्हील्स: नशामुक्त, स्वस्थ और हरित भारत का संदेश लेकर दिल्ली से अयोध्या के लिए रवाना हुई जागरूकता यात्रा MSME Pride Walkathon 2026 ने उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए एक मंच पर लाया 1983 Tihar Jail Escape: जब JNU के 250 छात्र पड़े तिहाड़ पर भारी, जानिए तिहाड़ जेल के सबसे चर्चित ‘जेल ब्रेक’ की कहानी Ketan Agarwal Murder Case: भव्य शादी की तैयारियों के बीच मंगेतर ने रची मौत की साजिश, जानिए केतन अग्रवाल केस का पूरा सच 25 जून 1947: जब एक किशोरी की डायरी ने दुनिया को युद्ध का सबसे मानवीय चेहरा दिखाया, जानिए Anne Frank की कहानी WWE आज भी Chris Benoit का नाम क्यों नहीं लेती? 19 साल पुरानी वह त्रासदी जिसके ज़िक्र से आज भी घबराती है कंपनी NCERT की किताब में पहली बार जुड़ा ‘Emergency’ का अध्याय, जानिए आखिर क्यों इसे भारतीय लोकतंत्र का सबसे विवादित दौर माना जाता है? NKP Salve Story: 1983 विश्व कप फाइनल में नहीं मिली टिकट, तो 1987 में भारत ले आए पूरा विश्व कप, एक ऐसी कहानी जिसने बदल दी भारतीय क्रिकेट का पहचान ग्रीन मैराथन ऑन व्हील्स: नशामुक्त, स्वस्थ और हरित भारत का संदेश लेकर दिल्ली से अयोध्या के लिए रवाना हुई जागरूकता यात्रा MSME Pride Walkathon 2026 ने उद्यमियों, नवाचारकों और युवाओं को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए एक मंच पर लाया 1983 Tihar Jail Escape: जब JNU के 250 छात्र पड़े तिहाड़ पर भारी, जानिए तिहाड़ जेल के सबसे चर्चित ‘जेल ब्रेक’ की कहानी Ketan Agarwal Murder Case: भव्य शादी की तैयारियों के बीच मंगेतर ने रची मौत की साजिश, जानिए केतन अग्रवाल केस का पूरा सच

दिल्ली पुलिस का दावा-देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश, सोशल मीडिया से लेकर धार्मिक स्थलों तक पुलिस अलर्ट पर

नई दिल्ली।

बनारस में ज्ञानवापी मंदिर को लेकर कोर्ट के आदेश, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि से सटी शाही ईदगाह को लेकर विवाद और दिल्ली के महरौली में मस्जिद ढहाए जाने के बाद देश विरोधी ताकतें माहौल खराब करने की कोशिश में जुटी हैं। इसका खुलासा दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच की एक खुफिया रिपोर्ट में हुआ है।

इसी के मद्देनजर दिल्ली में अलर्ट का एक गोपनीय मैसेज सभी जिलों के डीसीपी, ट्रैफिक पुलिस, पीसीआर यूनिट और साइबर यूनिट को भेजा गया है और उनसे शरारती तत्वों पर नजर रखने की हिदायत दी गई है। स्पेशल ब्रांच की ओर से दिल्ली पुलिस की यूनिटों को हाल ही में जारी एडवाइजरी में कहा गया कि सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिश हो रही है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि शरारती तत्व धार्मिक स्थलों में जबरन घुस सकते हैं। इसलिए धार्मिक संगठनों से लेकर मिश्रित आबादी वाले इलाकों में विशेष रूप से निगरानी की जाए। सोशल मीडिया पर भड़काऊ कमेंट करने वालों पर नजर रखें। महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों के बाहर सादी वर्दी में जवानों को तैनात करे। हर शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान सभी धार्मिक स्थलों के आसपास पर्याप्त पुलिस इंतजाम किए जाएं।

सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश

24 जनवरी को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर से जुड़ी एएसआई की एक रिपोर्ट सार्वजनिक हुई थी। इसमें कहा गया था कि मस्जिद का निर्माण औरंगजेब के शासनकाल के दौरान हिंदू मंदिर के अवशेषों पर किया गया था। 31 जनवरी को श्रद्धालुओं को ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर व्यास का तहखाना के अंदर कोर्ट ने पूजा करने की अनुमति दी, जिसके बाद वहां पूजा भी शुरू हो चुकी है। 30 जनवरी को दिल्ली के महरौली इलाके में अतिक्रमण के तहत डीडीए ने पुरानी मस्जिद को ढहा दिया था। इसके बाद से ही मामला गर्माया हुआ है और धार्मिक व राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच सोशल मीडिया पर माहौल को बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।

छिटपुट विवाद की आढ़ में फैला सकते हैं बड़ी गड़बड़ी

अंदेशा है कि आने वाले लोकसभा चुनावों के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता सुर्खियों बटोरने के लिए इस मुद्दे को उछाल सकते हैं। स्पेशल ब्रांच की ओर से अंदेशा जाहिर किया गया है कि छिटपुट विवाद की आढ़ में शरारती तत्व बड़ी गड़बड़ी फैला सकते हैं, इसलिए पुलिस की सभी यूनिटों को विशेष रूप से अलर्ट पर रहने के लिए कहा गया है। खुफिया विभाग ने हिदायत दी है कि तमाम धार्मिक संगठनों और संवेदनशील इलाकों में विशेष नजर रखी जाए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अलर्ट मोड पर रहें।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
Aniket

Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।