Wednesday, 19 August 2026
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एचआरडीएस इंडिया ने हिंसा और पुलिस पर हमलों की कड़ी निंदा की

एचआरडीएस इंडिया ने हालिया प्रदर्शनों में हुई हिंसा, पुलिस पर हमलों और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं की कड़ी निंदा करते हुए कानून-व्यवस्था, लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

नई दिल्ली: एचआरडीएस इंडिया ने राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में जेन-जी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शनों के दौरान सामने आई हिंसा, तोड़फोड़ और सुरक्षाकर्मियों के घायल होने की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

दिल्ली पुलिस के आधिकारिक बयानों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने हिंसक और अव्यवस्थित व्यवहार करते हुए पुलिसकर्मियों पर पथराव और अन्य वस्तुओं से हमला किया। इस दौरान सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया और व्यापक स्तर पर हिंसा हुई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों और महिला पुलिसकर्मियों सहित कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए। साथ ही सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को भी क्षति पहुंची।

एचआरडीएस इंडिया ने स्पष्ट किया कि वह हिंसा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाले सुरक्षाकर्मियों पर हमलों तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा करता है। संगठन का मानना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसे कृत्यों का कोई स्थान नहीं है और किसी भी परिस्थिति में इन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।

भारत एक संवैधानिक लोकतंत्र है, जहां कानून का शासन सर्वोपरि है। प्रत्येक नागरिक, विशेषकर छात्र और युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है। एचआरडीएस इंडिया इस अधिकार का सम्मान करता है और लोकतांत्रिक एवं कानूनी माध्यमों से अपनी चिंताओं को व्यक्त करने के छात्रों के अधिकार का पूर्ण समर्थन करता है।

हालांकि, जब कोई प्रदर्शन हिंसा, पथराव, तोड़फोड़ या सुरक्षाबलों पर हमलों का रूप ले लेता है, तब वह लोकतांत्रिक विरोध की सीमा से बाहर निकलकर सार्वजनिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाता है। किसी भी आंदोलन की गंभीरता कानून की सर्वोच्चता और सामाजिक शांति से ऊपर नहीं हो सकती। कानून-व्यवस्था ही वह आधार है, जिस पर नागरिक अधिकारों का प्रभावी उपयोग और राष्ट्र की प्रगति संभव है।

एचआरडीएस इंडिया उन सभी प्रयासों का विरोध करता है, जिनमें बाहरी तत्व या विदेशी वित्तपोषित संगठन छात्रों की वास्तविक चिंताओं का उपयोग कर अशांति फैलाने का प्रयास करते हैं। संगठन का मानना है कि ऐसे मामलों में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा यदि किसी प्रकार की अवैध वित्तीय या बाहरी भूमिका सामने आती है, तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

संगठन ने संविधान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और निष्पक्ष न्याय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए शासन की संस्थाओं, दिल्ली पुलिस तथा संबंधित प्रशासनिक तंत्र पर विश्वास व्यक्त किया है। साथ ही यह भी कहा कि हिंसा में शामिल व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानून के अनुरूप कार्रवाई होनी चाहिए, जबकि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और हिंसक तत्वों के बीच स्पष्ट अंतर किया जाना आवश्यक है।

एचआरडीएस इंडिया ने युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार द्वारा घोषित उपायों तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की सराहना करते हुए सभी नागरिकों से संविधान, राष्ट्रीय एकता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आह्वान किया।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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